Geography
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भारत के खनिज संसाधनों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. झारखंड का 'झरिया' क्षेत्र मुख्य रूप से उच्च कोटि के कोकिंग कोयला (Coking Coal) के भंडारों के लिए प्रसिद्ध है, जो देश के इस्पात उद्योगों की प्राथमिक आवश्यकताओं को पूरा करता है।
- 2. ओडिशा का 'मयूरभंज' और 'केन्दूझर' (केंझर) जिला 'बैलाडिला' खदानों के साथ मिलकर भारत के कुल हेमेटाइट लौह अयस्क के उत्पादन का अधिकांश हिस्सा प्रदान करते हैं।
- 3. असम में स्थित 'डिगबोई' एशिया का सबसे पुराना कार्यशील तेल कुआँ है, जबकि बाड़मेर बेसिन में स्थित 'मंगला' और 'भाग्यम' तेल क्षेत्र राजस्थान के प्रमुख ऑनशोर (Onshore) पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र हैं।
- 4. भारत में थोरियम के मुख्य स्रोत के रूप में 'मोनाज़िट' (Monazite) रेत केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, जिसका उपयोग परमाणु ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। झरिया (झारखंड) भारत में कोकिंग कोयले का प्रमुख केंद्र है। मयूरभंज और केन्दूझर (ओडिशा) उच्च कोटि के हेमेटाइट लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध हैं। असम का डिगबोई और राजस्थान का बाड़मेर बेसिन (मंगला, भाग्यम) पेट्रोलियम उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, भारत के प्रायद्वीपीय तटीय क्षेत्रों (विशेषकर केरल) की मोनाज़िट रेत थोरियम का मुख्य स्रोत है। इस संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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भारत की भौगोलिक स्थिति, अक्षांशीय और देशांतीय विस्तार के संदर्भ में…
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भारत की भौगोलिक अवस्थिति, अक्षांशीय-देशांतीय विस्तार और प्रामाणिक समय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जबकि संपूर्ण देश का अक्षांशीय विस्तार (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के इंदिरा पॉइंट सहित) 6°45' उत्तर अक्षांश से प्रारंभ होता है।
2. भारत का देशांतीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व के मध्य है, जिसके कारण इसके सबसे पूर्वी छोर (किबीथू, अरुणाचल प्रदेश) और सबसे पश्चिमी छोर (गुहार मोती, गुजरात) के स्थानीय समय में लगभग 1 घंटा 57 मिनट का वास्तविक समयान्तर पाया जाता है।
3. भारतीय मानक समय (IST) की रेखा (82°30' पूर्व देशांतर) कुल छह राज्यों — उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और झारखंड — से होकर गुजरती है।
4. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) देश के कुल आठ राज्यों से गुजरती है और अगरतला (त्रिपुरा) शहर इस रेखा के सर्वाधिक समीप स्थित राज्य की राजधानी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विविध प्रकार की विवर्तनिक प्लेट सीमाओं (Tectonic Plate Boundaries) और उनसे जुड़ी भूकंपीय व ज्वालामुखीय गतिविधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) के अंतर्गत सबडक्शन जोन (Subduction Zone) में महासागरीय प्लेट के नीचे धंसने से तीव्र भूकंप उत्पन्न होते हैं और यहाँ मुख्य रूप से एंडीज या कास्केड रेंज जैसे विस्फ़ोटक 'स्ट्रैटोवोलकानो' (Stratovolcanoes) का निर्माण होता है।
2. अपसारी प्लेट किनारों (Divergent Plate Boundaries) पर मुख्य रूप से बेसिक या बेसाल्टिक लावा के शांत उद्गार से मध्य-महासागरीय कटकों (Mid-Oceanic Ridges) का निर्माण होता है, जहाँ उत्पन्न होने वाले भूकंप सामान्यतः उथले फोकस (Shallow-focus) वाले होते हैं।
3. रूपांतरित प्लेट सीमाओं (Transform Plate Boundaries) जैसे कि सैन एंड्रियास फॉल्ट पर विवर्तनिक प्लेटें एक-दूसरे के पार्श्व में क्षैतिज रूप से फिसलती हैं, जिसके कारण भारी मात्रा में भ्रंशण (Faulting) होता है और यहाँ विनाशकारी भूकंप आते हैं, किंतु तीव्र ज्वालामुखी क्रियाओं का पूर्ण अभाव होता है।
4. प्रशांत महासागर की 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) पेटी मुख्य रूप से महाद्वीपीय-महाद्वीपीय अभिसरण (Continental-Continental Convergence) का परिणाम है, जहाँ यूरेशियन प्लेट के नीचे भारतीय प्लेट के धंसने से दुनिया के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर्वत पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets), क्षुद्रग्रहों तथा धूमकेतुओं (Comets) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ओर्ट क्लाउड (Oort Cloud) हमारे सौर मंडल की बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले पिंडों और धूमकेतुओं का एक विशाल गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period comets) का उद्गम स्थल माना जाता है।
2. 'बृहस्पति' (Jupiter) के वायुमंडल में भारी मात्रा में हाइड्रोजन, हीलियम, मीथेन और अमोनिया गैसें पाई जाती हैं, तथा इसके भीतर दाब इतना अधिक है कि हाइड्रोजन यहाँ धात्विक अवस्था (Metallic Hydrogen) में मौजूद है।
3. काइपर बेल्ट (Kuiper Belt) नेपच्यून की कक्षा के पार सूर्य से लगभग 30 से 50 खगोलीय इकाइयों (AU) की दूरी पर स्थित एक डिस्कनुमा क्षेत्र है, जहाँ प्लूटो और हाउमेया जैसे बौने ग्रह पाए जाते हैं।
4. शनि का उपग्रह 'टाइटन' (Titan) सौर मंडल का एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसका अपना स्वयं का घना वायुमंडल है, जिसमें मुख्य रूप से ऑक्सीजन और जलवाष्प की प्रधानता पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) और आंतरिक ग्रहों (Terrestrial Planets) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आंतरिक ग्रह सूर्य के अत्यधिक समीप स्थित होने के कारण तीव्र सौर पवनों के प्रभाव में आ गए, जिससे उनकी सतह से हल्की गैसें (जैसे हाइड्रोजन और हीलियम) उड़ गईं और वे मुख्य रूप से चट्टानों तथा धातुओं से बने ठोस पिंड के रूप में बचे रहे।
2. बाह्य ग्रहों का आकार और द्रव्यमान आंतरिक ग्रहों की तुलना में अत्यधिक बड़ा है, तथा उनका घनत्व कम है क्योंकि वे मुख्य रूप से गैसीय अवस्था में हैं और उनके चारों ओर वलय प्रणालियाँ (Ring Systems) पाई जाती हैं।
3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, जो इस बात का प्रमाण है कि इस क्षेत्र में एक बड़े ग्रह का निर्माण हो रहा था, किंतु बृहस्पति के शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल के कारण इसके मलबे आपस में जुड़ नहीं सके।
4. हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह 'गैनीमेड' है, जो आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और यह शनि ग्रह की परिक्रमा करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
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पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
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