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भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, परिवहन अवसंरचना (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और जलमार्ग) तथा बंदरगाहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'छोटा नागपुर औद्योगिक प्रदेश' भारत के खनिज-समृद्ध पठारी क्षेत्र में स्थित है, जहाँ लोहा और इस्पात, भारी इंजीनियरिंग, तांबा और सीमेंट उद्योगों का संकेंद्रण पाया जाता है, और इस क्षेत्र के तीव्र औद्योगीकरण का मुख्य आधार यहाँ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कोयला, लौह अयस्क और अभ्रक जैसे खनिज भंडार हैं।
  2. 2. भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44 (NH-44) देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है, जो उत्तर में श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किलोमीटर की लंबाई में फैला हुआ है।
  3. 3. कोंकण रेलवे (Konkan Railway) परियोजना भारतीय रेल इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो महाराष्ट्र के रोहा से शुरू होकर गोवा होते हुए कर्नाटक के मंगलुरु तक कुल लगभग 741 किलोमीटर की लंबाई में पश्चिमी घाट की कठिन पहाड़ियों और सुरंगों से गुजरती है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-3 (NW-3), जिसे 'वेस्ट कोस्ट कैनाल' भी कहा जाता है, केरल में कोट्टापुरम से कोल्लम तक 205 किलोमीटर की लंबाई में स्थित है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। छोटा नागपुर औद्योगिक प्रदेश भारत का प्रमुख खनिज आधारित औद्योगिक क्षेत्र है। NH-44 देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है जो श्रीनगर को कन्याकुमारी से जोड़ता है। कोंकण रेलवे पश्चिमी घाट की दुर्गम पहाड़ियों से गुजरने वाली एक महत्वपूर्ण रेल परियोजना है। इसके अतिरिक्त, केरल में स्थित राष्ट्रीय जलमार्ग-3 (वेस्ट कोस्ट कैनाल) कोट्टापुरम से कोल्लम तक फैला हुआ है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन के विकास और रख-रखाव की जिम्मेदारी भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) की है।
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों (कोयला, पेट्रोलियम, परमाणु खनिज) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में मिलने वाला अधिकांश कोयला 'गोंडवाना कोयला' (Gondwana Coal) है, जो आयु में टर्शियरी कोयले से प्राचीन है और देश के कुल कोयला भंडार तथा उत्पादन का लगभग 98% हिस्सा प्रदान करता है, जिसमें उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला प्रमुख रूप से दामोदर घाटी बेसिन में पाया जाता है। 2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) भारत का सबसे बड़ा अपतटीय पेट्रोलियम क्षेत्र है, जो खंभात की खाड़ी के शेल्फ क्षेत्र में स्थित है और यहाँ पेट्रोलियम का उत्पादन मुख्य रूप से 'मिओसीन' (Miocene) युग की चूना पत्थर की संरचनाओं से प्राप्त होता है। 3. 'यूरेनियम' (Uranium) के उत्पादन में झारखंड का 'जादुगुड़ा' खान सबसे प्रसिद्ध है, इसके अलावा आंध्र प्रदेश के तुममलापल्ली क्षेत्र में विश्व के सबसे बड़े यूरेनियम भंडारों में से एक का पता चला है जो मुख्य रूप से कार्बोनेट चट्टानों में स्थित है। 4. 'थोरियम' (Thorium) के मुख्य स्रोत 'मोनाज़ाइट' (Monazite) रेत के विशाल भंडार केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की संरचना, प्रवाह पैटर्न और भूवैज्ञानिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ मुख्य रूप से पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का निर्माण करती हैं, जिनमें 'सिंधु', 'सतलज' और 'ब्रह्मपुत्र' नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले से प्रवाहित हो रही थीं और उत्थान के साथ-साथ गहरी महाखड्डों (Gorges) का निर्माण करती गईं। 2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ अपने विकास के अंतिम और परिपक्व चरण में आधार तल (Base Level) को प्राप्त कर चुकी हैं, जिसके कारण ये अपने मार्ग में व्यापक विसर्पण (Meandering) करती हैं और पश्चिमी घाट से निकलकर पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ बंगाल की खाड़ी में विस्तृत डेल्टा बनाती हैं। 3. 'चंबल', 'बेत्वा', 'केन' और 'सोन' नदियाँ यमुना और गंगा की प्रमुख प्रायद्वीपीय सहायक नदियाँ हैं, जो मालवा और विंध्यन क्षेत्रों से उत्तर की ओर बहते हुए गंगा-यमुना प्रणाली में मिलती हैं और चंबल नदी तीव्र मृदा अपरदन के कारण 'उत्खात भूमि' (Badland Topography) का निर्माण करती है। 4. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ बारहमासी (Perennial) प्रकृति की होती हैं क्योंकि इन्हें ग्रीष्मकाल में हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने से निरंतर जल की आपूर्ति प्राप्त होती है और ये पूरी तरह से मानसून पर निर्भर नहीं होती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सौर मंडल के ग्रहों, उनकी गतिशीलता और खगोलीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 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