Geography
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विविध प्रकार की विवर्तनिक प्लेट सीमाओं (Tectonic Plate Boundaries) और उनसे जुड़ी भूकंपीय व ज्वालामुखीय गतिविधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) के अंतर्गत सबडक्शन जोन (Subduction Zone) में महासागरीय प्लेट के नीचे धंसने से तीव्र भूकंप उत्पन्न होते हैं और यहाँ मुख्य रूप से एंडीज या कास्केड रेंज जैसे विस्फ़ोटक 'स्ट्रैटोवोलकानो' (Stratovolcanoes) का निर्माण होता है।
- 2. अपसारी प्लेट किनारों (Divergent Plate Boundaries) पर मुख्य रूप से बेसिक या बेसाल्टिक लावा के शांत उद्गार से मध्य-महासागरीय कटकों (Mid-Oceanic Ridges) का निर्माण होता है, जहाँ उत्पन्न होने वाले भूकंप सामान्यतः उथले फोकस (Shallow-focus) वाले होते हैं।
- 3. रूपांतरित प्लेट सीमाओं (Transform Plate Boundaries) जैसे कि सैन एंड्रियास फॉल्ट पर विवर्तनिक प्लेटें एक-दूसरे के पार्श्व में क्षैतिज रूप से फिसलती हैं, जिसके कारण भारी मात्रा में भ्रंशण (Faulting) होता है और यहाँ विनाशकारी भूकंप आते हैं, किंतु तीव्र ज्वालामुखी क्रियाओं का पूर्ण अभाव होता है।
- 4. प्रशांत महासागर की 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) पेटी मुख्य रूप से महाद्वीपीय-महाद्वीपीय अभिसरण (Continental-Continental Convergence) का परिणाम है, जहाँ यूरेशियन प्लेट के नीचे भारतीय प्लेट के धंसने से दुनिया के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर्वत पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Boundaries) में सबडक्शन जोन के कारण उच्च तीव्रता के गहरे और उथले दोनों प्रकार के भूकंप आते हैं तथा विस्फ़ोटक स्ट्रैटोवोलकानो बनते हैं। अपसारी सीमाओं (Divergent Boundaries) पर बेसाल्टिक मैग्मा के शांत उद्गार से मध्य-महासागरीय कटकों का निर्माण होता है और उथले भूकंप आते हैं। रूपांतरित सीमाओं (Transform Boundaries) पर प्लेटों के क्षैतिज खिसकने से घर्षण के कारण विनाशकारी भूकंप आते हैं, लेकिन मैग्मा के मार्ग न मिलने के कारण वहाँ ज्वालामुखी क्रिया नहीं होती। कथन 4 गलत है क्योंकि 'रिंग ऑफ फायर' मुख्य रूप से महासागरीय-महाद्वीपीय और महासागरीय-महासागरीय अभिसरण (Subduction zones) का परिणाम है, न कि महाद्वीपीय-महाद्वीपीय अभिसरण का (जो कि हिमालय निर्माण से संबंधित है जहाँ ज्वालामुखी नहीं पाए जाते)। इस विषय पर अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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भारत की जलवायु और मानसून की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में तिब्बत के पठार का तीव्र गर्म होना और वहाँ निम्न वायुदाब क्षेत्र का विकसित होना भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून को आकर्षित करने वाली मुख्य तापीय प्रक्रिया है।
2. मैडागास्कर के पूर्व में हिंद महासागर के ऊपर स्थित 'मस्कारेन उच्च दाब' (Mascarene High) की स्थिति जितनी अधिक मजबूत होगी, दक्षिण-पश्चिम मानसून की पवनें उतनी ही अधिक तीव्र और प्रभावी होती हैं।
3. जेट स्ट्रीम सिद्धांत के अनुसार, ग्रीष्मकाल में उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Westerly Jet Stream) का हिमालय के उत्तर की ओर खिसकना प्रायद्वीप के ऊपर 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) के सक्रिय होने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ प्रदान करता है।
4. भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून (शीतकालीन मानसून) से मुख्य रूप से केरल और कर्नाटक के मालाबार तट पर भारी वर्षा होती है, क्योंकि ये पवनें बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करके पश्चिमी घाट से टकराती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय जलवायु और मानसून के संदर्भ में, 'एल नीनो-दक्षिणी दोलन' (ENSO) तथा 'भारतीय महासागर द्विध्रुव' (IOD) की अंतःक्रिया के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रशांत महासागर में 'अल नीनो' (El Niño) सक्रिय होता है, तो यह सामान्यतः भारतीय उपमहाद्वीप में ग्रीष्मकालीन मानसून वर्षा को कमजोर करता है, क्योंकि यह दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत की ओर बहने वाली नमीयुक्त हवाओं के मार्ग को बाधित कर देता है।
2. 'धनात्मक भारतीय महासागर द्विध्रुव' (Positive IOD) की स्थिति में पश्चिमी हिंद महासागर (अफ़्रीका के तट के पास) असामान्य रूप से गर्म हो जाता है, जबकि पूर्वी हिंद महासागर (इंडोनेशिया के पास) ठंडा हो जाता है, जो भारत में अल नीनो के नकारात्मक प्रभावों को आंशिक रूप से संतुलित या कमजोर कर सकता है।
3. 'मैडन-जूलियन दोलन' (MJO) एक वैश्विक स्तर पर पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और वर्षा की पखवाड़े भर की तरंग है, और जब यह हिंद महासागर क्षेत्र के ऊपर से गुजरती है, तो यह भारतीय मानसून की सक्रियता (Active Phase) को तीव्र करती है।
4. दक्षिणी दोलन सूचकांक (SOI) का ऋणात्मक मान ताहिती (प्रशांत महासागर) और डार्विन (ऑस्टेलिया) के बीच उच्च दाब अंतर को दर्शाता है, जो भारत में सामान्य से अधिक भारी मानसूनी वर्षा का सूचक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की भौगोलिक स्थिति, अक्षांशीय और देशांतीय विस्तार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का कुल अक्षांशीय विस्तार (मुख्य भूमि और द्वीप समूह सहित) 6°45' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जबकि मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से शुरू होता है।
2. देश का देशांतीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व के मध्य है, जिसके कारण इसके सबसे पूर्वी छोर (किबीथू, अरुणाचल प्रदेश) और सबसे पश्चिमी छोर (गुहार मोती, गुजरात) के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का वास्तविक समयान्तर पाया जाता है।
3. भारत के ठीक मध्य से गुजरने वाली कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) देश के कुल आठ राज्यों से होकर गुजरती है, और अगरतला (त्रिपुरा) इस रेखा के सर्वाधिक समीप स्थित राजधानी शहर है।
4. भारतीय मानक समय (IST) की रेखा (82°30' पूर्व देशांतर) कुल छह राज्यों — उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और आंध्र प्रदेश — से होकर गुजरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज संसाधनों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. झारखंड का 'झरिया' क्षेत्र मुख्य रूप से उच्च कोटि के कोकिंग कोयला (Coking Coal) के भंडारों के लिए प्रसिद्ध है, जो देश के इस्पात उद्योगों की प्राथमिक आवश्यकताओं को पूरा करता है।
2. ओडिशा का 'मयूरभंज' और 'केन्दूझर' (केंझर) जिला 'बैलाडिला' खदानों के साथ मिलकर भारत के कुल हेमेटाइट लौह अयस्क के उत्पादन का अधिकांश हिस्सा प्रदान करते हैं।
3. असम में स्थित 'डिगबोई' एशिया का सबसे पुराना कार्यशील तेल कुआँ है, जबकि बाड़मेर बेसिन में स्थित 'मंगला' और 'भाग्यम' तेल क्षेत्र राजस्थान के प्रमुख ऑनशोर (Onshore) पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र हैं।
4. भारत में थोरियम के मुख्य स्रोत के रूप में 'मोनाज़िट' (Monazite) रेत केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, जिसका उपयोग परमाणु ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
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पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
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