त्वरित लिंक्स
General Science
14 views
तरंग की आवृत्ति (Frequency) का मात्रक क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
आवृत्ति हर्ट्ज में मापी जाती है।
Related Questions
→
परमाणु संरचना और पदार्थ की अवस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग से यह निष्कर्ष निकला कि परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान और उसका धनात्मक आवेश उसके केंद्र में एक अत्यंत सूक्ष्म आयतन में केंद्रित होता है, जिसे नाभिक कहा जाता है।
2. हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की बामर श्रेणी (Balmer series) विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम के दृश्य क्षेत्र (Visible region) में पाई जाती है, जबकि लाइमन श्रेणी पराबैंगनी क्षेत्र (Ultraviolet region) से संबंधित है।
3. प्लांक के क्वांटम सिद्धांत के अनुसार, विकिरण की ऊर्जा ऊर्जा के छोटे-छोटे असतत पैकेटों या बंडलों के रूप में उत्सर्जित या अवशोषित होती है, जिन्हें 'क्वांटम' या प्रकाश के संदर्भ में 'फोटॉन' कहा जाता है।
4. बोह्र के परमाणु मॉडल में यह माना गया कि इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर किन्हीं भी त्रिज्याओं वाली वृत्ताकार कक्षाओं में घूम सकते हैं, और इन कक्षाओं में घूमते समय वे लगातार ऊर्जा का विकिरण करते रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पेंटेन का सूत्र?
→
ऊष्मागतिकी के प्रथम और द्वितीय नियमों तथा तापमापी प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) तापमान की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह स्थापित करता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. स्थिर आयतन गैस तापमापी (Constant-volume gas thermometer) गैस के दाब और तापमान के रैखिक संबंध पर कार्य करती है, और इसमें प्रयुक्त गैस (जैसे ही हाइड्रोजन या हीلیم) आदर्श गैस व्यवहार के अत्यधिक निकट होती है।
3. ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार, किसी निकाय को दी जाने वाली ऊष्मा का पूर्ण उपयोग उसकी आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि करने में होता है, और यह नियम ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ ऊष्मा के प्रवाह की दिशा को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है।
4. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान नहीं होता ($dQ = 0$), और ऐसे प्रक्रम में गैस का प्रसार होने पर उसकी आंतरिक ऊर्जा कम हो जाती है जिससे तापमान में गिरावट आती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव शरीर के तंत्रों की जटिल क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में पाई जाने वाली अल्फा कोशिकाएँ (Alpha cells) 'ग्लूकागन' हार्मोन का स्रावण करती हैं, जो यकृत में ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) को प्रेरित करके रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है।
2. मानव हृदय के समेकित चालन तंत्र (Conduction System) में, 'एट्रियोवेंट्रिकुलर बंडल' (Bundle of His) और पुर्किंजे तंतुओं (Purkinje fibres) की उपस्थिति के कारण दोनों आलिंदों (Atria) और निलयों (Ventricles) के संकुचन के बीच एक आवश्यक शारीरिक अंतराल (Delay) उत्पन्न होता है, जिससे रक्त का प्रवाह केवल आलिंद से निलय की ओर ही होता है।
3. श्वसन तंत्र के नियमन में, महाधमनी चाप (Aortic arch) और कैरोटिड धमनी (Carotid artery) में स्थित परिधीय केमोरेसेप्टर्स (Peripheral chemoreceptors) रक्त में $CO_2$ और हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता में खतरनाक वृद्धि को महसूस करते हैं, लेकिन रक्त के $O_2$ की सांद्रता में होने वाले परिवर्तनों के प्रति ये पूरी तरह असंवेदनशील होते हैं।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के न्यूरोट्रांसमीटरों के संदर्भ में, एसिटيلकोलाइन (Acetylcholine) स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के परानुकंपी तंतुओं के अंतर्ग्रथनी सिरों पर स्रावित होने वाला प्रमुख न्यूरोट्रांसमीटर है, जो हृदय गति को धीमा करने और पाचन क्रिया को बढ़ाने का कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
यूकेरियोटिक कोशिका चक्र (Cell Cycle) के नियमन और सूत्री विभाजन (Mitosis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोशिका चक्र के 'G1/S चेकपॉइंट' पर मुख्य रूप से साइक्लिन-डिपेंडेंट किनेज (CDK) और साइक्लिन का परिसर कार्य करता है, तथा इस बिंदु पर डीएनए क्षति की जाँच 'p53' प्रोटीन द्वारा की जाती है जो चक्र को रोक सकता है या एपोप्टोसिस को प्रेरित कर सकता है।
2. सूत्री विभाजन की मध्यावस्था (Metaphase) के दौरान गुणसूत्र कोशिका की भूमध्य रेखा (Metaphase plate) पर व्यवस्थित होते हैं, और इस चरण में 'स्पिंडल चेकपॉइंट' यह सुनिश्चित करता है कि सभी किनेटोकोर से तर्कु तंतु सही ढंग से जुड़े हैं या नहीं, जिसके बिना एनाफेज में संक्रमण रुक जाता है।
3. 'कोलचिसिन' (Colchicine) रसायन तर्कु तंतुओं (Spindle fibers) के निर्माण को बाधित करता है, जिससे कोशिका विभाजन एनाफेज अवस्था में ही रुक जाता है और बहुगुणित (Polyploidy) अवस्था उत्पन्न हो सकती है।
4. मियोसिस (अर्धसूत्री विभाजन) के दौरान क्रॉसिंग ओवर की प्रक्रिया 'पैक्टीन्यू' (Pachytene) उप-अवस्था में होती है, जो नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री के आदान-प्रदान को सुगम बनाती है और इसके लिए 'रेकॉम्बिनेज' एंजाइम आवश्यक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.