त्वरित लिंक्स
General Science
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यूकेरियोटिक कोशिका के केंद्रक, नाभिकीय आवरण और क्रोमैटिन संगठन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. केंद्रक झिल्ली (Nuclear membrane) एक द्वि-स्तरीय संरचना है, जिसका बाह्य आवरण अक्सर अंतर्द्रव्यी जालिका (ER) की झिल्ली के साथ निरंतर जुड़ा होता है और इस पर राइबोसोम संलग्न हो सकते हैं, जबकि दोनों झिल्लियों के बीच का परिनिम्नलिखित अवकाश (Perinuclear space) साइटोप्लाज्म से जुड़ा होता है।
- 2. नाभिकीय छिद्र परिसर (Nuclear pore complex) बड़े प्रोटीन युक्त मार्ग हैं जो केंद्रक और कोशिका द्रव्य के बीच मैक्रोमोलेक्यूल्स (जैसे आरएनए और प्रोटीन) के द्विदिशात्मक परिवहन को नियंत्रित करते हैं, जिसमें सक्रिय परिवहन के लिए 'कारго' (Cargo) प्रोटीन पर 'न्यूक्लियर लोकलाइजेशिन सिग्नल' (NLS) का होना अनिवार्य है।
- 3. क्रोमैटिन (Chromatin) में डीएनए और हिस्टोन प्रोटीनों का संगठन होता है, जहाँ 'H1 हिस्टोन' प्रोटीन कोर ऑक्टेमर (H2A, H2B, H3 और H4 के दो सेट) के चारों ओर डीएनए को लपेटने से बनने वाले न्यूक्लियोसोम को आपस में जोड़ने और 'सोलेनोइड मॉडल' के तहत क्रोमैटिन फाइबर को संघनित करने में सहायक होता है।
- 4. केंद्रिका (Nucleolus) केंद्रक के भीतर एक झिल्ली-रहित सघन क्षेत्र है, जो राइबोसोमल आरएनए (rRNA) के अनुलेखन, प्रसंस्करण और राइबोसोमल उप-इकाइयों के संयोजन का प्रमुख स्थल है, और इसका निर्माण क्रोमोसोम पर स्थित 'न्यूक्लियोलस ऑर्गेनाइज़र रीजन्स' (NOR) द्वारा होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के सभी कथनों (2, 3 और 4) का विश्लेषण निम्नलिखित है:
- **कथन 1 असत्य है:** केंद्रक झिल्ली का बाह्य और आंतरिक आवरण द्वि-स्तरीय होता है और इनके बीच का परिनिम्नलिखित अवकाश (10-50 nm) अंतर्द्रव्यी जालिका के लुमेन के साथ निरंतर जुड़ा होता है, न कि सीधे साइटोप्लाज्म से।
- **कथन 2 सत्य है:** नाभिकीय छिद्र परिसर (Nuclear Pore Complex) के माध्यम से प्रोटीन और आरएनए का सक्रिय व निष्क्रिय परिवहन होता है, जिसमें बड़े प्रोटीनों के प्रवेश के लिए न्यूक्लियर लोकलाइजेशन सिग्नल (NLS) आवश्यक होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
- **कथन 3 सत्य है:** क्रोमैटिन में हिस्टोन प्रोटीन (H2A, H2B, H3, H4 का ऑक्टेमर) के चारों ओर डीएनए लिपटा रहता है (न्यूक्लियोसोम), और H1 हिस्टोन लिंकर का कार्य करते हुए क्रोमैटिन फाइबर के उच्च-स्तरीय संघनन (सोलेनोइड संरचना) को सुगम बनाता है।
- **कथन 4 सत्य है:** केंद्रिका (Nucleolus) एक झिल्ली-रहित संरचना है जो विशेष रूप से 45S rRNA के संश्लेषण और राइबोसोम की असेंबली के लिए उत्तरदायी होती है।
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तंत्रिका तंत्र की इकाई?
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. पारसिक (Parsec): यह खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है।
2. एकैनॉस्टिकल मात्रक (Astronomical Unit - AU): यह पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी है, जिसका मान लगभग $1.496 imes 10^{11}$ मीटर होता है।
3. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity): CGS पद्धति में इसका मात्रक 'पॉइज' (Poise) है, और इसका विमीय सूत्र $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ होता है।
4. प्रकाश वर्ष (Light-year): यह समय की एक अत्यधिक बड़ी इकाई है जिसका उपयोग ब्रह्मांड की आयु मापने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) के सिद्धांतों और उससे संबंधित नियमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
2. 'लेंज का नियम' (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित विद्युत धारा या प्रेरित विद्युत वाहक बल की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. 'भंवर धाराएँ' (Eddy Currents) किसी चालक में तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग प्रेरण भट्टी (Induction Furnace) में धातुओं को पिघलाने तथा विद्युत ब्रेक (Magnetic braking) प्रणालियों में प्रभावी रूप से किया जाता है।
4. स्वप्रेरकत्व (Self-inductance) किसी कुंडली का वह गुण है जो उसमें प्रवाहित होने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करता है, और इसका एसआई मात्रक 'हेनरी' ($Henry$) है जो कि $Weber/Ampere$ के तुल्य नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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परमाणु संरचना और पदार्थ की अवस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग ने यह सिद्ध किया कि परमाणु का अधिकांश भाग खोखला है और इसका सम्पूर्ण धन आवेश तथा लगभग सम्पूर्ण द्रव्यमान केंद्र में एक अति सूक्ष्म क्षेत्र में केंद्रित रहता है जिसे 'नाभिक' कहा जाता है।
2. 'बोस-आइलैंड संघनन' (Bose-Einstein Condensate - BEC) पदार्थ की पाँचवीं अवस्था है, जिसे अत्यधिक उच्च तापमान और दाब पर गैसों को आयनित करके प्राप्त किया जाता है, जहाँ सभी कण एक ही क्वांटम अवस्था में संघनित हो जाते हैं।
3. पाउच के अपवर्जन सिद्धांत (Pauli's exclusion principle) के अनुसार, किसी परमाणु में किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं ($n, l, m, s$) के मान कभी भी सर्वसम (identical) नहीं हो सकते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और पादप हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनावृतबीजी (Gymnosperms) पौधों में बीज नग्न होते हैं क्योंकि इनमें अंडाशय भित्ति पूर्णतः अनुपस्थित होती है, और इनका भ्रूणपोष (Endosperm) निषेचन से पहले बनने के कारण अगुणित (n) प्रकृति का होता है।
2. केल्विन चक्र (C3 चक्र) में कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक ग्राही एक 5-कार्बन यौगिक 'रिबुलोस 1,5-बिफॉसफेस' (RuBP) होता है, और यह अभिक्रिया 'रुबिस्को' एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है, जो पृथ्वी पर सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला एंजाइम है।
3. साइटोकिनीन (Cytokinin) पादप हॉर्मोन मुख्य रूप से जड़ों के अग्रभाग पर संश्लेषित होता है और यह कोशिका विभाजन को प्रेरित करने के साथ-साथ 'जीर्णता' (Senescence) की प्रक्रिया को विलंब करने में सहायता करता है।
4. प्रकाश संश्लेषण के दौरान प्रकाश-स्वतंत्र अभिक्रिया (Dark reaction या केल्विन चक्र) सीधे तौर पर सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति पर निर्भर करती है और यह पौधे की हरित लवक की थाइलाकोइड झिल्ली में घटित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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