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General Science
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DNA का द्वि-कुंडली मॉडल?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वाटसन-क्रिक।
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अम्ल का स्वाद कैसा होता है?
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प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश की किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, जिसके लिए यह आवश्यक है कि प्रकाश सघन से विरल माध्यम की ओर ही जाए।
2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी अभिसारी (Converging) प्रकृति को छोड़कर अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
3. अवतल दर्पण (Concave mirror) द्वारा बनने वाला प्रतिबिंब हमेशा आभासी, सीधा और वस्तु के आकार से छोटा होता है, चाहे वस्तु को मुख्य अक्ष पर किसी भी स्थिति में क्यों न रखा जाए।
4. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) की आधी होती है, और यह संबंध दर्पण के दर्पण सूत्र तथा सभी प्रकार के दर्पणों (गोलीय और परवलयिक) के लिए आपतन कोण के किसी भी बड़े मान हेतु पूर्णतः सटीक और सार्वभौमिक रूप से लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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प्रकाशिकी में लेंसों और दर्पणों के परावर्तन तथा अपवर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी उत्तल दर्पण (Convex mirror) की फोकस दूरी धनात्मक होती है और यह हमेशा वस्तु की स्थिति चाहे जो भी हो, एक आभासी, सीधी और छोटी छवि बनाता है, जिसका उपयोग वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में किया जाता है क्योंकि इसका दृष्टि क्षेत्र (Field of view) विस्तृत होता है।
2. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और उसका आपतन कोण माध्यम के क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का अपवर्तन होने के बजाय वह उसी माध्यम में वापस लौट जाती है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहा जाता है।
3. जल में डूबे हुए एक वायु के बुलबुले का व्यवहार उत्तल लेंस की तरह होता है क्योंकि प्रकाश की किरणें विरल माध्यम (वायु) से सघन माध्यम (जल) में जाती हैं, जिससे किरणें अभिसरित हो जाती हैं।
4. एक समतल दर्पण की आवर्धन क्षमता (Magnification) का मान हमेशा +1 होता है, जिसका अर्थ है कि इसके द्वारा बनने वाली छवि का आकार वस्तु के आकार के बराबर और हमेशा सीधी होती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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हीरे का चमकना किस घटना का उदाहरण है?
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मानव शरीर में विटामिन और उनके सह-एंजाइमी (Co-enzyme) स्वरूपों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन B1 (थiamin) का सक्रिय सह-एंजाइम स्वरूप 'थियामिन पाइरोफास्फेट' (TPP) है, जो क्रैब्स चक्र से पहले पाइरुवेट के एसिटाइल-CoA में ऑक्सीडेटिव डिकार्बोक्सिलेशन के लिए आवश्यक पाइरुवेट डिहाइड्रोजनस कॉम्प्लेक्स का एक अनिवार्य घटक है।
2. विटामिन B3 (नियासिन) 'निकोटिनामाइड एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड' (NAD+) और NADP+ का अग्रगामी (Precursor) है, जो कोशिकीय श्वसन में अपचयन-ऑक्सीकरण (Redox) अभिक्रियाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
3. विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) का शरीर में मुख्य कार्य एक शक्तिशाली ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करना है, और यह कोलेजन तंतुओं के हाइड्रॉक्सिलेशन को रोककर संयोजी ऊतकों (Connective tissues) को कमजोर करता है, जिससे 'स्कर्वी' रोग उत्पन्न होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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