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Geography
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (जैवियन ग्रहों) और उनके विशिष्ट उपग्रहों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सभी बाह्य ग्रहों (बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण) में ठोस धरातल का अभाव होता है और ये मुख्य रूप से हाइड्रोजन एवं हीलियम जैसी गैसों से बने होते हैं, किंतु अत्यधिक दाब के कारण इनके आंतरिक क्रोड में 'धात्विक हाइड्रोजन' की परत पाई जाती है।
- 2. शनि ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' (Titan) हमारे सौर मंडल का एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसका अपना सघन वायुमंडल (मुख्य रूप से नाइट्रोजन युक्त) है और इसकी सतह पर तरल मीथेन तथा एथेन के झील एवं सागर पाए जाते हैं।
- 3. 'यूरोपा' (Europa) शनि ग्रह का एक प्रमुख उपग्रह है, जिसकी बर्फीली सतह के नीचे तरल पानी का एक विशाल वैश्विक महासागर होने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं, जहाँ पृथ्वी की तुलना में अधिक मात्रा में जल विद्यमान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण जैसे बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) के पास ठोस भूपर्पटी नहीं होती है, लेकिन अति उच्च दाब और ताप के कारण बृहस्पति और शनि के आंतरिक भागों में हाइड्रोजन अपने धात्विक रूप (Metallic Hydrogen) में पाई जाती है। कथन 2 सही है: शनि का सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' (Titan) सौर मंडल का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है और यह एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसका अपना सघन वायुमंडल है, जहाँ मीथेन और एथेन चक्र पाया जाता है। कथन 3 गलत है: 'यूरोपा' (Europa) बृहस्पति (Jupiter) का उपग्रह है, न कि शनि का; हालांकि इसकी बर्फीली सतह के नीचे वैश्विक महासागर के अस्तित्व की संभावना वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित मानी जाती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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महासागरीय उच्चावच (Oceanic Relief) और ज्वार-भाटे की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ वह विस्तारित भाग है जिसकी औसत प्रवणता अत्यंत मंद होती है और यह क्षेत्र विश्व के सबसे बड़े पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस के भंडारों के साथ-साथ अत्यंत समृद्ध मत्स्यन क्षेत्र (Fishing Grounds) के रूप में जाने जाते हैं।
2. 'अपसौर' (Aphelion) की स्थिति के दौरान जब चंद्रमा और सूर्य पृथ्वी के समकोण पर (Quadrature) स्थित होते हैं, तब पृथ्वी पर वर्ष का सबसे ऊंचा 'बृहत् ज्वार' (Spring Tide) उत्पन्न होता है।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के मध्य स्थित है, जो प्रशांत महासागर को हिंद महासागर (अंडमान सागर) से जोड़ती है और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए एक अत्यंत रणनीतिक मार्ग है।
4. महासागरीय नितल पर पाए जाने वाले 'अभिसारी गर्त' (Oceanic Trenches) महासागरीय उच्चावच के 'गहरे समुद्र के मैदान' (Abyssal Plains) का हिस्सा होते हैं, जो सामान्यतः महाद्वीपीय मग्नतट के ठीक ऊपर छिछले भागों में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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जेट स्ट्रीम (Jet Streams) और वायुमंडलीय परिसंचरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) ग्रीष्मकाल के दौरान हिमालय के उत्तर में प्रवाहित होती है, जबकि शीतकाल में यह हिमालय के दक्षिण में प्रवाहित होकर भारतीय उपमहाद्वीप के मौसम को अत्यधिक प्रभावित करती है।
2. 'रॉस्बी तरंगें' (Rossby Waves) क्षोभमंडल के ऊपरी स्तर पर पृथ्वी के घूर्णन और तापमान प्रवणता के कारण उत्पन्न होने वाली विशाल लहरदार तरंगें हैं, जो मौसम प्रणालियों के पूर्व की ओर संचलन को नियंत्रित करती हैं।
3. एल नीनो (El Niño) की घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी तट पर पेरू के पास ठंडी जलधारा का प्रभाव अत्यधिक प्रबल हो जाता है, जिससे भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की तीव्रता में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख पठारों और मैदानों की उत्पत्ति तथा उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'डेक्कन ट्रैप' (Deccan Traps) का निर्माण मेसोज़ोइक महाकल्प के अंतिम चरण में क्रिटेशियस काल के दौरान विशाल दरारी (Fissure) ज्वालामुखी उद्गार से निकले बेसल्टिक लावा के अत्यधिक निक्षेपण के परिणामस्वरूप हुआ है।
2. 'हंगरी का पुस्टा' (Pusztas) और 'अर्जेंटीना का पैम्पास' (Pampas) समशीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदानों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो मुख्य रूप से अंतर्वतीय (Intermontane) द्रोणियों में विकसित हुए हैं और यहाँ की उपजाऊ 'चेर्नाज़ोम' या मूँगिया मिट्टी कृषि के लिए अत्यधिक उपयुक्त है।
3. 'पामीर का पठार' (Pamir Plateau) को 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है, जो तियन शान, कुतुन, काराकोरम और हिंदूकुश पर्वतमालाओं के मिलने से बनी एक विशाल अंतर्वतीय (Intermontane) पठारी संरचना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, मैग्मा के शीतलन से बनने वाली आग्नेय चट्टानों (Igneous Rocks) की संरचनात्मक आकृतियों (Plutonic Forms) तथा चट्टानों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बैथोलिथ' (Batholiths) विशाल आकार के अंतर्भेदी आग्नेय पिंड होते हैं जो मैग्मा के बड़े पैमाने पर भूप्रपर्टी की गहराई में ठंडा होने से बनते हैं और ये सामान्यतः ग्रेनाइट चट्टानों के रूप में ग्रेनाइटिक गुंबदों का निर्माण करते हैं।
2. 'लैकोलिथ' (Laccoliths) एक गुंबद के आकार के अंतर्भेदी पिंड होते हैं, जिसमें मैग्मा ऊपर की ओर उठती हुई परतों के बीच गुंबद नुमा रूप में फैल जाता है और इसका निचला तल समतल होता है, जो अक्सर सिंकलाइन या एंटीक्लाइन संरचनाओं से जुड़ा होता है।
3. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) मुख्य रूप से अत्यधिक विवर्तनिक दबाव (Tectonic Pressure) और उच्च तापमान के संयुक्त प्रभाव से विशाल भू-भाग पर होता है, जिससे स्लेट, शिस्ट (Schist) और नाइस (Gneiss) जैसी अत्यधिक पर्णिल (Foliated) चट्टानों का निर्माण होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सिल (Sill) और डाइक (Dyke) आग्नेय चट्टानों की बहिर्भेदी (Extrusive) आकृतियाँ हैं, जो धरातल पर लावा के प्रस्फुटलन के परिणामस्वरुप निर्मित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सौर मण्डल के ग्रहों, उनके वायुमंडलीय संघटन और अंतरिक्ष पिंडों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'शुक्र' (Venus) ग्रह का वायुमंडल मुख्य रूप से 96-97% कार्बन डाइऑक्साइड से निर्मित है, जिसमें सल्फ्यूरिक अम्ल के घने बादल पाए जाते हैं, जिसके कारण यहाँ सौर मण्डल का सबसे तीव्र 'ग्रीनहाउस प्रभाव' उत्पन्न होता है।
2. 'बृहस्पति' (Jupiter) ग्रह के पास सौर मण्डल के सभी ग्रहों में सबसे अधिक प्राकृतिक उपग्रह हैं, तथा इसका सबसे बड़ा उपग्रह 'गैनिमेड' (Ganymede) आंतरिक रूप से विभेदित है और इसके पास अपना स्वयं का आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र भी है।
3. 'उल्कापिंड' (Meteoroids) अंतरिक्ष में विचरण करने वाले छोटे चट्टानी या धात्विक टुकड़े होते हैं, जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर अत्यधिक घर्षण और वायुमंडलीय संपीड़न (Compression) के कारण अत्यधिक गर्म होकर जल जाते हैं और इन्हें 'शूटिंग स्टार' कहा जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'काइपर बेल्ट' (Kuiper Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित क्षुद्रग्रहों की पट्टी है, जहाँ से छोटे धूमकेतु उत्पन्न होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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