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General Science
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मानव शरीर में पोषण, जैविक अणुओं और विटामिनों की चयापचय क्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में, विशेषकर यकृत में, कई महीनों से लेकर वर्षों तक संचित रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय द्वारा स्रावित 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) अनिवार्य होता है।
  2. 2. 'क्वाशियोरकोर' (Kwashiorkor) रोग केवल लंबे समय तक कुल कैलोरी (ऊर्जा) की गंभीर कमी के कारण होता है, जबकि 'मरास्मस' (Marasmus) प्रोटीन और कैलोरी दोनों की एक साथ कमी का परिणाम है।
  3. 3. वसा में घुलनशील विटामिन 'विटामिन E' (टोकोफेरोल) एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है जो कोशिका झिल्ली को लिपिड पेरोक्सीडेशन से बचाता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि विटामिन B12 जल-विलेय होने के बावजूद यकृत में बड़े पैमाने पर संग्रहीत होता है और इसके अवशोषण हेतु 'कैसल के आंतरिक कारक' की आवश्यकता होती है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'क्वाशियोरकोर' प्रोटीन की गंभीर कमी (कैप कैलोरी पर्याप्त हो सकती है) के कारण होता है, जबकि 'मरास्मस' प्रोटीन और कुल कैलोरी दोनों की भारी कमी से होता है। कथन 3 सही है क्योंकि विटामिन E एक प्रमुख वसा-विलेय एंटीऑक्सीडेंट है जो विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाता है।
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