त्वरित लिंक्स
General Science
10 views
पदार्थ की अवस्थाओं और परमाणु संरचना (Atomic Structure) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. द्रव्य की 'बोस-आइंस्टीन संघनन' (Bose-Einstein Condensate - BEC) अवस्था अत्यंत कम घनत्व वाली गैस को परम शून्य (Absolute Zero) के अतिनिकट तापमान तक ठंडा करके प्राप्त की जाती है, जिसमें क्वांटम प्रभाव स्थूल स्तर पर दिखाई देने लगते हैं।
- 2. रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग में अधिकांश अल्फा कण सोने की पन्नी से बिना किसी विक्षेपण के सीधे निकल गए, जिससे यह सिद्ध हुआ कि परमाणु का अधिकांश भाग खोखला होता है और संपूर्ण धन आवेश तथा द्रव्यमान उसके अत्यंत सूक्ष्म केंद्रीय भाग (नाभिक) में केंद्रित होता है।
- 3. बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर केवल उन्हीं वृत्ताकार कक्षाओं में चक्कर लगा सकते हैं जिनमें उनका कोणीय संवेग (Angular Momentum) $h/2\pi$ का पूर्ण गुणज (Integral multiple) होता है, और इन कक्षाओं में घूमते समय इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का विकिरण करते हैं।
- 4. पाऊलिका अपवर्जन नियम (Pauli's Exclusion Principle) के अनुसार, एक ही परमाणु में उपस्थित किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं ($n, l, m_s, s$) के मान कभी भी सर्वसम (Identical) नहीं हो सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, स्थिर कक्षाओं (Stationary orbits) में चक्कर लगाते समय इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण नहीं करते हैं, बल्कि ऊर्जा का परिवर्तन केवल तब होता है जब इलेक्ट्रॉन एक कक्षा से दूसरी कक्षा में संक्रमण (Transition) करता है। विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
→
सापेक्षता के सिद्धांत में द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता का मूल अर्थ क्या है?
→
मानव शरीर के परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हृदय चक्र (Cardiac cycle) के दौरान, 'आलि-निलय नोड' (AV Node) पेसमेकर के रूप में कार्य करता है जो स्वतः उत्पन्न होने वाले विद्युत आवेगों को आलिंद से निलय तक पहुँचाता है, जिससे निलय का संकुचन होता है।
2. तंत्रिका आवेग (Nerve impulse) के संचलन के समय, जब सिनेप्स (Synapse) पर विद्युत संकेत पहुँचता है, तो पुटिकाएँ (Vesicles) फट जाती हैं और न्यूरोट्रांसमीटर जैसे 'एसिटाइलकोलीन' (Acetylcholine) का विमोचन होता है, जो पश्च-सिनेप्टिक झिल्ली के ग्राही (Receptors) से जुड़कर रासायनिक संचरण को पूरा करता है।
3. रुधिर वाहिकाओं में रक्तदाब को नियंत्रित करने में मेडुला ऑब्लॉन्गेटा (Medulla oblongata) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के माध्यम से हृदय की धड़कन और वाहिकासंकीर्णन (Vasoconstriction) को नियमित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
इलेक्ट्रॉन खोज?
→
विद्युत परिपथों और किर्चॉफ के नियमों (Kirchhoff's Laws) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किर्चॉफ का प्रथम नियम (धारा नियम या KCL) आवेश संरक्षण (Conservation of Charge) के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि (Junction) पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
2. किर्चॉफ का द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण (Conservation of Energy) के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी बंद लूप में कुल विद्युत वाहक बलों का बीजगणितीय योग उस लूप के विभिन्न भागों में प्रतिरोधों और धाराओं के गुणनफल के बीजगणितीय योग के बराबर होता है।
3. वीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge) एक ऐसा सर्किट है जिसका उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है, और इसकी संतुलन अवस्था (Null condition) में गैल्वेनोमीटर से होकर बहने वाली धारा का मान शून्य होता है, जिसके लिए प्रतिबंध $P/Q = S/R$ (मानक प्रतीकों में) संतुष्ट होना अनिवार्य है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
आवर्त सारणी के तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) और उनके प्रवृत्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic radius) सामान्यतः घटती है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective nuclear charge) में वृद्धि होती है, जो बाहरी इलेक्ट्रונים को नाभिक की ओर अधिक तीव्रता से आकर्षित करती है।
2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन (Fluorine) की इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron affinity) अपने समूह के अन्य सभी तत्वों जैसे क्लोरीन की तुलना में सबसे अधिक ऋणात्मक होती है।
3. आयनन विभव (Ionization Potential) का मान किसी परमाणु की गैसीय अवस्था से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा को दर्शाता है, और यह सामान्यतः क्षारीय मृदा धातुओं (Group 2) में समान आवर्त की क्षार धातुओं (Group 1) की तुलना में अधिक होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.