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General Science
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प्रोटीन फैक्ट्री?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राइबोसोम।
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भौतिक राशियों और उनके एसआई मात्रकों (SI Units) तथा विमीय सूत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. सार्वत्रिक गैस नियतांक (Universal gas constant): जूल प्रति मोल प्रति केल्विन ($J \cdot mol^{-1} \cdot K^{-1}$) और इसका विमीय सूत्र $[M^1 L^2 T^{-2} \theta^{-1} mol^{-1}]$ है।
2. प्लांक नियतांक (Planck's constant): जूल-सेकेंड ($J \cdot s$) और इसका विमीय सूत्र ऊर्जा के विमीय सूत्र के समान होता है।
3. श्यानता गुणांक (Coefficient of viscosity): पास्कल-सेकेंड ($Pa \cdot s$) या $kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$ और इसका विमीय सूत्र $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ है।
4. पृष्ठीय तनाव (Surface tension): न्यूटन प्रति मीटर ($N \cdot m^{-1}$) और इसका विमीय सूत्र $[M^1 L^0 T^{-2}]$ है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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मानव शरीर में पोषण और वृहत् पोषक तत्वों के उपापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ग््लुकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) मुख्य रूप से यकृत और वृक्क में होने वाली वह चयापचय प्रक्रिया है जिसमें गैर-कार्बोहाइड्रेट अग्रcursers (जैसे लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो एसिड) से ग्लूकोज का संश्लेषण होता है, जो उपवास की स्थिति में रक्त शर्करा को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
2. 'आवश्यक अमीनो अम्ल' (Essential amino acids वे हैं जिन्हें मानव शरीर संश्लेषित नहीं कर सकता, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना आवश्यक होता है, और वेल्लीन, ल्यूसीन तथा लाइसिन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
3. जल में घुलनशील 'विटामिन C' (ऐस्कॉर्बिक अम्ल) का मुख्य कार्य कोलेजन संश्लेषण में सहायक होना है, और इसकी अत्यधिक कमी से 'बेरी-बेरी' नामक गंभीर विकार उत्पन्न होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के तंत्रों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय में उपस्थित 'ऑक्सिंटिक कोशिकाएँ' (Parietal cells) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) स्रावित करती हैं, जो छोटी आंत में विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए अनिवार्य होता है।
2. मानव श्वसन तंत्र में, फेफड़ों की कुल क्षमता (Total Lung Capacity - TLC) का लगभग 70% भाग कार्यात्मक अवशेषी क्षमता (Functional Residual Capacity) के रूप में हमेशा फेफड़ों में बना रहता है जिसे बाहर नहीं निकाला जा सकता।
3. हृदय चक्र (Cardiac Cycle) के दौरान, जब आलिंद सिस्टॉल (Atrial systole) होता है, तो निलयों में लगभग 70% रक्त का सक्रिय प्रवाह होता है, जबकि शेष 30% रक्त आलिंदों के संकुचन के कारण निलय में पंप होता है।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में, मस्तिष्क के आवरण (Meninges) की मध्य परत 'एरेक्नॉइड मेटर' (Arachnoid mater) और आंतरिक परत 'पाय मेटर' के बीच के स्थान में सेरेब्रॉस्पाइनल द्रव (CSF) प्रवाहित होता है, जो मस्तिष्क को आघातों से बचाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (emf) का परिमाण उस परिपथ से बद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की समय-दर के सीधे समानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) में प्रवाहित धारा के मान को परिवर्तित किया जाता है, तो उसके भीतर स्व-प्रेरित विद्युत वाहक बल उत्पन्न होता है, और इस घटना को 'स्वप्रेरकत्व' (Self-inductance) कहते हैं जिसका SI मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' है।
4. भंवर धाराएँ (Eddy currents) किसी चालक के भीतर परिवर्तित चुंबकीय फ्लक्स के कारण उत्पन्न होने वाली गोलाकार प्रेरित धाराएँ हैं, और इनका उपयोग केवल ट्रांसफॉर्मर के क्रोड में ऊर्जा हानि को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) में सामान्यतः कमी आती है, जिसका मुख्य कारण प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में क्रमिक वृद्धि होना है, किंतु उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) की वांडर वॉल त्रिज्या उनके सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में अचानक काफी अधिक हो जाती है।
2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी के किसी भी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर इसका ऋणात्मक मान लगातार बढ़ता जाता है (अर्थात इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति अधिक सुगम हो जाती है)।
3. पोलिंग के विद्युतऋणात्मकता (Electronegativity) पैमाने के अनुसार, आवर्त सारणी में फ्लोरीन की विद्युतऋणात्मकता सबसे अधिक होती है, जबकि सीसियम (Cesium) या फ्रांसियम की विद्युतऋणात्मकता न्यूनतम होती है।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभावस्वरूप 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफनियम, Hf) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ अपने ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) की लगभग समान हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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