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General Science
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वंशागति के गुणसूत्र सिद्धांत (Chromosomal theory of inheritance) और सहलग्नता (Linkage) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वंशागति का गुणसूत्र सिद्धांत वाल्टर सटन और थियोडोर बोवेरी द्वारा स्वतंत्र रूप से प्रतिपादित किया गया था, जो इस वैज्ञानिक तथ्य पर आधारित है कि जीन और गुणसूत्र दोनों जोड़े में होते हैं और युग्मक निर्माण के दौरान समजात गुणसूत्रों का अलगाव उनके परस्थित जीनों के पृथक्करण का कारण बनता है।
  2. 2. थॉमस हंट मॉर्गन द्वारा ड्रोसोफिला मेलानोगास्टर पर किए गए प्रयोगों के दौरान यह देखा गया कि कुछ जीन एक ही गुणसूत्र पर अत्यधिक निकट स्थित होने के कारण स्वतंत्र अपव्यूहन (Independent assortment) के नियम का पालन नहीं करते हैं, जिसे उन्होंने 'सहलग्नता' (Linkage) नाम दिया।
  3. 3. मॉर्गन के प्रयोगों में यह भी पाया गया कि सहलग्न जीनों के बीच जीन विनिमय (Crossing over) की आवृत्ति दो जीनों के बीच की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है, अर्थात् जितने अधिक दूरी पर जीन स्थित होंगे, उनके बीच पुनर्संयोजन (Recombination) की संभावना उतनी ही कम होगी।
  4. 4. मॉर्गन और उनके सहकर्मियों ने सहलग्न जीनों की आवृत्ति का उपयोग करके पहली बार आनुवंशिक मानचित्र (Genetic map) तैयार किया, जिसमें एक प्रतिशत पुनर्संयोजन आवृत्ति को 'सेंटीमॉर्गन' (cM) या मानचित्र इकाई के रूप में परिभाषित किया गया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि वंशागति का गुणसूत्र सिद्धांत वाल्टर सटन और थियोडोर बोवेरी द्वारा 1902 में प्रतिपादित किया गया था, जो मेंडेलियन कारकों (जीनों) और गुणसूत्रों के व्यवहार के बीच समानता पर आधारित था। कथन 2 सही है क्योंकि टी.एच. मॉर्गन ने ड्रोसोफिला पर अध्ययन के दौरान सहलग्नता की खोज की और बताया कि एक ही गुणसूत्र पर स्थित जीन अक्सर एक साथ वंशागत होते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि जीन विनिमय (Crossing over) और पुनर्संयोजन की आवृत्ति दो सहलग्न जीनों के बीच की दूरी के **समानुपाती (Directly proportional)** होती है, न कि व्युत्क्रमानुपाती। इसका अर्थ है कि जितनी अधिक दूरी होगी, क्रॉसिंग ओवर की संभावना उतनी ही अधिक होगी। कथन 4 सही है, मॉर्गन के छात्र अल्फ्रेड स्टर्तिवेंट ने पुनर्संयोजन आवृत्तियों का उपयोग करके पहली बार गुणसूत्रों पर जीनों की स्थिति को दर्शाते हुए आनुवंशिक मानचित्र (Genetic map) तैयार किया था।
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