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General Science
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?

Detailed Explanation

माइटोकॉन्ड्रिया में ATP ऊर्जा बनती है।
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तरंग की आवृत्ति (Frequency) का मात्रक क्या है? प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब कोई प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक होने पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, और इस स्थिति में विरल माध्यम में अपवर्तित किरण का वेग शून्य हो जाता है। 2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी प्रकृति बदल लेता है और अवतल लेंस (अपसारी लेंस) की तरह व्यवहार करने लगता है। 3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि वस्तु को अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र ($C$) और फोकस ($F$) के बीच रखा जाता है, तो उसका वास्तविक, उल्टा और वस्तु से बड़ा प्रतिबिंब वक्रता केंद्र से परे (परे $C$) बनता है। 4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन के दौरान, परावर्तित प्रकाश की कुल तीव्रता आपतित प्रकाश की तीव्रता के 100% के बराबर होती है क्योंकि इस परिघटना में माध्यम द्वारा प्रकाश का कोई अवशोषण या आंशिक अपवर्तन नहीं होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण के तरीकों और रोगकारकों (Pathogens) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'टिटनेस' (Tetanus) क्लोस्ट्रीडियम टिटानी (Clostridium tetani) जीवाणु के कारण होता है, जिसके बीजाणु (Spores) मुख्य रूप से मिट्टी या जंग लगी वस्तुओं में पाए जाते हैं, और यह रोग तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके पेशियों में तीव्र ऐंठन (Spasms) उत्पन्न करता है। 2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित जनन-अंग संक्रमण है, जो मुख्य रूप से संक्रमित चमगादड़ों, कुत्तों या अन्य स्तनधारियों के काटने से लार के माध्यम से तंत्रिका तंत्र में फैलता है और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से क्षति पहुँचाता है। 3. 'कालाजार' (Kala-azar) या विसरल लीशमैनियासिस एक प्रोटोजोआ जनित रोग है, जो 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी) के काटने से फैलता है और इसके परजीवी मुख्य रूप से यकृत, प्लीहा (Spleen) तथा अस्थि मज्जा (Bone marrow) की रेटिकुलोएन्डोथेलियल कोशिकाओं को संक्रमित करते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हॉर्मोनों के नियंत्रण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की अल्फा कोशिकाएँ 'ग्लूकागन' (Glucagon) हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) और ग्लूकोनियोजेनेसिस को प्रेरित करके रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है। 2. पैराथाइरॉइड ग्रंथियों द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करता है, क्योंकि यह हड्डियों के अवशोषण को रोकता है और आंतों से कैल्शियम के अवशोषण को संदमित करता है। 3. पीयूष ग्रंथि का पश्च भाग (Posterior pituitary) 'ऑक्सीटोसिन' और 'वैसोप्रेसिन' (ADH) दोनों हॉर्मोनों का संश्लेषण स्वयं करता है, तथा हाइपोथैलेमस केवल इन्हें अपने तंत्रिकाक्षों (Axons) के माध्यम से संग्रहित करने का कार्य करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? नाभिकीय भौतिकरी और कण त्वरकों (Particle Accelerators) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. साइक्लोट्रॉन (Cyclotron) एक ऐसा कण त्वरक है जिसका उपयोग आवेशित कणों (जैसे प्रोटॉन और ड्यूट्रॉन) को उच्च ऊर्जा तक त्वरित करने के लिए किया जाता है, और इसमें कणों को त्वरित करने के लिए एक समान चुंबकीय क्षेत्र और परिवर्ती (Oscillating) विद्युत क्षेत्र का एक साथ उपयोग होता है। 2. साइक्लोट्रॉन में उच्च ऊर्जा प्राप्त करने की एक मुख्य सीमा यह है कि जब इलेक्ट्रॉनों या हल्के कणों को अत्यधिक उच्च वेग तक त्वरित किया जाता है, तो आपेक्षिकीय प्रभाव (Relativistic effect) के कारण उनका द्रव्यमान बढ़ने लगता है, जिससे उनका आवर्तकाल उच्च आवृत्ति वाले प्रत्यावर्ती विभवांतर के साथ समकालिक (Synchronized) नहीं रह पाता है। 3. द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी नाभिक का निर्माण उसके व्यक्तिगत न्यूट्रॉनों और प्रोटॉनों से होता है, तो कुल द्रव्यमान में होने वाली कमी (द्रव्यमान क्षति) नाभिकीय बंधन ऊर्जा के रूप में मुक्त होती है, और प्रति न्यूक्लियन बंधन ऊर्जा जितनी अधिक होती है, नाभिक उतना ही अधिक स्थायी होता है। 4. बीटा-क्षय ($eta$-decay) के दौरान उत्सर्जित होने वाले पॉजिट्रॉन ($e^+$) और इलेक्ट्रॉन ($e^-$) के अलावा, एक अनावेशित और अत्यंत कम द्रव्यमान वाला कण भी उत्सर्जित होता है जिसे 'न्यूट्रिनो' (Neutrino) कहा जाता है, और इसकी भविष्यवाणी सबसे पहले ऊर्जा और रैखिक संवेग संरक्षण के नियमों को संतुष्ट करने के लिए वोल्फगैंग पाउली द्वारा की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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