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General Science
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाली आबादी में एलील आवृत्तियां (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस आबादी पर चयन, उत्परिवर्तन, प्रवासन और आनुवंशिक अपवाह जैसे विकासवादी बल कार्य न कर रहे हों।
- 2. 'हार्डी-वीनबर्ग समीकरण' $p^2 + 2pq + q^2 = 1$ में, पद '$2pq$' समरूपी (Homozygous) प्रभावी जीनोटाइप की आवृत्ति को दर्शाता है।
- 3. प्राकृतिक चयन (Natural Selection) का 'स्थाईकारी चयन' (Stabilizing Selection) प्रारूप चरम फेनोटाइप्स के विरुद्ध कार्य करता है और औसत या मध्यवर्ती फेनोटाइप्स पक्ष में होता है, जिससे आबादी की विविधता कम हो जाती है।
- 4. आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) मुख्य रूप से बड़ी आबादियों में अधिक प्रभावी होता है और यह प्राकृतिक चयन के बिल्कुल विपरीत दिशा में कार्य करता हुआ यादृच्छिक रूप से एलील आवृत्तियों को बदल देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि हार्डी-वीनबर्ग संतुलन के अनुसार आदर्श परिस्थितियों में किसी आबादी की एलील और जीनोटाइप आवृत्तियां स्थिर बनी रहती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि समीकरण में '$2pq$' विषमयुग्मजी (Heterozygous) जीनोटाइप की आवृत्ति को दर्शाता है, जबकि '$p^2$' और '$q^2$' समरूपी (Homozygous) आवृत्तियों को दर्शाते हैं। कथन 3 सही है, 'स्थाईकारी चयन' चरम लक्षणों को हटाकर औसत लक्षणों को बढ़ावा देता है। कथन 4 गलत है क्योंकि आनुवंशिक अपवाह छोटी आबादियों में अधिक प्रभावी होता है, न कि बड़ी आबादियों में।
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धातुओं का राजा किसे कहा जाता है?
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भौतिक राशियों की विमाओं (Dimensions) और उनके एसआई व्युत्पन्न मात्रकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) की विमा $[M^{-1}L^3T^{-2}]$ होती है, और इसका एसआई मात्रक $N \cdot m^2 \cdot kg^{-2}$ होता है।
2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) की विमा $[ML^{-1}T^{-1}]$ होती है, और इसे पास्कल-सेकंड ($Pa \cdot s$) में व्यक्त किया जाता है।
3. पृष्ठ तनाव (Surface Tension) और प्लांक नियतांक (Planck's constant) दोनों की विमाएं पूर्ण रूप से समान होती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कार्बनिक रसायन के अंतर्गत हाइड्रोकार्बन और ईंधनों के रासायनिक गुणों तथा उनके विशिष्ट लक्षणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) के सामान्य सूत्र $C_nH_{2n+2}$ वाले यौगिकों में सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल सहसंयोजक बंध होते हैं, जिसके कारण ये मुख्य रूप से मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free Radical Substitution) अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं।
2. जब एथीन (Ethylene) को अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट ($KMnO_4$) विलयन (बेयर अभिकर्मक) के साथ अभिकृत कराया जाता है, तो यह ऑक्सीकृत होकर एथिलीन ग्लाइकोल का निर्माण करता है, और इस दौरान विलयन का गुलाबी रंग गायब हो जाता है, जिसका उपयोग असंतृप्ति की जाँच के लिए किया जाता है।
3. डीजल ईंधन की ज्वलन गुणवत्ता (Ignition Quality) का निर्धारण उसकी 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) द्वारा किया जाता है, जबकि पेट्रोल या गैसोलीन की स्फोटक-विरोधी (Anti-knock) क्षमता का माप उसकी 'सीटेन संख्या' (Cetane Number) से किया जाता है।
4. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का एक दाब-तरलीकृत मिश्रण होती है, जिसमें सुरक्षा की दृष्टि से तीव्र गंध के लिए एथिल मर्कैप्टेन ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर विभिन्न कोशिका अंगों (Organelles) की संरचना, उनके कार्य और उनके मध्य होने वाली चयापचय अंतःक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केंद्रक झिल्ली (Nuclear Membrane) दोहरी झिल्लीयुक्त संरचना होती है, जिसका बाहरी आवरण खुरदरे अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) से निरंतर जुड़ा होता है और इस पर राइबोसोम संलग्न हो सकते हैं, जबकि इसके छिद्रों (Nuclear Pores) से होकर आरएनए (RNA) और प्रोटीन का द्विदिशीय परिवहन होता है।
2. परॉक्सिसोम (Peroxisome) एक एकल झिल्ली से घिरा कोशिका अंगक है जिसमें कैटालेज और ऑक्सीडेज एंजाइम पाए जाते हैं, जो हाइड्रोजन पेरोक्साइड का अपघटन करने के साथ-साथ वसीय अम्लों के बीटा-ऑक्सीडेशन (Beta-oxidation) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
3. हरित लवक (Chloroplast) के स्ट्रोमा में 'थाइलाकोइड' चपटी थैलियों का एक तंत्र बनाते हैं जिन्हें 'ग्रेना' कहा जाता है, जहाँ प्रकाश संश्लेषण की 'अंकार अभिक्रिया' (Dark Reaction या केल्विन चक्र) संपन्न होती है, जबकि प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया (Light Reaction) स्ट्रोमा में होती है।
4. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर 'क्रिस्टी' (Cristae) नामक अंतर्बलन पाए जाते हैं, जिन पर 'ऑक्सीसोम' (F0-F1 कण) स्थित होते हैं, और यही वह स्थल है जहाँ इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (ETS) के माध्यम से ऑक्सीडेटिव फास्फोरिलीकरण द्वारा एटीपी (ATP) का सर्वाधिक निर्माण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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