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General Science
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अम्ल का स्वाद?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
खट्टा।
Related Questions
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गोलीय तरंग?
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यूकेरियोटिक कोशिका के केंद्रक, नाभिकीय आवरण और क्रोमैटिन संगठन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केंद्रक झिल्ली (Nuclear membrane) एक द्वि-स्तरीय संरचना है, जिसका बाह्य आवरण अक्सर अंतर्द्रव्यी जालिका (ER) की झिल्ली के साथ निरंतर जुड़ा होता है और इस पर राइबोसोम संलग्न हो सकते हैं, जबकि दोनों झिल्लियों के बीच का परिनिम्नलिखित अवकाश (Perinuclear space) साइटोप्लाज्म से जुड़ा होता है।
2. नाभिकीय छिद्र परिसर (Nuclear pore complex) बड़े प्रोटीन युक्त मार्ग हैं जो केंद्रक और कोशिका द्रव्य के बीच मैक्रोमोलेक्यूल्स (जैसे आरएनए और प्रोटीन) के द्विदिशात्मक परिवहन को नियंत्रित करते हैं, जिसमें सक्रिय परिवहन के लिए 'कारго' (Cargo) प्रोटीन पर 'न्यूक्लियर लोकलाइजेशिन सिग्नल' (NLS) का होना अनिवार्य है।
3. क्रोमैटिन (Chromatin) में डीएनए और हिस्टोन प्रोटीनों का संगठन होता है, जहाँ 'H1 हिस्टोन' प्रोटीन कोर ऑक्टेमर (H2A, H2B, H3 और H4 के दो सेट) के चारों ओर डीएनए को लपेटने से बनने वाले न्यूक्लियोसोम को आपस में जोड़ने और 'सोलेनोइड मॉडल' के तहत क्रोमैटिन फाइबर को संघनित करने में सहायक होता है।
4. केंद्रिका (Nucleolus) केंद्रक के भीतर एक झिल्ली-रहित सघन क्षेत्र है, जो राइबोसोमल आरएनए (rRNA) के अनुलेखन, प्रसंस्करण और राइबोसोमल उप-इकाइयों के संयोजन का प्रमुख स्थल है, और इसका निर्माण क्रोमोसोम पर स्थित 'न्यूक्लियोलस ऑर्गेनाइज़र रीजन्स' (NOR) द्वारा होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों, परासरण दाब और उत्प्रेरण के विशेष संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्यक गुणधर्म है जो विलयन में उपस्थित अवाष्पशील विलेय के मोल अंश के सीधे समानुपाती होता है, बशर्ते विलयन अत्यंत तनु हो।
2. बर्कले-हार्टले विधि (Berkeley-Hartle method) द्वारा परासरण दाब ज्ञात करने की प्रक्रिया में पिस्टन पर लगाया जाने वाला बाहरी दाब विलयन के परासरण दाब से कम होता है, जिससे विलायक के अणुओं की गति विपरीत दिशा में शुरू हो जाती है।
3. 'जिग्लर-नाटा उत्प्रेरक' (Ziegler-Natta catalyst), जो टाइटेनियम टेट्राक्लोराइड और ट्राइऐथिलऐलुमिनियम का मिश्रण है, एक विषमांग उत्प्रेरक का उत्कृष्ट उदाहरण है जिसका उपयोग उच्च घनत्व वाले पॉलीइथिलीन (HDPE) के बहुलकीकरण में किया जाता है।
4. एंजाइम उत्प्रेरण अत्यधिक विशिष्ट प्रकृति के होते हैं और इनकी उत्प्रेरकीय सक्रियता एक निश्चित इष्टतम तापमान (Optimum temperature) तथा इष्टतम pH मान पर अधिकतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस की तरह व्यवहार करने के स्थान पर अपसारी (Diverging) लेंस की भाँति कार्य करने लगता है।
2. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) और उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) के बीच का संबंध $f = R/2$ केवल तब पूरी तरह सत्य होता है जब आपतित किरणें मुख्य अक्ष के अत्यधिक निकट होती हैं (जिन्हें परैक्सियल किरणें या Paraxial rays कहा जाता है)।
3. जब प्रकाश किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी तरंगदैर्ध्य और चाल दोनों घट जाती हैं, किंतु उसकी आवृत्ति (Frequency) अपरिवर्तित रहती है।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) के लिए यह आवश्यक है कि प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाए तथा आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से कम होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. छोटी आंत की श्लेष्मला (Mucosa) में स्थित 'क्रिप्ट्स ऑफ़ लीबरकुन' (Crypts of Lieberkühn) द्वारा स्रावित आंतों का रस (Succus entericus) में उपस्थित 'एंटेरोकाइनेज' (Enterokinase) एंजाइम अग्नाशयी रस के निष्क्रिय 'ट्रिप्सिनोजेन' को सक्रिय 'ट्रिप्सिन' में परिवर्तित करता है, जो आगे अन्य प्रोटीएज को सक्रिय करता है।
2. विश्राम की स्थिति में सामान्य मनुष्य द्वारा अंतःश्वसित और उच्च्वसित वायु की मात्रा 'ज्वारीय आयतन' (Tidal Volume) कहलाती है, जिसका मान स्वस्थ वयस्क में प्रति श्वास लगभग 500 मिलीलीटर होता है, और एक मिनट में कुल वेंटिलेशन लगभग 6000 से 8000 मिलीलीटर प्रति मिनट तक हो सकता है।
3. मानव हृदय के संकुचन के दौरान उत्पन्न होने वाले विद्युत विभवांतर को ग्राफ़ीय रूप से प्रदर्शित करने वाले 'इलेक्ट్రోकार्डियोग्राम' (ECG) में QRS कॉम्प्लेक्स आलिंदों के ध्रुवण (Atrial depolarization) को दर्शाता है, जबकि T-वेव निलय के पुनध्रुवण (Ventricular repolarization) की समाप्ति को निरूपित करती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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