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General Science
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कोयला कैसा?

Detailed Explanation

अनवीकरणीय।
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) की अवधारणाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आयनिक बंध (Ionic bond) का निर्माण दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की पूर्ण स्थानांतरण प्रक्रिया द्वारा होता है, और जालक एंथैल्पी (Lattice enthalpy) का उच्च मान आयनिक यौगिक के स्थायित्व को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 2. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, जबकि ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार अम्ल वे पदार्थ हैं जो प्रोटॉन ($H^+$) दान करने की प्रवृत्ति रखते हैं। 3. जब किसी प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार से बने लवण (जैसे अमोनियम क्लोराइड - $NH_4Cl$) का जल अपघटन किया जाता है, तो प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति क्षारीय होती है और इसका pH मान 7 से अधिक होता है। 4. जल का स्व-आयनन (Self-ionization) एक ऊष्माशोषी प्रक्रम है, जिसके कारण तापमान में वृद्धि होने पर जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) बढ़ जाता है, किंतु शुद्ध जल का pH मान 7 से कम हो जाने के बावजूद वह उदासीन ही रहता है क्योंकि उसमें $[H^+]$ और $[OH^-]$ की सांद्रता समान होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? नाभिकीय भौतिकरी और रेडियोएक्टिवता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission) के दौरान किसी भारी नाभिक का दो या दो से अधिक मध्यम आकार के नाभिकों में टूटना द्रव्यमान क्षति (Mass defect) पर आधारित है, जहाँ आइंस्टीन के द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता समीकरण $E = mc^2$ के अनुसार मुक्त हुई ऊर्जा नाभिकीय बंधन ऊर्जा (Binding energy per nucleon) में वृद्धि के कारण होती है। 2. सूर्य और अन्य तारों पर ऊर्जा का मुख्य स्रोत 'नाभिकीय संलयन' (Nuclear Fusion) है, जिसमें अत्यधिक उच्च ताप और दाब पर हल्के हाइड्रोजन नाभिक मिलकर हीलियम नाभिक का निर्माण करते हैं, और यह प्रक्रिया केवल अनियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया के रूप में ही संभव है। 3. रेडियोएक्टिव क्षय के दौरान उत्सर्जित होने वाली 'गामा किरणें' वास्तव में उच्च आवृत्ति की विद्युत चुंबकीय तरंगें होती हैं, जो नाभिक के ऊर्जा स्तरों में संक्रमण के कारण उत्पन्न होती हैं और इनके उत्सर्जन से न तो परमाणु क्रमांक बदलता है और न ही द्रव्यमान संख्या। 4. किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ की अर्ध-आयु (Half-life) उसके प्रारंभिक द्रव्यमान और उस पर बाहरी दाब या तापमान की परिस्थितियों पर निर्भर करती है, जबकि उसका क्षय नियतांक (Decay constant) केवल उस विशिष्ट आइसोटोप की आंतरिक प्रकृति पर निर्भर करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? बीज? जैव विकास (Evolution) के प्रमुख सिद्धांतों और आनुवंशिक विचलन (Genetic Drift) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वेनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, किसी आदर्श आबादी में अलील आवृत्तियाँ पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं, बशर्ते आबादी में उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और अनुवांशिक विचलन का प्रभाव शून्य हो। 2. 'फाउंडर इफेक्ट' (Founder Effect) आनुवंशिक विचलन का एक विशेष उदाहरण है, जो तब होता है जब किसी मूल बड़ी आबादी का एक छोटा सा हिस्सा अलग होकर नई भौगोलिक क्षेत्र में एक नई आबादी की नींव रखता है, जिससे दुर्लभ अलील की आवृत्ति में अचानक परिवर्तन हो सकता है। 3. लामार्कवाद के विपरीत, डार्विन के प्राकृतिक चयन के सिद्धांत ने यह स्पष्ट किया कि जीव अपने जीवनकाल में उपार्जित लक्षणों (Acquired characters) को सीधे अपनी अगली पीढ़ी को वंशागत करते हैं। 4. आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) का प्रभाव बड़ी आबादी की तुलना में छोटी आबादी पर बहुत अधिक और तीव्र गति से पड़ता है, क्योंकि इसमें संयोगवश कुछ अलील पूरी तरह से नष्ट हो सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लैमार्कवाद (Lamarckism) के मूल सिद्धांतों में 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) और 'अंगों का उपयोग व अनुपयोग' शामिल हैं, जिसका खंडन अगस्त वीज़मैन (August Weismann) ने अपने 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of Continuity of Germplasm) के माध्यम से किया था। 2. ह्यूगो डी व्रीस (Hugo de Vries) द्वारा प्रतिपादित 'उत्परिवर्तन सिद्धांत' (Mutation Theory) के अनुसार, जैव विकास क्रमिक और दिशात्मक परिवर्तन के माध्यम से होता है, न कि अचानक और बड़े परिवर्तनों (सॉल्टेशन) के द्वारा। 3. प्राकृतिक चयन (Natural Selection) के 'विदारक' या 'विभाजक चयन' (Disruptive Selection) प्रारूप में औसत फेनोटाइप के जीवों के विरुद्ध चयन होता है और दोनों चरम फेनोटाइप्स के जीवों को प्राथमिकता मिलती है, जिससे अंततः एक ही आबादी दो अलग-अलग जातियों में विभाजित हो सकती है। 4. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, यदि किसी यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाली बड़ी आबादी में विकास संबंधी बल (जैसे उत्परिवर्तन, चयन और आनुवंशिक अपवाह) सक्रिय हों, तब भी एलील आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपरिवर्तित रहती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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