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General Science
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के विभिन्न अंगों, उनके द्वारा स्रावित हॉर्मोनों और उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'थायरोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (TRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को थायराइड-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (TSH) के स्रावण के लिए उद्दीपित करता है।
- 2. अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) की ज़ोना ग्लोमेरोसा परत द्वारा 'एल्डोस्टेरोन' का स्रावण होता है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनर्अवशोषण को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम और हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है।
- 3. अग्न्याशय की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की बीटा कोशिकाएँ 'ग्लूकागोन' हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो ग्लाइकोजेनोलिसिस को प्रेरित करके रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाता है।
- 4. पीनियल ग्रंथि द्वारा स्रावित 'मेलाटोनिन' हॉर्मोन शरीर की दैनिक लय (Circadian Rhythm) और निद्रा-जागने के चक्र को नियमित करने के साथ-साथ शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को भी प्रभावित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि हाइपोथैलेमस से स्रावित TRH (Thyrotropin-Releasing Hormone) अग्र पीयूष ग्रंथि (Adenohypophysis) को TSH के निर्माण और स्रावण के लिए प्रेरित करता है। कथन 2 सही है, अधिवृक्क वल्कुट का बाहरी क्षेत्र (Zona glomerulosa) मिनरलोकोर्टिकोइड्स विशेषकर एल्डोस्टेरोन स्रावित करता है जो वृक्कों में $Na^+$ और जल का पुनरावशोषण तथा $K^+$ का उत्सर्जन करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि अग्न्याशय की लैंगरहैंस द्वीपिकाओं की **बीटा कोशिकाएँ** 'इंसुलिन' (Insulin) का स्रावण करती हैं जो हाइपोग्लाइसेमिक हॉर्मोन है, जबकि **अल्फा कोशिकाएँ** 'ग्लूकागोन' स्रावित करती हैं। कथन 4 सही है, पीनियल ग्रंथि द्वारा स्रावित मेलाटोनिन शरीर की सरकाडियन रिदम और निद्रा चक्र को नियंत्रित करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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तरंग गति और ध्वनि तरंगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि तरंगों का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया होती है, क्योंकि संपीडन और विरलन की प्रक्रिया इतनी तीव्र होती है कि ऊष्मा का आदान-प्रदान (Heat exchange) संभव नहीं हो पाता है।
2. लाप्लास द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार, न्यूटन के सूत्र में आयतन प्रत्यास्थता गुणांक के स्थान पर समतापीय प्रत्यास्थता गुणांक का उपयोग किया गया, जिससे सामान्य ताप पर हवा में ध्वनि की गति का प्रायोगिक मान (लगभग 332 m/s) सटीक रूप से प्राप्त हुआ।
3. जब कोई ध्वनि स्रोत किसी स्थिर श्रोता की ओर गति करता है, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति का मान वास्तविक आवृत्ति से अधिक प्रतीत होता है, और यह परिघटना 'डॉप्लर प्रभाव' (Doppler Effect) कहलाती है।
4. अपश्रव्य तरंगों (Infrasonic waves) की आवृत्ति 20 Hz से कम होती है, जिन्हें मानव कान द्वारा नहीं सुना जा सकता, जबकि पराश्रव्य तरंगों (Ultrasonic waves) का उपयोग सोनार (SONAR) प्रणाली में समुद्र की गहराई मापने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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परमाणु भौतिकी और रेडियोधर्मिता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बीटा-क्षय' (Beta decay) के दौरान नाभिक के भीतर एक न्यूट्रॉन का प्रोटॉन में रूपांतरण होता है, जिसके फलस्वरूप एक इलेक्ट्रॉन और एक 'एंटीन्यूट्रिनो' (Antineutrino) का उत्सर्जन होता है, जिससे द्रव्यमान संख्या अपरिवर्तित रहती है किंतु परमाणु क्रमांक एक से बढ़ जाता है।
2. 'समभारिक' (Isobars) वे परमाणु होते हैं जिनकी द्रव्यमान संख्या (Mass number) समान होती है लेकिन परमाणु क्रमांक (Atomic number) भिन्न होते हैं, और इनके नाभिकीय गुणों में भारी अंतर पाया जाता है।
3. 'नाभिकीय संलयन' (Nuclear fusion) की प्रक्रिया केवल अत्यधिक उच्च तापमान और उच्च दाब पर ही संभव है क्योंकि दो हल्के नाभिकों को एक-दूसरे के निकट लाने पर उनके बीच लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल के कारण तीव्र प्रतिकर्षक ऊर्जा अवरोध उत्पन्न होता है जिसे पार करना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पादप जगत के विकास, ऊतक तंत्र और हार्मोनल नियंत्रण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) प्रथम ऐसे स्थलीय पौधे हैं जिनमें स्पष्ट संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पाए जाते हैं, किंतु इनमें बीज का निर्माण नहीं होता है और इनका मुख्य पादप शरीर बीजाणुकोद्भिद (Sporophyte) होता है जो वास्तविक जड़, तने और पत्तियों में विभेदित रहता है।
2. अनावृतबीजी (Gymnosperms) पौधों में बीजांड (Ovules) अंडाशय की भित्ति से ढके नहीं होते हैं बल्कि खुले होते हैं, और इनमें निषेचन के पश्चात फल का निर्माण नहीं होता है, तथा इनका भ्रूणपोष (Endosperm) त्रिगुणी (3n) प्रकृति का होता है।
3. ऑक्सिन (Auxin) मुख्य रूप से तने और जड़ के शीर्ष पर संश्लेषित होता है, जो शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) को प्रेरित करता है, तथा पार्श्व कलिकाओं की वृद्धि को रोकता है।
4. एथिलीन एकमात्र ऐसा गैसीय पादप हार्मोन है जो फलों के पकने (Fruit ripening) को तीव्र करता है और त्रिस्तरीय प्रतिक्रिया (Triple response) को प्रेरित करता है, साथ ही यह द्विबीजपत्री पौधों में मादा फूलों की संख्या को बढ़ाने में सहायक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद् (Gametophyte) होता है जो बीजाणुद्भिद् पर पोषण के लिए आश्रित रहता है।
2. C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है क्योंकि इनमें कार्बन डाइऑक्साइड के स्थिरीकरण के लिए 'Hatch-Slack pathway' पाई जाती है, जिसमें PEP carboxylase एंजाइम RuBisCO की तुलना में $CO_2$ के प्रति उच्च बंधुता रखता है।
3. साइटोकाइनिन ($Cytokinin$) मुख्य रूप से कोशिकाओं के विभाजन को प्रेरित करता है, जरण (Senescence) को विलंब करता है, और ऑक्सिन के साथ मिलकर शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) को समाप्त करते हुए पार्श्व कलियों की वृद्धि को बढ़ावा देता है।
4. एब्सिसिक अम्ल (ABA) को 'तनाव हार्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है क्योंकि यह सूखे या जल संकट की स्थिति में रंध्रों (Stomata) को बंद करने और बीजों की प्रसुप्ति (Seed dormancy) को प्रेरित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तरंग गति, डॉप्लर प्रभाव और ध्वनि तरंगों के संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब ध्वनि स्रोत और श्रोता दोनों एक ही दिशा में समान वेग से गति कर रहे हों, तो श्रोता द्वारा सुनी जाने वाली ध्वनि की आवृत्ति में कोई आभासी परिवर्तन (डॉप्लर विस्थापन) नहीं होता है, क्योंकि उनके बीच की आपेक्षिक गति शून्य होती है।
2. लाप्लास (Laplace) द्वारा न्यूटन के ध्वनि की चाल के सूत्र में किए गए संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, और इस प्रक्रिया में संपीडन और विरलन इतनी तीव्र गति से होते हैं कि ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं हो पाता है।
3. जब एक अनुदैर्ध्य ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति, तरंगदैर्ध्य और वेग तीनों में परिवर्तन हो जाता है, क्योंकि माध्यम बदलने पर तरंग के संचरण के भौतिक गुण बदल जाते हैं।
4. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के निरपेक्ष तापमान के वर्गमूल के सीधे समानुपाती होती है, तथा गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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