त्वरित लिंक्स
General Science
12 views
मृगतृष्णा (Mirage) का बनना क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गर्म रास्तों पर T-I-R से भ्रम पैदा होता है।
Related Questions
→
आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाली आबादी में एलील आवृत्तियां (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस आबादी पर चयन, उत्परिवर्तन, प्रवासन और आनुवंशिक अपवाह जैसे विकासवादी बल कार्य न कर रहे हों।
2. 'हार्डी-वीनबर्ग समीकरण' $p^2 + 2pq + q^2 = 1$ में, पद '$2pq$' समरूपी (Homozygous) प्रभावी जीनोटाइप की आवृत्ति को दर्शाता है।
3. प्राकृतिक चयन (Natural Selection) का 'स्थाईकारी चयन' (Stabilizing Selection) प्रारूप चरम फेनोटाइप्स के विरुद्ध कार्य करता है और औसत या मध्यवर्ती फेनोटाइप्स पक्ष में होता है, जिससे आबादी की विविधता कम हो जाती है।
4. आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) मुख्य रूप से बड़ी आबादियों में अधिक प्रभावी होता है और यह प्राकृतिक चयन के बिल्कुल विपरीत दिशा में कार्य करता हुआ यादृच्छिक रूप से एलील आवृत्तियों को बदल देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पदार्थ के सामान्य गुण, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह पर पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का कारण अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बल (Cohesive force) हैं, और पृष्ठ तनाव के कारण ही द्रव की बूंदें न्यूनतम क्षेत्रफल घेरने का प्रयास करती हैं जिसके फलस्वरूप वे गोलाकार आकृति धारण करती हैं।
2. ताप में वृद्धि करने पर द्रवों की श्यानता (Viscosity) घट जाती है, जबकि गैसों की श्यानता ताप में वृद्धि के साथ बढ़ जाती है, क्योंकि द्रवों में श्यानता का मुख्य कारण अणुओं के बीच लगने वाला संसंजन है जबकि गैसों में यह अणुओं के बीच होने वाले संवेगमणिम (Momentum transfer) पर आधारित है।
3. जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी तरह या आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो उस पर ऊपर की ओर एक उत्प्लावक बल (Buoyant force) कार्य करता है, जिसका मान उस वस्तु द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर होता है, और यह सिद्धांत केवल तभी लागू होता है जब द्रव का घनत्व वस्तु के घनत्व से अधिक हो।
4. यदि किसी केशिका नली (Capillary tube) को जल में डुबोया जाए, तो जल नली के भीतर ऊपर चढ़ जाता है क्योंकि जल और कांच के बीच का स्पर्श कोण (Angle of contact) अधिक कोण होता है, जिसके कारण ऊपर की ओर परिणामी बल कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
→
मानव पोषण और जैव अणुओं (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा विटामिन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका भंडारण यकृत में कई वर्षों तक हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते और मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाते हैं।
2. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential amino acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर पर्याप्त मात्रा में नहीं हो सकता, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से लेना अनिवार्य होता है; उदाहरण के लिए, वैलीन, ल्यूसिन और फेनिलएलनिन आवश्यक अमीनो अम्ल की श्रेणी में आते हैं।
3. कार्बोहाइड्रेट के संदर्भ में, 'सेलूलोज' एक शाखित पॉलिसैराइड है जो ग्लूकोज की $\alpha$-डी-इकाइयों ($\alpha$-D-glucose) के ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम (सेल्युलेज) की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा स्रोत के रूप में कार्य नहीं कर पाता।
4. विटामिन डी एक वसा-विलेय विटामिन है जो प्रो-विटामिन के रूप में त्वचा में उपस्थित 7-डिडहाइड्रोकोलेस्टेरॉल पर पराबैंगनी किरणों के प्रभाव से संश्लेषित होता है, तथा सक्रिय हॉर्मोन के रूप में यह आंत से कैल्शियम और फॉस्फेट के अवशोषण को नियंत्रित करता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु त्रिज्या में लगातार वृद्धि होती है, किंतु उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) की वांडर वॉल त्रिज्या उनके सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में बहुत अधिक होती है, जिससे उनका आकार अपने आवर्त के अन्य तत्वों की तुलना में सबसे बड़ा प्रतीत होता है।
2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी के सभी तत्वों में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान सर्वाधिक होता है।
3. पोलिंग के विद्युतऋणात्मकता पैमाने के अनुसार, आवर्त सारणी में फ्लोरीन की विद्युतऋणात्मकता सबसे अधिक होती है, जबकि ऑक्सीजन की विद्युतऋणात्मकता नाइट्रोजन से अधिक होती है।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभावस्वरूप 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ अपने ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों के लगभग समान हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
ऊष्मा और तापमापी (Heat and Thermometry) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सेल्सियस और फारेनहाइट तापपैमाने केवल एक विशिष्ट तापमान ($-40^\circ$) पर आपस में बिल्कुल समान संख्यात्मक मान प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि दोनों पैमानों के बीच का संबंध $C/5 = (F - 32)/9$ द्वारा व्यक्त किया जाता है।
2. जब किसी द्रव से भरे हुए कांच के तापमापी (Liquid-in-glass thermometer) का उपयोग किया जाता है, तो तापमापी की रीडिंग पूर्णतः इस बात पर निर्भर करती है कि केवल कांच का प्रसार हो रहा है या केवल द्रव का, क्योंकि कांच और द्रव के आयतन प्रसार गुणांक का अंतर तापमापी के संवेदनशीलता को प्रभावित नहीं करता है।
3. जल का घनत्व $4^\circ\text{C}$ पर अधिकतम होता है, और जब $0^\circ\text{C}$ से जल को गर्म किया जाता है, तो यह $4^\circ\text{C}$ तक पहुँचने पर आयतन में विस्तार (प्रसार) प्रदर्शित करने के बजाय संकुचित होता है, जिसे जल का व्यतिक्रम प्रसार (Anomalous expansion) कहा जाता है।
4. एक आदर्श गैस तापमापी (Ideal gas thermometer) किसी भी वास्तविक गैस के गुणों से स्वतंत्र होता है और यह स्थिर आयतन पर गैस के दाब में परिवर्तन के रैखिक संबंध के आधार पर अत्यधिक व्यापक तापमान परास को मापने के लिए उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.