त्वरित लिंक्स
General Science
14 views
दाब का मात्रक?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पास्कल।
Related Questions
→
सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर विभिन्न कोशिकांगों (Cell organelles) की संरचना, उनके मार्कर एंजाइमों (Marker enzymes) और अंतःझिल्ली तंत्र (Endomembrane system) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूत्रकणिका (Mitochondria) की आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले ऑक्सीसोम (F$_0$-F$_1$ कण) एटीपी संश्लेषण के लिए उत्तरदायी होते हैं, और इस अंगक का मुख्य मार्कर एंजाइम 'सक्सीनेट डिहाइड्रोजनेज' है जो इसकी आंतरिक झिल्ली पर स्थित होता है।
2. खुरदरी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम को मजबूती से बांधे रखने के लिए 'राइबोफोरिन-I' और 'राइबोफोरिन-II' नामक विशिष्ट ट्रांसमेम्ब्रेन ग्लाइकोप्रोटीन पाए जाते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण और उनके सही वलन (Folding) में मदद करते हैं।
3. गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) का 'सिस नेटवर्क' (Cis-face) आमतौर पर परिपक्व या बनाने वाला सिरा (Maturing face) कहलाता है जो प्लाज्मा झिल्ली की ओर उन्मुख होता है, जबकि 'ट्रांस नेटवर्क' (Trans-face) केंद्रक की ओर होता है।
4. लाइसोसोम एकल झिल्ली से घिरा एक ऐसा कोशिकांग है जिसमें अम्लीय फॉस्फेटेज (Acid phosphatase) जैसे हाइड्रोलाइटिक एंजाइम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो लगभग 4.5 से 5.0 के इष्टतम पीएच ($pH$) पर सर्वाधिक सक्रिय होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
विद्युत धारा, प्रतिरोध और विभिन्न परिपथों के संयोजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब समान मान के तीन प्रतिरोधकों को पहले श्रेणी क्रम (Series combination) में और फिर उन्हीं प्रतिरोधकों को समांतर क्रम (Parallel combination) में जोड़ा जाता है, तो दोनों स्थितियों में कुल तुल्य प्रतिरोध का अनुपात 9:1 होता है।
2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (Kirchhoff's Current Law) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
3. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को अत्यंत उच्च सटीकता के साथ मापने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की स्थिति में तब होता है जब धारामापी (Galvanometer) से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
ऊष्मागतिकी के शून्यवें नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) और विभिन्न तापमापीय पैमानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवां नियम तापमान की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह बताता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य (Thermal equilibrium) में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. परम शून्य ताप (Absolute Zero) वह सैद्धांतिक तापमान है जिस पर किसी आदर्श गैस की गतिज ऊर्जा शून्य हो जाती है, और सेल्सियस पैमाने पर इसका मान -273.15 °C होता है।
3. फारेनहाइट और सेल्सियस पैमाने एक विशिष्ट तापमान पर बिल्कुल समान पाठ्यांक (Reading) दर्शाते हैं, और यह तापमान -40 डिग्री होता है।
4. स्थिर आयतन गैस तापमापी (Constant volume gas thermometer) में पारे का उपयोग किया जाता है क्योंकि पारा सभी तापमानों पर एकसमान प्रसार गुणांक प्रदर्शित करता है और काँच को नहीं भिगोता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
तरंग गति, डॉप्लर प्रभाव और ध्वनि तरंगों के संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब ध्वनि स्रोत और श्रोता दोनों एक ही दिशा में समान वेग से गति कर रहे हों, तो श्रोता द्वारा सुनी जाने वाली ध्वनि की आवृत्ति में कोई आभासी परिवर्तन (डॉप्लर विस्थापन) नहीं होता है, क्योंकि उनके बीच की आपेक्षिक गति शून्य होती है।
2. लाप्लास (Laplace) द्वारा न्यूटन के ध्वनि की चाल के सूत्र में किए गए संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, और इस प्रक्रिया में संपीडन और विरलन इतनी तीव्र गति से होते हैं कि ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं हो पाता है।
3. जब एक अनुदैर्ध्य ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति, तरंगदैर्ध्य और वेग तीनों में परिवर्तन हो जाता है, क्योंकि माध्यम बदलने पर तरंग के संचरण के भौतिक गुण बदल जाते हैं।
4. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के निरपेक्ष तापमान के वर्गमूल के सीधे समानुपाती होती है, तथा गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी उदासीन गैसीय परमाणु द्वारा एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर ऊर्जा मुक्त होती है, जिसे प्रथम इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) कहा जाता है, और आवर्त सारणी में हैलोजन परिवार (समूह 17) के तत्वों की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान उनके अपने आवर्त में सबसे अधिक होता है।
2. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभाव के कारण, 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफ्नियम, Hf) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग उनके ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) के लगभग समान होती हैं।
3. पॉलिंग पैमाने के अनुसार फ्लोरिन की विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) संपूर्ण आवर्त सारणी में सर्वाधिक होती है, किंतु इसकी प्रथम इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान इसके छोटे आकार के कारण होने वाले अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक (Interelectronic Repulsion) के कारण समूह के ही अगले तत्व क्लोरीन से कम होता है।
4. किसी परमाणु या आयन की आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, क्योंकि इलेक्ट्रॉन को नाभिक के आकर्षण बल के विरुद्ध बाहर निकालने के लिए ऊर्जा का अवशोषण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.