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General Science
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चिपको आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?

Detailed Explanation

सुंदरलाल बहुगुणा।
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घनत्व? मानव शरीर के तंत्रों और उनके जैव रासायनिक कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आमाशय (Stomach) की भित्ति में स्थित पैराइटल कोशिकाएँ (Parietal cells) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) स्रावित करती हैं, जो कि छोटी आंत में विटामिन B12 के अवशोषण के लिए अनिवार्य होता है। 2. फुफ्फुसीय परिसंचरण (Pulmonary circulation) के दौरान, शुद्ध (ऑक्सीजनयुक्त) रक्त फेफड़ों से बाएँ अलिंद (Left atrium) में प्रवेश करता है, जबकि महाधमनी (Aorta) द्वारा शरीर के सभी ऊतकों को अशुद्ध रक्त पंप किया जाता है। 3. तंत्रिका आवेग (Nerve impulse) के संचरण के समय, एक्सॉन झิลी (Axon membrane) पर विश्राम विभव (Resting potential) से क्रिया विभव (Action potential) में परिवर्तन सोडियम आयनों ($Na^+$) के अंतःप्रवाह (Influx) के कारण होता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों—पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र—की सूक्ष्म क्रियात्मक एवं नियमन प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आमाशय की मुख्य या पैप्टिक कोशिकाएँ (Chief or Peptic cells) 'प्रोएन्जाइम पेप्सिनोजेन' का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीन को प्रोटीएज और पेप्टोन में जल-अपघटित करता है। 2. फेफड़ों में गैसीय विनिमय के दौरान, जब रक्त सक्रिय ऊतकों से गुजरता है जहाँ उच्च $CO_2$ सांद्रता, उच्च तापमान और कम $pH$ होता है, तो हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन के प्रति बंधुता घट जाती है, जिससे ऑक्सीजन का विमोचन आसान हो जाता है, जिसे 'बोर प्रभाव' (Bohr effect) कहा जाता है। 3. मानव हृदय के संवहन तंत्र में 'सिनोएट्रियल नोड' (SA Node) प्राकृतिक पेसमेकर के रूप में कार्य करता है, जबकि 'एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड' (AV Node) आवेगों में थोड़ा विलंब उत्पन्न करता है ताकि आलिंदों का संकुचन निलयों के संकुचन से पूर्णतः पहले हो सके। 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में तंत्रिका तंतुओं पर माइलिन आच्छद (Myelin sheath) का निर्माण 'शवान कोशिकाओं' (Schwann cells) द्वारा किया जाता है, जो तंत्रिका आवेगों के संचरण की गति को धीमा कर देती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? यांत्रिकी (Mechanics) में कार्य, ऊर्जा और संवेग के संरक्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब किसी वस्तु पर एक संरक्षी बल (Conservative force) द्वारा कार्य किया जाता है, तो उस बल द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस स्थिति में यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है। 2. प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic collision) में कुल गतिज ऊर्जा और कुल रैखिक संवेग दोनों संरक्षित रहते हैं, जबकि अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic collision) में केवल रैखिक संवेग संरक्षित रहता है, गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती है। 3. कोणीय संवेग संरक्षण का नियम इस बात पर आधारित है कि यदि किसी निकाय पर लगने वाला बाह्य बल आघूर्ण (External Torque) शून्य हो, तो निकाय का कुल कोणीय संवेग नियत रहता है, जैसे कि सूर्य के चारों ओर घूमते हुए ग्रह की कक्षीय गति। 4. अश्वशक्ति (Horsepower) शक्ति की एक व्यावसायिक इकाई है, जहाँ 1 अश्वशक्ति का मान ठीक 746 वाट के बराबर होता है और यह ऊर्जा के परिवर्तन की दर को प्रदर्शित करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? नाभिकीय भौतिकी और रेडियोधर्मिता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बीटा-क्षय ($eta$-decay) के दौरान, नाभिक के भीतर एक न्यूट्रॉन का प्रोटॉन, एक इलेक्ट्रॉन ($e^-$) और एक एंटीन्यूट्रिनो ($ar{ u}$) में रूपांतरण होता है, जो कमजोर नाभिकीय बल (Weak Nuclear Force) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। 2. नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) की प्रक्रिया में अत्यंत उच्च तापमान और दाब की आवश्यकता होती है, क्योंकि दो हल्के नाभिकों को एक-दूसरे के निकट लाने पर उनके बीच लगने वाला कूलॉम प्रतिकर्षीय बल (Coulombic repulsive force) प्रबल होता है, जिसे पार करने के लिए उच्च गतिज ऊर्जा की आवश्यकता होती है। 3. मंदक (Moderator) के रूप में प्रयुक्त होने वाले भारी जल ($D_2O$) या ग्रेफाइट का मुख्य कार्य नाभिकीय रिएक्टर में विखंडन के दौरान उत्पन्न तीव्रगामी न्यूट्रॉनों की गति को मंद करना है ताकि वे यूरेनियम-235 के साथ प्रभावी ढंग से विखंडन अभिक्रिया जारी रख सकें। 4. द्रव्यमान क्षति (Mass Defect) और बंधन ऊर्जा (Binding Energy) के बीच का संबंध यह दर्शाता है कि किसी स्थायी नाभिक का वास्तविक द्रव्यमान उसके व्यक्तिगत न्यूक्लियनों (प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों) के कुल द्रव्यमान से अधिक होता है, जिसके कारण ऊर्जा का उत्सर्जन होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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