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धातुओं का राजा किसे कहा जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सोना अपनी अभिक्रियाहीनता के कारण धातुओं का राजा है।
Related Questions
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आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) सामान्यतः घटती है क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में वृद्धि होती है, जिससे इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर अधिक तीव्रता से आकर्षित होते हैं।
2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान हेलोजन समूहों में सबसे अधिक होता है, और आवर्त सारणी में क्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान उसके ही समूह के तत्व फ्लोरीन से अधिक होता है।
3. आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) का मान हमेशा लगातार बढ़ता जाता है और किसी भी तत्व के लिए क्रमिक आयनन ऊर्जाओं का मान कभी भी बराबर नहीं हो सकता, साथ ही नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी ऑक्सीजन से कम होती है क्योंकि नाइट्रोजन में अर्ध-पूरित (Half-filled) $p$-उपकोश का स्थायित्व होता है।
4. विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) पौलिंग पैमाने पर सबसे अधिक फ्लोरिन की होती है, जबकि धात्विक गुण आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर घटता है और वर्ग में ऊपर से नीचे आने पर बढ़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पूरी तरह अनुपस्थित होते हैं।
2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की कार्यक्षमता C3 पौधों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इनमें प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, और कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में फॉस्फोएनोलपाइरुवेट (PEP) कार्बोक्सिलेज एंजाइम द्वारा होता है।
3. जिब्रेलिन (Gibberellin) एक ऐसा पादप हार्मोन है जो आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्व संधियों (Internodes) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके लंबाई बढ़ाता है, और यह बीजों में अल्फा-एमिलाइज एंजाइम के संश्लेषण को उत्तेजित कर सुषुप्तावस्था को भंग करता है।
4. एब्सिसिक एसिड (ABA) को 'तनाव हार्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है, क्योंकि यह सूखे की स्थिति में रंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है, जबकि साइटोकैनीन हार्मोन कोशिका विभाजन को रोकता है और पत्तियों में जीर्णता (Senescence) को त्वरित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक व्यवहार तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'झाग उत्प्लवन प्रक्रम' (Froth Flotation Process) का उपयोग मुख्य रूप से सल्फाइड अयस्क के सांद्रण के लिए किया जाता है, जिसमें चीड़ के तेल (Pine oil) का उपयोग 'झाग बनाने वाले' (Frother) के रूप में और सोडियम एथिल जैंथेट का उपयोग 'संवर्धक' (Collector) के रूप में किया जाता है, जो अयस्क के कणों को जल-विरोधी (Hydrophobic) बनाते हैं।
2. जब एल्यूमिना के विद्युत अपघटनी निष्कर्षण (हॉल-हेरोल्ट प्रक्रम) में क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूएस्पर ($CaF_2$) को मिलाया जाता है, तो यह एल्यूमिना के गलनांक को काफी हद तक कम कर देता है और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ा देता है।
3. 'दहन विधि' (Roasting) और 'निस्थापन' (Calcination) दोनों ही अयस्कों के सांद्रण के बाद किए जाने वाले प्रक्रम हैं, जिसमें निस्थापन (Calcination) सीमित वायु या वायु की अनुपस्थिति में कार्बोनेट और हाइड्रेटेड ऑक्साइड अयस्कों को उनके गलनांक से कम तापमान पर गर्म करके वाष्पशील अशुद्धियों को दूर करने के लिए किया जाता है।
4. जब तांबे के निष्कर्षण के दौरान 'मैट' (Matte), जिसमें मुख्य रूप से $Cu_2S$ और थोड़ी मात्रा में $FeS$ होता है, को बेसेमर कनवर्टर में सिलिका अस्तर के साथ धमन भट्टी में गर्म किया जाता है, तो बचा हुआ फेरस सल्फाइड स्लैग के रूप में अलग हो जाता है और अंत में प्राप्त पिघला हुआ तांबा 'फोफोरेदार कॉपर' (Blister Copper) कहलाता है, जिसमें सल्फर डाइऑक्साइड गैस के निकलने के कारण छाले पड़ जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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मानव शरीर में पोषण और वृहत् पोषक तत्वों के उपापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ग््लुकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) मुख्य रूप से यकृत और वृक्क में होने वाली वह चयापचय प्रक्रिया है जिसमें गैर-कार्बोहाइड्रेट अग्रcursers (जैसे लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो एसिड) से ग्लूकोज का संश्लेषण होता है, जो उपवास की स्थिति में रक्त शर्करा को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
2. 'आवश्यक अमीनो अम्ल' (Essential amino acids वे हैं जिन्हें मानव शरीर संश्लेषित नहीं कर सकता, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना आवश्यक होता है, और वेल्लीन, ल्यूसीन तथा लाइसिन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
3. जल में घुलनशील 'विटामिन C' (ऐस्कॉर्बिक अम्ल) का मुख्य कार्य कोलेजन संश्लेषण में सहायक होना है, और इसकी अत्यधिक कमी से 'बेरी-बेरी' नामक गंभीर विकार उत्पन्न होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली कार्ल लैंडस्टीनर द्वारा खोजी गई थी, जो लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर मौजूद ग्लाइकोप्रोटीन या एंटीजन (एंटीजन A और एंटीजन B) की उपस्थिति या अनुपस्थिति पर आधारित होती है, जबकि रक्त प्लाज्मा में इसके विपरीत प्राकृतिक एंटीबॉडी (एंटी-A और एंटी-B) पाए जाते हैं।
2. 'Rh कारक' (रhesus factor) का नामकरण रीसस बंदर के नाम पर किया गया था, और जिस व्यक्ति के रक्त में Rh एंटीजन (D एंटीजन) उपस्थित होता है उसे Rh-धनात्मक (Rh+) कहा जाता है, तथा Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता और Rh-धनात्मक गर्भ के बीच प्रतिरक्षात्मक असंगति के कारण होने वाली स्थिति को 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस' (Erythroblastosis fetalis) कहते हैं।
3. सार्वत्रिक दाता (Universal Donor) 'O' रक्त समूह वाले व्यक्ति होते हैं क्योंकि उनकी लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर कोई भी एंटीजन (A या B) नहीं होता है, जिससे प्राप्तकर्ता के शरीर में कोई प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया नहीं होती है, बशर्ते Rh कारक का भी उचित मिलान किया गया हो।
4. रक्त स्कंदन (Blood coagulation) की कैसकेड प्रक्रिया के दौरान, निष्क्रिय प्रोथ्रॉम्बिन को सक्रिय थ्रॉम्बिन में बदलने के लिए 'थ्रॉम्बोप्लास्टिन' और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और यह प्रक्रिया यकृत द्वारा स्रावित 'हेपरिन' नामक प्राकृतिक थक्कारोधी (anticoagulant) द्वारा आंतरिक रूप से प्रेरित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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