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General Science
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, जो राउल्ट के नियम का सीधा परिणाम है।
  2. 2. वेंट-हॉफ कारक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए हमेशा एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में पूर्ण रूप से संघनित (Association) हो जाते हैं, क्योंकि अणुओं के जुड़ने से कणों की कुल संख्या बढ़ जाती है।
  3. 3. जिओलाइट्स (Zeolites) त्रि-विमीय सिलिकेट नेटवर्क संरचना वाले सूक्ष्मछिद्रित उत्प्रेरक हैं जो 'आकार-वरण उत्प्रेरण' (Shape-selective Catalysis) प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि इनकी उत्प्रेरकीय सक्रियता अभिकारकों और उत्पादों के अणुओं के आकार तथा छिद्रों के आकार पर निर्भर करती है।
  4. 4. समांग उत्प्रेरण में उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न-भिन्न भौतिक अवस्थाओं में होते हैं, जबकि विषमांग उत्प्रेरण में वे एक ही भौतिक अवस्था में उपस्थित होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि राउल्ट के नियम के अनुसार, किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन विलयन में उपस्थित विलेय के मोल अंश के बराबर होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि संघनित (Association) होने वाले विलेय पदार्थों (जहाँ दो या दो से अधिक अणु मिलकर एक बड़ा अणु बनाते हैं) के लिए कणों की संख्या घट जाती है, जिससे वेंट-हॉफ कारक ($i$) का मान 1 से कम होता है, न कि अधिक। कथन 3 सही है क्योंकि जिओलाइट्स अपने विशिष्ट छिद्रयुक्त जालीदार (honeycomb-like) ढांचे के कारण आकार-वरण उत्प्रेरण (Shape-selective Catalysis) दर्शाते हैं, जिसके बारे में आप विकिपीडिया संदर्भ पर विस्तार से पढ़ सकते हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि समांग उत्प्रेरण (Homogeneous Catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक दोनों समान भौतिक अवस्था में होते हैं, जबकि विषमांग उत्प्रेरण (Heterogeneous Catalysis) में वे भिन्न भौतिक अवस्थाओं में होते हैं।
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