त्वरित लिंक्स
General Science
11 views
मानव शरीर के तंत्रों और उनके जैव रासायनिक कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आमाशय (Stomach) की भित्ति में स्थित पैराइटल कोशिकाएँ (Parietal cells) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) स्रावित करती हैं, जो कि छोटी आंत में विटामिन B12 के अवशोषण के लिए अनिवार्य होता है।
- 2. फुफ्फुसीय परिसंचरण (Pulmonary circulation) के दौरान, शुद्ध (ऑक्सीजनयुक्त) रक्त फेफड़ों से बाएँ अलिंद (Left atrium) में प्रवेश करता है, जबकि महाधमनी (Aorta) द्वारा शरीर के सभी ऊतकों को अशुद्ध रक्त पंप किया जाता है।
- 3. तंत्रिका आवेग (Nerve impulse) के संचरण के समय, एक्सॉन झิลी (Axon membrane) पर विश्राम विभव (Resting potential) से क्रिया विभव (Action potential) में परिवर्तन सोडियम आयनों ($Na^+$) के अंतःप्रवाह (Influx) के कारण होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि आमाशय की पैराइटल (ऑक्सिनटिक) कोशिकाओं द्वारा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और 'कैसल का आंतरिक कारक' (Intrinsic factor) स्रावित किया जाता है, जो विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) के अवशोषण के लिए आवश्यक होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि फुफ्फुसीय परिसंचरण में फेफड़ों से शुद्ध रक्त बाएँ अलिंद में आता है, किंतु महाधमनी द्वारा शरीर के विभिन्न अंगों को **ऑक्सीजनयुक्त (शुद्ध) रक्त** पंप किया जाता है, न कि अशुद्ध रक्त। कथन 3 सही है क्योंकि एक्सॉन झिल्ली पर तंत्रिका आवेग के विसर्जन के दौरान $Na^+$ आयनों का अंतःप्रवाह होता है जिससे ध्रुवीकरण समाप्त होकर क्रिया विभव उत्पन्न होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
परमाणु भार?
→
कार्बनिक रसायन और हाइड्रोकार्बन के वैचारिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल (Single) सहसंयोजक बंध होते हैं, और ये मुख्य रूप से मुक्त मूलक प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं (Free radical substitution reactions) में भाग लेते हैं।
2. 'मार्कोवनीकॉव नियम' (Markovnikov's Rule) के अनुसार, किसी असममित एल्कीन पर सममित या असममित अभिकर्मक (जैसे HBr) के योग के दौरान, अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग उस द्विआबंधी कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
3. 'एसेटिलीन' (Acetylene) या एथाइन एक ऐल्काइन है, जिसे जब लाल तप्त लोहे की नली में 873 K तापमान पर प्रवाहित किया जाता है, तो यह चक्रीय बहुलकीकरण (Cyclic polymerization) के माध्यम से बेंजीन का निर्माण करता है।
4. पेट्रोलियम शोधन के दौरान 'ऑकोटेन संख्या' (Octane Number) पेट्रोल की 'अपस्फोटन-रोधी' (Anti-knocking) क्षमता का माप होती है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या वाला ईंधन (जैसे आइसो-ऑक्टेन) निम्न ऑक्टेन संख्या वाले ईंधन (जैसे एन-हेप्टेन) की तुलना में इंजन में बेहतर प्रदर्शन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगकारकों (Pathogens) और उनके संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy), जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, एक दीर्घकालिक जीवाणु जनित संक्रमण है जो 'माइकोबैक्टीरियम लेप्री' (Mycobacterium leprae) के कारण होता है और यह मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं तथा त्वचा को प्रभावित करता है।
2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित तीव्र न्यूरोलॉजिकल रोग है जो लिस्सावायरस (Lyssavirus) के कारण होता है, और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को संक्रमित करने के बाद इस रोग की मृत्यु दर लगभग 100% तक होती है।
3. 'कालाजार' (Kala-azar) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो 'लिसरनिया डोनोवानी' (Leishmania donovani) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी) के काटने से होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
मानव शरीर के परिसंचरण और श्वसन तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव हृदय में दाएं अलिंद और दाएं निलय के बीच 'त्रिवलनी कपाट' (Tricuspid valve) उपस्थित होता है, जो अशुद्ध रक्त को केवल अलिंद से निलय की ओर प्रवाहित होने देता है और इसके विपरीत प्रवाह को रोकता है।
2. फेफड़ों में गैसीय विनिमय (O₂ और CO₂) की प्रक्रिया मुख्य रूप से 'कूपिकाओं' (Alveoli) की पतली उपकला और रक्त केशिकाओं की झिल्ली के बीच सरल विसरण (Simple diffusion) के माध्यम से होती है, जो आंशिक दाब प्रवणता पर निर्भर करती है।
3. रुधिर में कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन मुख्य रूप से प्लाज्मा में घुलित अवस्था (लगभग 70%) में होता है, जबकि ऑक्सीजन का अधिकांश भाग (लगभग 97%) हीमोग्लोबिन के साथ 'ऑक्सीहीमोग्लोबिन' के रूप में वाहक बनता है।
4. फुफ्फुस धमनी (Pulmonary artery) एक ऐसी अपवादस्वरूप धमनी है जो शरीर के विभिन्न अंगों से डीऑक्सीजनेटेड (अशुद्ध) रक्त को हृदय से फेफड़ों तक ले जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भौतिक राशियों की विमाओं (Dimensions) और मात्रकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी भी भौतिक राशि की विमाएँ यह दर्शाती हैं कि उस राशि को व्यक्त करने के लिए मूल इकाइयों पर कौन-कौन सी घातें (Exponents) चढ़ाई जाती हैं, और विमीय विश्लेषण का उपयोग केवल समीकरणों की सत्यता की जाँच करने के लिए किया जा सकता है, नए भौतिक संबंधों को व्युत्पन्न करने के लिए नहीं।
2. 'प्लांग स्थिरांक' (Planck's constant) और 'कोणीय संवेग' (Angular momentum) दोनों की विमीय सूत्र (Dimensional formula) सर्वथा समान होती है, जो कि $[ML^2T^{-1}]$ है।
3. पार्सेक (Parsec) और प्रकाश वर्ष (Light-year) दोनों खगोलीय दूरियाँ मापने के मात्रक हैं, जिनमें से 1 पार्सेक का मान लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.