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General Science
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बेंजीन का सूत्र?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
C6H6।
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प्रकाशिकी (Optics) और लेंस-दर्पण के सूत्र से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तल दर्पण (Convex mirror) द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा होता है, चाहे वस्तु मुख्य अक्ष पर कहीं भी रखी जाए, और इसके लिए आवर्धन (Magnification) का मान हमेशा धनात्मक लेकिन 1 से कम होता है।
2. जब प्रकाश किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य दोनों अपरिवर्तित रहते हैं, जबकि माध्यम के अपवर्तनांक में अंतर होने के कारण उसकी चाल और आयाम घट जाते हैं।
3. लेंस की क्षमता (Power of lens) उसकी फोकस दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है, और यदि किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक हो, तो लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है और उसकी प्रकृति अभिसारी से बदलकर अपसारी हो जाती है।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए प्रकाश किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना अनिवार्य है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के विभिन्न अंगों, उनके द्वारा स्रावित हॉर्मोनों और उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'थायरोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (TRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को थायराइड-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (TSH) के स्रावण के लिए उद्दीपित करता है।
2. अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) की ज़ोना ग्लोमेरोसा परत द्वारा 'एल्डोस्टेरोन' का स्रावण होता है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनर्अवशोषण को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम और हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है।
3. अग्न्याशय की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की बीटा कोशिकाएँ 'ग्लूकागोन' हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो ग्लाइकोजेनोलिसिस को प्रेरित करके रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाता है।
4. पीनियल ग्रंथि द्वारा स्रावित 'मेलाटोनिन' हॉर्मोन शरीर की दैनिक लय (Circadian Rhythm) और निद्रा-जागने के चक्र को नियमित करने के साथ-साथ शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को भी प्रभावित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ह्दय की धड़कन का स्वतः नियमन विशेषीकृत पेशीय ऊतकों द्वारा होता है, जिसमें 'सिनोएट्रीअल नोड' (SA Node) को प्राथमिक पेसमेकर कहा जाता है, क्योंकि यह सबसे अधिक दर पर क्रिया विभव (Action potential) उत्पन्न करता है।
2. तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स के माध्यम से तंत्रिका आवेगों (Nerve impulses) का संचरण मुख्य रूप से रासायनिक न्यूरोट्रांसमीटरों के माध्यम से होता है, और एसिटाइलकोलीन (Acetylcholine) एक प्रमुख उत्तेجक न्यूरोट्रांसमीटर है जो कंकाल पेशियों के संकुचन को प्रेरित करता है।
3. स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) के अंतर्गत 'अनुकम्पी तंत्रिका तंत्र' (Sympathetic nervous system) हृदय गति को कम करता है और पाचक ग्रंथियों के स्रावण को उत्तेजित करता है, जबकि 'परानुकम्पी तंत्रिका तंत्र' (Parasympathetic nervous system) आपातकालीन स्थितियों में हृदय गति और रक्तचाप को बढ़ाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और लसिका तंत्र (Lymphatic System) की क्रियात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव हृदय का 'सिनोएट्रियल नोड' (SA Node) एक गतिप्रेरक (Pacemaker) के रूप में कार्य करता है क्योंकि यह स्वतः क्रियाविभव (Action potential) उत्पन्न करने की उच्चतम क्षमता रखता है, जिससे हृदय की पेशियों का संकुचन नियंत्रित होता है।
2. जब रक्त कोशिकाओं से केशिकाओं (Capillaries) के माध्यम से ऊतकों में प्रवाहित होता है, तो हाइड्रोस्टेटिक दबाव के कारण प्लाज्मा का एक बड़ा भाग प्रोटीन सहित कोशिकाओं के बीच अंतरकोशिकीय अवकाश में छन जाता है, जिसे लसिका कहा जाता है।
3. रुधिर स्कंदन (Blood coagulation) की प्रक्रिया में, थ्रॉम्बोप्लास्टिन और कैल्सियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति में प्रोथ्रॉम्बिन, सक्रिय थ्रॉम्बिन में परिवर्तित होता है, जो आगे घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में बदल देता है।
4. फुफ्फुसीय धमनी (Pulmonary Artery) शरीर की एकमात्र धमनी है जो ऑक्सीजनित (Oxygenated) रक्त का वहन करती है, जबकि फुफ्फुसीय शिरा विऑक्सीजनित रक्त को फेफड़ों से बाएं आलिंद तक पहुँचाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा विशिष्ट यौगिकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'श्वेत फॉस्फोरस' (White Phosphorus) अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और दीप्तिमान (Phosphorescent) ठोस होता है, जो पानी में अघुलनशील होने के कारण जल के अंदर संग्रहित किया जाता है, तथा यह कास्टिक सोडा के साथ गर्म करने पर जहरीली फॉस्फीन ($PH_3$) गैस उत्पन्न करता है।
2. 'कांस्य' (Bronze) तांबे और टिन की एक मिश्रधातु है, जबकि 'पीतल' (Brass) तांबे और जस्ते (Zinc) की मिश्रधातु है, जिसमें जस्ते की उपस्थिति पीतल को कांस्य की तुलना में अधिक संक्षारण-प्रतिरोधी बनाती है।
3. 'सिंदूर' (Vermilion या Red Lead) का रासायनिक नाम लेड टेट्राक्साइड ($Pb_3O_4$) है, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से लाल रंग के पेंट पिगमेंट और कांच के निर्माण में किया जाता है।
4. जब सिलिकॉन डाइऑक्साइड ($SiO_2$) को सोडियम कार्बोनेट के साथ उच्च तापमान पर पिघलाया जाता है, तो सोडियम सिलिकेट बनता है, जिसे 'जल कांच' (Water Glass) कहा जाता है, और यह जल में आसानी से घुलकर एक क्षारीय विलयन बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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