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General Science
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बीज?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
नया पौधा।
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पदार्थ के सामान्य गुणों, विशेषकर पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface Tension) उसके अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बलों (Cohesive forces) के कारण होता है, और तापमान में वृद्धि होने पर अधिकांश द्रवों का पृष्ठ तनाव घट जाता है, जबकि साबुन या डिटर्जेंट जैसे पृष्ठसक्रिय एजेंट (Surfactants) मिलाने पर भी जल का पृष्ठ तनाव कम हो जाता है।
2. श्यानता (Viscosity) द्रवों और गैसों का वह आंतरिक गुण है जो उनकी विभिन्न परतों के बीच होने वाली आपेक्षिक गति का विरोध करता है; उच्च ताप पर द्रवों की श्यानता घट जाती है, जबकि गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि होने पर बढ़ती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर आभासी कमी का अनुभव करती है, और उत्प्लावन बल (Buoyant force) विस्थापित द्रव के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है।
4. केशिकत्व (Capillarity) की परिघटना का कारण केवल ससंजक बल है; जब कांच की एक केशिका नली को पारे में डुबोया जाता है, तो पारे का तल नली के भीतर बाहर के तल से ऊपर उठ जाता है क्योंकि पारा और कांच के बीच का संसंजक बल, पारे के अपने अणुओं के संसंजक बल से अधिक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों, उनके सूक्ष्मजीवितीय कारकों तथा नैदानिक परीक्षणों (Diagnostic Tests) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षय रोग (Tuberculosis) के निदान के लिए किया जाने वाला 'मोंटौक्स परीक्षण' (Mantoux test) एक प्रकार का त्वचा परीक्षण (Skin test) है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के विरुद्ध सेल-मीडिएटेड इम्युनिटी की उपस्थिति को दर्शाता है, किंतु यह सक्रिय संक्रमण और पूर्व टीकाकरण या पुरानी ठीक हो चुकी संक्रमण के बीच भेद करने में विफल रहता है।
2. एड्स (AIDS) के संपुष्टि (Confirmatory) परीक्षण के रूप में 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western blot) विधि का उपयोग किया जाता है, जिसमें वायरल प्रोटीन्स को जेल वैद्युतकणसंचलन (Gel electrophoresis) द्वारा अलग करके रोगी के सीरम में मौजूद विशिष्ट एंटीबॉडीज़ की पहचान की जाती है,
3. एन्टामोएबा हिस्टोलिटिका (Entamoeba histolytica) एक परजीवी प्रोटोजोआ है जो मनुष्य की बड़ी आंत में संक्रमण फैलाकर 'अमीबायसिस' या अमीबी पेचिश उत्पन्न करता है, और इसके गंभीर मामलों में यह आंतों की दीवार को भेदकर यकृत (Liver) में गंभीर फोड़ा (Liver abscess) भी बना सकता है।
4. टाइफाइड बुखार के परीक्षण के लिए प्रयुक्त 'विडाल परीक्षण' (Widal test) एक प्रतिजन-प्रतिपिंड (Antigen-Antibody) प्रतिक्रिया पर आधारित एग्लूटीनेशन परीक्षण है, जो 'साल्मोनेला टाइफी' के 'O' और 'H' एंटीजेंस का पता लगाता है, और संक्रमण के पहले सप्ताह में इसकी संवेदनशीलता शत-प्रतिशत सटीक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर करते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद (Gametophyte) होता है जो स्वतंत्र रूप से प्रकाशसंश्लेषण करता है।
2. $C_4$ पादों (जैसे मक्का और गन्ना) में प्रकाश संश्लेषण की दक्षता अधिक होती है क्योंकि इनमें प्रकाश श्वसन (Photorespiration) नगण्य होता है, और कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक स्थिरीकरण पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में 'पेपकेज' (PEPcase) एंजाइम द्वारा होता है, जिससे 4-कार्बन यौगिक ऑक्सोएसेटिक एसिड बनता है।
3. ऑक्सिन (Auxin) एकमात्र ऐसा पादप हार्मोन है जो गैसीय अवस्था में पाया जाता है, और यह फलों के प्राकृतिक पकने तथा त्रिस्तरीय (Triple response) प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्वों (Internodes) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, जबकि साइटोकाइनिंन (Cytokinin) जीर्णता (Senescence) को त्वरित करने और कोशिका विभाजन को रोकने का कार्य करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में प्रतिरक्षी (Antibodies) मुख्य रूप से किस प्रकार के जैव-अणुओं से निर्मित होते हैं और इनका संश्लेषण किस प्रकार की श्वेत रक्त कोशिकाओं द्वारा किया जाता है?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश में वृद्धि के कारण परमाणु त्रिज्या में क्रमिक कमी आती है, किंतु हैलोजन तत्वों की तुलना में उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) की वांडर वाल्स त्रिज्या काफी बड़ी होती है क्योंकि उनकी त्रिज्या का निर्धारण वांडर वाल्स बलों के आधार पर होता है।
2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान सभी तत्वों के लिए ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में ऑक्सीजन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान सल्फर से अधिक होता है।
3. पोलिंग पैमाने के अनुसार आवर्त सारणी में सबसे अधिक विद्युतऋणात्मकता फ्लोरीन की होती है, और किसी परमाणु की विद्युतऋणात्मकता केवल उसकी इलेक्ट्रॉन बंधुता पर निर्भर करती है, न कि उसकी ऑक्सीकरण अवस्था पर।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) का मुख्य कारण $4f$ कक्षकों का अत्यधिक और प्रभावी परिरक्षण (Shielding effect) प्रभाव है, जिसके परिणामस्वरूप 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों का आकार 3d और 4d श्रेणियों के तत्वों की तुलना में बहुत अधिक हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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