BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
11 views

मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हॉर्मोनों के नियंत्रण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की अल्फा कोशिकाएँ 'ग्लूकागन' (Glucagon) हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) और ग्लूकोनियोजेनेसिस को प्रेरित करके रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है।
  2. 2. पैराथाइरॉइड ग्रंथियों द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करता है, क्योंकि यह हड्डियों के अवशोषण को रोकता है और आंतों से कैल्शियम के अवशोषण को संदमित करता है।
  3. 3. पीयूष ग्रंथि का पश्च भाग (Posterior pituitary) 'ऑक्सीटोसिन' और 'वैसोप्रेसिन' (ADH) दोनों हॉर्मोनों का संश्लेषण स्वयं करता है, तथा हाइपोथैलेमस केवल इन्हें अपने तंत्रिकाक्षों (Axons) के माध्यम से संग्रहित करने का कार्य करता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि अग्न्याशय की अल्फा कोशिकाओं से स्रावित होने वाला ग्लूकागन एक हाइपरग्लाइसेमिक हॉर्मोन है जो यकृत में ग्लाइकोजन के ग्लूकोज में टूटने (ग्लाइकोजेनोलिसिस) को बढ़ावा देता है। कथन 2 गलत है क्योंकि पैराथर्मोन (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाता है, न कि घटाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हॉर्मोनों का संश्लेषण वास्तव में हाइपोथैलेमस की तंत्रिका स्रावी कोशिकाओं (Neurosecretory cells) द्वारा किया जाता है, जबकि पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) केवल इनका भंडारण और विमोचन करती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रुधिर वर्गों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर ग्लाइकोप्रोटीन के रूप में मौजूद एंटीजन (एग्लूटिनोजन) का प्रकार आनुवंशिक रूप से नियंत्रित होता है, तथा ABO रक्त समूह प्रणाली में एंटीबॉडी (एग्लूटिनिन) 'एन्टी-A' और 'एन्टी-B' प्रोटीन प्रकृति के होते हैं जो प्लाज्मा में पाए जाते हैं। 2. 'बॉम्बे ब्लड ग्रुप' (Oh फेनोटाइप) वाले व्यक्तियों के लाल रक्त कणिकाओं पर 'H' एंटीजन का पूर्ण अभाव होता है, क्योंकि उनमें FUT1 (फ्यूकोसिलट्रांसफेरेज 1) जीन का उत्परिवर्तित और निष्क्रिय रूप पाया जाता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO समूह से रक्त प्राप्त नहीं कर सकते हैं। 3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस (गर्भक्ता रक्तकता) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) पिता और एक Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता की प्रथम संतान Rh-धनात्मक होती है, और यह आनुसंगी असंगति प्रथम गर्भावस्था के दौरान ही प्लेसेंटा के माध्यम से भ्रूण की मृत्यु का कारण बन जाती है। 4. रक्त का स्कंदन (Clotting) एक कैस्केड प्रक्रिया है जिसमें प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलने के लिए सक्रिय कारक Xa, कैल्सियम आयनों ($Ca^{2+}$) और फॉस्फोलिपिड की उपस्थिति में 'प्रोथ्रोम्बिनेज' एंजाइम परिसर का निर्माण आवश्यक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव पोषण और जैव अणुओं (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा विटामिन) के रासायनिक और कार्यगत संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्लाइकोजन एक शाखित पॉलिसैराइड है जो मुख्य रूप से जंतुओं और कवक में ऊर्जा संचय का कार्य करता है, तथा इसकी संरचना पादप स्टार्च के 'एमिलापैक्टिन' के समान होती है किंतु इसमें शाखाओं का घनत्व बहुत अधिक होता है (लगभग हर 8 से 10 ग्लूकोज इकाइयों के बाद)। 2. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential amino acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर की कोशिकाओं में आनुवंशिक रूप से हो सकता है, जबकि अनावश्यक अमीनो अम्ल वे हैं जिन्हें शरीर में संश्लेषित नहीं किया जा सकता और उन्हें आहार से लेना अनिवार्य होता है। 3. विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका भंडारण यकृत में कई वर्षों तक हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते और मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाते हैं। 4. सेलूलोज एक रैखिक पॉलिसैराइड है जो $eta$-डी-ग्लूकोज ($eta$-D-glucose) इकाइयों के C1-C4 ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा का स्रोत नहीं बन पाता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? द्रव के सामान्य गुणों और उनसे जुड़ी भौतिक परिघटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह द्वारा न्यूनतम क्षेत्रफल प्राप्त करने की प्रवृत्ति 'पृष्ठ तनाव' (Surface Tension) के कारण होती है, जिसका कारण अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल (Cohesive force) है, और तापमान बढ़ाने पर पृष्ठ तनाव का मान घट जाता है। 2. श्यानता (Viscosity) किसी द्रव का वह गुण है जिसके कारण वह अपनी विभिन्न परतों के बीच होने वाली相対 गति का विरोध करता है, और गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ घटती है जबकि द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है। 3. जब किसी केशिका नली (Capillary tube) को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जो नली की दीवारों को भिगोता है (जैसे जल और काँच), तो द्रव नली के भीतर ऊपर चढ़ जाता है और केशिका नली में द्रव की ऊँचाई नली की त्रिज्या के व्युत्क्रमानुपाती होती है। 4. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, जिसका केंद्र हटाए गए द्रव के द्रव्यमान केंद्र पर स्थित होता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' (Centre of Buoyancy) कहते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? प्रकाश तरंग का माध्यम? उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल ऊर्जा (यांत्रिक ऊर्जा) ऋणात्मक होती है, जो उसकी गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग होती है, और यह ऋणात्मक मान इस बात का प्रतीक है कि उपग्रह पृथ्वी से गुरुत्वाकर्षण रूप से बंधा हुआ है। 2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की कक्षीय चाल ध्रुवीय उपग्रहों की तुलना में अधिक होती है, क्योंकि भू-स्थिर उपग्रह को पृथ्वी की भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर लगभग 36,000 किमी की ऊँचाई पर स्थापित किया जाता है और इसका परिक्रमण काल ठीक 24 घंटे होता है। 3. भारहीनता (Weightlessness) की स्थिति में अंतरिक्ष यान के भीतर किसी वस्तु का आभासी भार शून्य होता है, क्योंकि अंतरिक्ष यान और उसमें स्थित वस्तु दोनों ही पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र के अधीन समान त्वरण से मुक्त पतन (Free fall) की स्थिति में होते हैं। 4. पलायन वेग ($v_e$) का मान पिंड के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, अर्थात अधिक द्रव्यमान वाले उपग्रह को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर भेजने के लिए कम पलायन वेग की आवश्यकता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.