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General Science
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मानव रक्त परिसंचरण और प्लाज्मा प्रोटीन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. रक्त प्लाज्मा में उपस्थित 'फाइब्रोजेन' (Fibrinogen) सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला प्लाज्मा प्रोटीन है, जिसका मुख्य कार्य शरीर के परासरणी दाब (Osmotic Pressure) को बनाए रखना है।
- 2. 'एल्ब्यूमिन' (Albumin) यकृत द्वारा संश्लेषित होता है और यह रक्त वाहिकाओं से ऊतकों में तरल पदार्थ के रिसाव को रोकने के लिए कोलॉइड ऑस्मोटिक दबाव उत्पन्न करता है।
- 3. 'ग्लोबुलिन' (Globulins) प्लाज्मा प्रोटीन मुख्य रूप से शरीर की रक्षा तंत्र से जुड़े होते हैं, जिनमें 'गामा ग्लोबुलिन' एंटीबॉडी (इम्यूनोग्लोबुलिन) के रूप में कार्य करते हैं।
- 4. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया में सीरम (Serum) और प्लाज्मा दोनों समान होते हैं, क्योंकि दोनों में फाइब्रोजेन और थक्का जमाने वाले सभी कारक समान मात्रा में उपस्थित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मानव रक्त प्लाज्मा में विभिन्न प्रोटीन पाए जाते हैं जिनमें एल्ब्यूमिन, ग्लोबुलिन और फाइब्रोजेन प्रमुख हैं। कथन 1 गलत है क्योंकि 'एल्ब्यूमिन' सबसे प्रचुर मात्रा में (लगभग 55-60%) पाया जाने वाला प्लाज्मा प्रोटीन है जो परासरणी दाब को नियंत्रित करता है, जबकि फाइब्रोजेन रक्त का थक्का जमाने में मदद करता है। कथन 2 सही है; एल्ब्यूमिन यकृत में बनता है और ऑस्मोटिक दबाव बनाए रखता है। कथन 3 सही है क्योंकि ग्लोबुलिन (विशेषकर गामा ग्लोबुलिन) प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए एंटीबॉडी बनाते हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि सीरम वह प्लाज्मा है जिसमें से फाइब्रोजेन और थक्का जमाने वाले कारक निष्कासित कर दिए जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण की क्रियाविधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलयन का 'वाष्प दाब का अवनमन' (Lowering of vapour pressure) और 'हिमांक का अवनमन' (Depression of freezing point) दोनों ही अणुसंख्यक गुण हैं, जो विलेय के कणों की प्रकृति पर निर्भर करते हैं, न कि उनकी संख्या पर।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों के जलीय विलयन में वियोजन (Dissociation) होने पर 1 से अधिक होता है, क्योंकि इस प्रक्रिया से विलयन में कणों की कुल संख्या बढ़ जाती है।
3. 'विषमांगी उत्प्रेरण' (Heterogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न-भिन्न भौतिक अवस्थाओं में होते हैं, और हेबर विधि द्वारा अमोनिया के निर्माण में प्रयुक्त सूक्ष्म विभाजित लोहा (Fe) इस प्रकार के उत्प्रेरण का एक प्रमुख उदाहरण है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर में पोषण, जैविक अणुओं और विटामिनों की चयापचय क्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में, विशेषकर यकृत में, कई महीनों से लेकर वर्षों तक संचित रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय द्वारा स्रावित 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) अनिवार्य होता है।
2. 'क्वाशियोरकोर' (Kwashiorkor) रोग केवल लंबे समय तक कुल कैलोरी (ऊर्जा) की गंभीर कमी के कारण होता है, जबकि 'मरास्मस' (Marasmus) प्रोटीन और कैलोरी दोनों की एक साथ कमी का परिणाम है।
3. वसा में घुलनशील विटामिन 'विटामिन E' (टोकोफेरोल) एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है जो कोशिका झिल्ली को लिपिड पेरोक्सीडेशन से बचाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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लंबी नदी?
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धातुओं के निष्कर्षण (Metallurgical Processes) और उनके अयस्क के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भर्जन' (Roasting) प्रक्रिया में सांद्रित अयस्क को वायु की नियमित या नियंत्रित आपूर्ति के साथ उसके गलनांक से कम ताप पर तीव्रता से गर्म किया जाता है, जिसका मुख्य उपयोग आमतौर पर सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइड अयस्कों में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है।
2. 'निस्तापन' (Calcination) प्रक्रिया के दौरान कार्बोनेट और हाइड्रेटेड ऑक्साइड अयस्कों को वायु की अनुपस्थिति या सीमित आपूर्ति में गर्म किया जाता है, जिससे वाष्पशील अशुद्धियाँ दूर हो जाती हैं और अयस्क सरलता से छिद्रयुक्त ऑक्साइड में बदल जाता है।
3. 'प्रगालन' (Smelting) एक ऐसी उच्च-तापीय प्रक्रिया है जिसमें भर्जित या निस्पापित अयस्क को किसी उपयुक्त गलनक (Flux) और कोक (कार्बन) के साथ उसके गलनांक से ऊपर गर्म किया जाता है, जिससे धातु का अपचयन होकर वह द्रवित अवस्था में प्राप्त होती है और साथ ही अशुद्धियाँ 'धातुमल' (Slag) के रूप में अलग हो जाती हैं।
4. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हैरॉल्ट प्रक्रम में क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) का मुख्य उपयोग ऐलुमिनियम ऑक्साइड के गलनांक को कम करने के लिए किया जाता है, क्योंकि शुद्ध एलुमिना का गलनांक बहुत उच्च होता है और यह विद्युत का बहुत अच्छा चालक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सबसे सक्रिय धातु?
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