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Geography
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भारत के वन आवरण, राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभ्यारण्यों के भौगोलिक वितरण तथा उनकी पारिस्थितिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 24.62% हिस्सा वन और वृक्षावरण (Forest and Tree Cover) के अंतर्गत आता है, जिसमें कुल वन क्षेत्र में सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला राज्य मध्य प्रदेश है, जबकि कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के प्रतिशत के रूप में सर्वाधिक वन आवरण मिजोरम राज्य में पाया जाता है।
- 2. असम राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी के बाढ़ के मैदानों में स्थित 'काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान' एक सींग वाले गैंडे (Greater One-horned Rhinoceros) का प्रमुख प्राकृतिक आवास है, जिसे यूनेस्को द्वारा प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है और यह उद्यान हाथियों, जंगली भैंसों तथा बारहसिंगा की आबादी के लिए भी प्रसिद्ध है।
- 3. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित 'कैंपबेल बे राष्ट्रीय उद्यान' (Campbell Bay National Park) देश का सबसे दक्षिण में स्थित राष्ट्रीय उद्यान है, जो ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित है और उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों से आच्छादित है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान 'जिम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान' (पूर्व में हेली नेशनल पार्क) है, जिसकी स्थापना 1936 में उत्तराखंड के नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल जिलों में की गई थी, और यह भारत की पहली 'प्रोजेक्ट टाइगर' पहल का केंद्र बिंदु भी रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारत में वन क्षेत्र और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े तथ्य सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। 1. 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार भारत का कुल वन और वृक्षावरण देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 24.62% है, जिसमें क्षेत्रफल के हिसाब से मध्य प्रदेश प्रथम स्थान पर है तथा प्रतिशत के आधार पर मिजोरम शीर्ष पर है। 2. असम का काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडों के संरक्षण के लिए विश्वप्रसिद्ध है और यूनेस्को की सूची में शामिल है। 3. अंडमान का कैंपबेल बे नेशनल पार्क देश के सबसे दक्षिण छोर पर स्थित राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार हेली नेशनल पार्क (वर्तमान जिम कार्बेट) भारत का सर्वप्रथम स्थापित राष्ट्रीय उद्यान है।
Related Questions
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets), क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सभी बाह्य ग्रह (बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण) पार्थिव ग्रहों की तुलना में अत्यधिक बड़े आकार के होते हैं और इनका अधिकांश भाग गैसीय तथा तरल पदार्थों से बना होने के कारण इनका घनत्व कम होता है।
2. 'उल्कापिंड' (Meteoroids) अंतरिक्ष में घूमने वाले छोटे ठोस टुकड़े होते हैं, जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर घर्षण के कारण जल जाते हैं और इन्हें सामान्यतः 'टूटे हुए तारे' कहा जाता है, तथा जो उल्कापिंड पूरी तरह से जल नहीं पाते और पृथ्वी की सतह से टकराते हैं, उन्हें 'उल्कापात' (Meteorites) कहा जाता है।
3. 'हॉली का धूमकेतु' (Halley's Comet) एक दीर्घवृत्ताकार कक्षा में सूर्य की परिक्रमा करने वाला बर्फीला खगोलीय पिंड है, जो हर 76 वर्षों में एक बार पृथ्वी के निकट दिखाई देता है, और यह कूपर बेल्ट क्षेत्र से उत्पन्न होने वाला एकमात्र धूमकेतु है।
4. 'सॉर्ट्स' या सौर मंडल के बौने ग्रहों (Dwarf Planets) की श्रेणी में प्लूटो (Pluto), एरिस (Eris), और मेकमेके (Makemake) शामिल हैं, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा वर्ष 2006 में प्राग सम्मेलन में नए मानदंडों के आधार पर पारंपरिक ग्रहों की सूची से बाहर कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (जैवियन ग्रहों) और उनके विशिष्ट उपग्रहों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सभी बाह्य ग्रहों (बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण) में ठोस धरातल का अभाव होता है और ये मुख्य रूप से हाइड्रोजन एवं हीलियम जैसी गैसों से बने होते हैं, किंतु अत्यधिक दाब के कारण इनके आंतरिक क्रोड में 'धात्विक हाइड्रोजन' की परत पाई जाती है।
2. शनि ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' (Titan) हमारे सौर मंडल का एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसका अपना सघन वायुमंडल (मुख्य रूप से नाइट्रोजन युक्त) है और इसकी सतह पर तरल मीथेन तथा एथेन के झील एवं सागर पाए जाते हैं।
3. 'यूरोपा' (Europa) शनि ग्रह का एक प्रमुख उपग्रह है, जिसकी बर्फीली सतह के नीचे तरल पानी का एक विशाल वैश्विक महासागर होने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं, जहाँ पृथ्वी की तुलना में अधिक मात्रा में जल विद्यमान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत में ऊर्जा खनिजों और परमाणु ईंधनों के वितरण तथा उनकी भू-वैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का अधिकांश यूरेनियम भंडार धारवाड़ क्रम की चट्टानों में पाया जाता है, जिसमें झारखंड का जादूगोड़ा क्षेत्र प्रमुख है, जबकि थोरियम का विशाल भंडार मुख्य रूप से केरल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों की 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) में संकेंद्रित है।
2. भारत में लिग्नाइट कोयले का सबसे बड़ा भंडार तमिलनाडु के नेवेली बेसिन में पाया जाता है, इसके अलावा राजस्थान, गुजरात और जम्मू-कश्मीर राज्यों में भी लिग्नाइट के निक्षेप मिलते हैं।
3. देश के पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र में स्थित 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) पेट्रोलियम क्षेत्र में खनिज तेल का संचयन मुख्यतः इओसीन (Eocene) युग की चूना पत्थर की परतों में पाया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की परमाणु ऊर्जा नीति के त्रि-चरण (Three-Stage) कार्यक्रम का दूसरा चरण प्राकृतिक यूरेनियम और प्लूटोनियम के संकरण पर आधारित 'फास्ट ब्रीडर रिएक्टर' (FBR) तकनीक का उपयोग करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों और उनके विशिष्ट रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मिट्टियाँ (Red and Yellow Soils) मुख्य रूप से प्राचीन रवेदार और रूपांतरित चट्टानों पर लौह धातु के व्यापक विसरण (Diffusion) के कारण बनती हैं, और ये ऊपरी भागों में लाल रंग की तथा निचले गहरे गड्ढों में जलयोजन (Hydration) के कारण पीले रंग की दिखाई देती हैं।
2. काली मृदा (Black Soil), जिसे स्थानीय रूप से 'रेगुर मृदा' कहा जाता है, अत्यधिक आर्द्रता की स्थिति में चिपचिपी हो जाती है और सूखने पर इसमें चौड़ी व गहरी दरारें पड़ जाती हैं, जिससे इसमें स्वतः जुताई (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है।
3. लेटराइट मृदा (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) की प्रक्रिया का परिणाम है, जिसमें चूना और सिलिका का बड़े पैमाने पर क्षालन हो जाता है तथा लौह एवं एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष रह जाते हैं।
4. लवणीय और क्षारीय मृदाओं (Saline and Alkaline Soils), जिन्हें 'रेर', 'उह्र', और 'कल्लर' भी कहा जाता है, में सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवणों की अधिकता होती है, और ये मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ होने के कारण धान की खेती के लिए सर्वोत्तम मानी जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों के संचरण और चट्टानों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गुटेनबर्ग असंभाव्यता' (Gutenberg Discontinuity) पृथ्वी के मेंटल (Mantle) और क्रोड (Core) की सीमा पर स्थित है, जहाँ प्राथमिक (P) भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक भारी गिरावट आती है और द्वितीयक (S) तरंगें पूरी तरह से लुप्त (Absorb) हो जाती हैं।
2. रूपांतरित या कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप, दाब और रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के प्रभाव से अपने मूल रूप को बदल लेती हैं, उदाहरण के लिए 'चूना पत्थर' (Limestone) के कायांतरण से 'संगमरमर' (Marble) और 'शेल' (Shale) के कायांतरण से 'स्लेट' (Slate) का निर्माण होता है।
3. पृथ्वी की पपड़ी (Crust) में सर्वाधिक मात्रा में पाया जाने वाला धातु तत्व 'लोहा' (Iron) है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी के कुल द्रव्यमान में सर्वाधिक प्रचुर मात्रा 'ऑक्सीजन' और 'सिलिकॉन' तत्त्वों की होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की ऊपरी पर्पटी (Continental Crust) का औसत घनत्व लगभग 2.7 g/cm³ होता है और यह मुख्य रूप से 'सिलिका और एल्युमिनियम' (Sial) से बनी होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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