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Geography
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भारत में ऊर्जा खनिजों और परमाणु ईंधनों के वितरण तथा उनकी भू-वैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत का अधिकांश यूरेनियम भंडार धारवाड़ क्रम की चट्टानों में पाया जाता है, जिसमें झारखंड का जादूगोड़ा क्षेत्र प्रमुख है, जबकि थोरियम का विशाल भंडार मुख्य रूप से केरल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों की 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) में संकेंद्रित है।
- 2. भारत में लिग्नाइट कोयले का सबसे बड़ा भंडार तमिलनाडु के नेवेली बेसिन में पाया जाता है, इसके अलावा राजस्थान, गुजरात और जम्मू-कश्मीर राज्यों में भी लिग्नाइट के निक्षेप मिलते हैं।
- 3. देश के पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र में स्थित 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) पेट्रोलियम क्षेत्र में खनिज तेल का संचयन मुख्यतः इओसीन (Eocene) युग की चूना पत्थर की परतों में पाया जाता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की परमाणु ऊर्जा नीति के त्रि-चरण (Three-Stage) कार्यक्रम का दूसरा चरण प्राकृतिक यूरेनियम और प्लूटोनियम के संकरण पर आधारित 'फास्ट ब्रीडर रिएक्टर' (FBR) तकनीक का उपयोग करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूरी तरह से सत्य हैं। 1. भारत में यूरेनियम के मुख्य भंडार धारवाड़ क्रम की कायांतरित चट्टानों में पाए जाते हैं, जिसमें झारखंड का जादूगोड़ा खदान अत्यंत प्रसिद्ध है; जबकि थोरियम मुख्य रूप से प्रायद्वीपीय भारत के तटीय भागों में मोनाज़ाइट रेत के रूप में पाया जाता है। 2. तमिलनाडु का नेवेली लिग्नाइट (भूरा कोयला) उत्पादन के लिए देश भर में अग्रणी है। 3. बॉम्बे हाई में पेट्रोलियम का संचयन मियोसीन और इओसीन युग के चूना पत्थर (Limestone) तथा बलुआ पत्थर संरचनाओं में मिलता है। 4. भारत का त्रि-चरण परमाणु कार्यक्रम डॉ. होमी भाभा द्वारा परिकल्पित किया गया था, जिसका दूसरा चरण फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों पर आधारित है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार यह रणनीति देश के सीमित यूरेनियम और प्रचुर थोरियम भंडारों का दीर्घकालिक उपयोग सुनिश्चित करती है।
Related Questions
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा की गतिकी और प्रमुख जलसंधियों (Straits) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय उच्चावच के अंतर्गत 'महाद्वीपीय मग्नतट' (Continental Shelf) उथले समुद्र का वह भाग होता है जो तट रेखा से गहराई तक फैला होता है, और यहाँ अत्यधिक सूर्य के प्रकाश की उपलब्धता के कारण प्लवक (Plankton) का विकास प्रचुर मात्रा में होता है, जिससे यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मतस्य क्षेत्रों में गिना जाता है।
2. 'वृहत ज्वार' (Spring Tide) उस स्थिति में उत्पन्न होता है जब अमावस्या और पूर्णिमा के दिनों में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में (Syzygy की स्थिति में) होते हैं, जिससे उनके गुरुत्वाकर्षण बल संयुक्त होकर जल को अधिक ऊँचाई तक खींचते हैं।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है, जो प्रशांत महासागर को दक्षिण चीन सागर के रास्ते सीधे अटलांटिक महासागर से जोड़ती है और वैश्विक समुद्री व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'बेरिंग जलसंधि' (Bering Strait) अलास्का (संयुक्त राज्य अमेरिका) और रूस (साइबेरिया) के बीच स्थित है, जो आर्कटिक महासागर को प्रशांत महासागर के बेरिंग सागर से जोड़ती है और इसी के पास से अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) गुजरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लोकटक झील' (Loktak Lake) मणिपुर राज्य में स्थित पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है, जिसके अंदर 'केइबुल् لامजाओ राष्ट्रीय उद्यान' स्थित है जो फुगमी (Phumdis) नामक तैरती हुई वनस्पति और मृदुपर्णी द्वीपों पर आश्रित संगाई हिरण (Sangai Deer) का एकमात्र प्राकृतिक आवास है।
2. 'जोग जलप्रपात' (Jog Falls), जिसे गेरसोप्पा या महात्मा गांधी जलप्रपात भी कहा जाता है, कर्नाटक में शरावती नदी पर स्थित भारत का सबसे ऊँचा सीधा (Plunge) गिरने वाला जलप्रपात है।
3. 'सरदार सरोवर परियोजना' (Sardar Sarovar Project) नर्मदा नदी पर गुजरात राज्य में निर्मित एक बहुउद्देशीय परियोजना है, जिससे मिलने वाले जल और विद्युत का लाभ गुजरात के अतिरिक्त मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान राज्यों को भी संयुक्त रूप से प्राप्त होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'चिलिका झील' (Chilika Lake) ओडिशा राज्य में स्थित भारत की सबसे बड़ी तटीय लैगून झील है, जो शीतकाल में साइप्रस और अन्य दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख आश्रय स्थल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ज़ोजी ला (Zoji La) - यह दर्रा जांसकर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है और सिंधु नदी द्वारा निर्मित है।
2. शिपकी ला (Shipki La) - यह दर्रा हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी घाटी के पास स्थित है, जो भारत को तिब्बत (चीन) से जोड़ता है और यह भारत-चीन व्यापार के लिए एक प्रमुख सीमा चौकी है।
3. नीति दर्रा (Niti Pass) - यह दर्रा उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ता है, जो ग्रेटर हिमालयी क्षेत्र में स्थित है और मानसरोवर व कैलाश यात्रा के लिए उपयोग किया जाता है।
4. बोमडिला (Bomdi La) - यह दर्रा अरुणाचल प्रदेश में महान हिमालय के पूर्वी छोर पर स्थित है, जो तवांग को ल्हासा से जोड़ता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) की उत्पत्ति, उनकी विशेषताओं और उनके क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बेंगुएला जलधारा' (Benguela Current) अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है, और यह कालाहारी मरुस्थल के निर्माण में अपनी शुष्क विशेषताओं के कारण महत्वपूर्ण योगदान देती है।
2. 'क्यूरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है जो जापान के पूर्वी और दक्षिणी तटों से बहती है, और इसके उत्तर की ओर बढ़ने पर जब यह ठंडी 'ओयाशियो जलधारा' से मिलती है, तो विश्व के सबसे समृद्ध मत्स्यन क्षेत्रों का निर्माण होता है।
3. 'अगुलहास जलधारा' (Agulhas Current) हिंद महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो मेडागास्कर के पूर्वी तट के सहारे दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और अंत में अंटार्कटिका के ठंडे जल से मिलकर समाप्त होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार एल निनो (El Niño) घटना के दौरान दक्षिण अमेरिका के पेरू तट पर ठंडी हम्बोल्ट जलधारा के स्थान पर एक गर्म जलधारा का अस्थायी रूप से प्रकट होना प्रशांत महासागर में वायुमंडलीय दाब के वितरण को बदल देता है, जिससे भारतीय मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों—पर्वतों, पठारों, मैदानों और मरुस्थलों की उत्पत्ति एवं विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका में एंडीज पर्वतमाला और प्रशांत महासागर के मध्य स्थित एक अति-शुष्क मरुस्थल है, जिसके अत्यधिक शुष्क होने का प्रमुख कारण 'पेरूवियन (हम्बोल्ड) ठंडी जलधारा' का तट के सहारे प्रवाहित होना और वृष्टिछाया प्रभाव है।
2. 'कॉलोराडो का पठार' (Colorado Plateau) एक अंतर-पर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उदाहरण है, जो अंतर्जात बलों द्वारा धरातल के उत्थान के पश्चात बहने वाली नदियों द्वारा गहरी महाखड्डों (Canyons) के निर्माण के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
3. 'पश्चिमी सिडनी का मैदान' या 'ऑस्ट्रेलीयाई आंतरिक बेसिन' मुख्य रूप से विवर्तनिक ताकतों और नदियों के संचयन (Deposition) से बने मैदानों के अंतर्गत आते हैं, जबकि उत्तरी मैदान संरचनात्मक दृष्टि से अग्र-गर्त (Foredeep) मैदानों के उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मरुस्थलीय क्षेत्रों में 'बजादा' (Bajada) कई जलोढ़ शंकुओं के मिलने से बनी एक मंद ढाल वाली निक्षेपण स्थलाकृति है, जो पर्वतीय तलहटी के सहारे विकसित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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