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General Science
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पूर्ण आंतरिक परावर्तन?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हीरा चमकना।
Related Questions
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गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र और उपग्रहों की गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की सतह से अनंत दूरी पर गुरुत्वाकर्षण विभव (Gravitational potential) का मान शून्य माना जाता है, और किसी पिंड को अनंत से गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के भीतर किसी बिंदु तक लाने में किया गया कार्य ऋणात्मक होता है, जिससे उस बिंदु पर विभव ऋणात्मक हो जाता है।
2. दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगाते हुए उपग्रह की कुल ऊर्जा ऋणात्मक होती है, जो इस बात को दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी से गुरुत्वाकर्षण रूप से बंधा हुआ है, तथा इस कुल ऊर्जा का मान गतिज ऊर्जा का आधा और स्थितिज ऊर्जा के परिमाण के आधे के बराबर होता है।
3. यदि पृथ्वी अपने वर्तमान कोणीय वेग से अपनी अक्ष पर घूमना बंद कर दे (अर्थात उसका घूर्णन रुक जाए), तो विषुवत रेखा पर रखी वस्तुओं के भार में आभासी वृद्धि होगी और वहाँ गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान अधिकतम हो जाएगा।
4. केप्लर के ग्रहीय गति के तृतीय नियम के अनुसार, किसी ग्रह के परिक्रमण काल ($T$) का वर्ग उसकी सूर्य से औसत दूरी ($r$) के घन के अनुक्रमानुपाती होता है, और यह नियम केंद्रीय बलों के व्युत्क्रम-वर्ग नियम (Inverse-square law) पर आधारित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विलयन और उत्प्रेरण (Solutions and Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राउल्ट के नियम (Raoult's law) के अनुसार, किसी वाष्पशील विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलयन में उपस्थित विलेय के मोल अंश (Mole fraction) के ठीक बराबर होता है।
2. 'सजातीय उत्प्रेरण' (Homogeneous catalysis) वह प्रक्रिया है जिसमें उत्प्रेरक और अभिकारक दोनों एक ही भौतिक अवस्था (जैसे कि सभी द्रव या सभी गैस) में होते हैं, जबकि 'विषमांगी उत्प्रेरण' (Heterogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक अलग-अलग भौतिक अवस्थाओं में होते हैं, जिसमें अधिकांशतः ठोस उत्प्रेरक और गैसीय अभिकारक प्रयुक्त होते हैं।
3. ऋणात्मक उत्प्रेरण (Negative catalysis) के अंतर्गत उत्प्रेरक किसी रासायनिक अभिक्रिया के वेग को बढ़ाने के लिए उसकी सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) को अत्यधिक बढ़ा देता है, जिससे अभिकारकों के लिए ऊर्जा अवरोध पार करना कठिन हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों की जटिल जैव-रासायनिक संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) की सतह पर पाए जाने वाले ABO रक्त समूह के प्रतिजन (Antigens) सीधे प्रोटीन के रूप में संश्लेषित नहीं होते हैं, बल्कि यह ओलिगोसैक्राइड श्रृंखलाएँ होती हैं जिनका निर्माण ग्लाइकोसिलट्रांसफेरेज एंजाइमों द्वारा एक पूर्ववर्ती 'H-एंटीजन' पर शर्करा इकाइयों के जुड़ने से होता है।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_h$ फिनोटाइप) वाले व्यक्तियों में FUT1 जीन के उत्परिवर्तन के कारण H-एंटीजन का पूर्णतः अभाव होता है, जिसके परिणामस्वरूप उनके प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B एंटीबॉडी के साथ-साथ एक विशिष्ट 'एंटी-H' एंटीबॉडी भी उपस्थित होती है, जो उन्हें किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (जैसे O, A, B, AB) से रक्त प्राप्त करने से रोकती है।
3. Rh-असंगतता (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति में, प्रथम गर्भधारण के दौरान माँ के शरीर में बनने वाली प्रारंभिक एंटी-Rh एंटीबॉडी मुख्य रूप से उच्च आणविक भार वाली $IgM$ प्रकार की होती हैं, जो प्लेसेंटा को आसानी से पार कर लेती हैं और प्रथम Rh-धनात्मक शिशु को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।
4. रुधिर स्कंदन (Blood Coagulation) की आंतरिक प्रणाली (Intrinsic pathway) की शुरुआत तब होती है जब रक्त वाहिका के उपकला आवरण की क्षति के बाद संपर्क कारकों (Contact factors) जैसे कि फैक्टर XII और प्रीकैलिक्रिन की सक्रियता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में जल-विलेय और वसा-विलेय विटामिनों के अवशोषण, परिवहन और भंडारण (Absorption, Transport and Storage) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सभी जल-विलेय विटामिन (जैसे विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स और विटामिन सी) को शरीर में यकृत (Liver) के भीतर दीर्घकालिक रूप से संग्रहीत किया जा सकता है, जिससे इनकी दैनिक आपूर्ति अनिवार्य नहीं होती है।
2. वसा-विलेय विटामिनों (जैसे विटामिन A, D, E और K) का अवशोषण आंतों में वसा और पित्त लवणों (Bile salts) की उपस्थिति पर निर्भर करता है, और ये मुख्य रूप से यकृत तथा वसा ऊतकों (Adipose tissues) में संचित होते हैं।
3. विटामिन $B_{12}$ एक ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में कई महीनों से लेकर वर्षों तक यकृत में संग्रहीत रह सकता है, जिसके लिए जठर रस में 'कैसल के आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, जो राउल्ट के नियम का सीधा परिणाम है।
2. वेंट-हॉफ कारक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए हमेशा एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में पूर्ण रूप से संघनित (Association) हो जाते हैं, क्योंकि अणुओं के जुड़ने से कणों की कुल संख्या बढ़ जाती है।
3. जिओलाइट्स (Zeolites) त्रि-विमीय सिलिकेट नेटवर्क संरचना वाले सूक्ष्मछिद्रित उत्प्रेरक हैं जो 'आकार-वरण उत्प्रेरण' (Shape-selective Catalysis) प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि इनकी उत्प्रेरकीय सक्रियता अभिकारकों और उत्पादों के अणुओं के आकार तथा छिद्रों के आकार पर निर्भर करती है।
4. समांग उत्प्रेरण में उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न-भिन्न भौतिक अवस्थाओं में होते हैं, जबकि विषमांग उत्प्रेरण में वे एक ही भौतिक अवस्था में उपस्थित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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