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General Science
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मानव शरीर की सबसे लंबी हड्डी कौन सी है?
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Detailed Explanation
फीमर शरीर की सबसे लंबी हड्डी है।
Related Questions
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मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र, श्वसन और तंत्रिका तंत्र के समन्वित कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केरोटिड सायनस (Carotid sinus) और महाधमनी चाप (Aortic arch) में स्थित रससंवेदी (Chemoreceptors) मुख्य रूप से रक्त में $CO_2$ और $H^+$ आयनों की सांद्रता में वृद्धि तथा $O_2$ की अत्यधिक कमी का संवेदन करके मेडुला ऑब्लॉंगेटा स्थित श्वसन केंद्र को उद्दीपित करते हैं।
2. जब मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति अचानक कम हो जाती है या रक्तचाप गिर जाता है, तो वासोमोटर केंद्र (Vasomotor center) द्वारा सहानुभूति तंत्रिका तंत्र (Sympathetic nervous system) की सक्रियता बढ़ जाती है, जिससे परिधीय रक्त वाहिकाओं में वासोडिलेशन (Vasodilation) होता है और रक्तचाप सामान्य हो जाता है।
3. कोरोनरी धमनी का अचानक अवरुद्ध हो जाना या मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (Myocardial infarction) हृदय की पेशियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित करता है, जिसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) में ST खंड का उठना या गिरना और T-तरंग का व्युत्क्रम देखा जाता है।
4. फुफ्फुसीय शितिलन (Pulmonary ventilation) के दौरान, जब डायफ्राम और बाह्य अंतरपर्शुक पेशियाँ (External intercostal muscles) संकुचित होती हैं, तो वक्ष गुहा का आयतन बढ़ जाता है और इंट्रापल्मोनरी दाब वायुमंडलीय दाब से कम हो जाता है, जिससे हवा फेफड़ों के भीतर प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भर्जन' (Roasting) की प्रक्रिया में अयस्क को वायु की अत्यधिक मात्रा में उसके गलनांक से कम तापमान पर तीव्रता से गर्म किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य सल्फाइड अयस्कों को उनके संगत ऑक्साइडों में परिवर्तित करना और वाष्पशील अशुद्धियों को दूर करना है।
2. ऐलुमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हरोल्ट प्रक्रम (Hall-Heroult Process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूएस्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर उसका विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट विलायक के रूप में कार्य करते हुए मिश्रण के गलनांक को कम करता है और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाता है।
3. 'सफेद सीसा' (White Lead) लेड कार्बोनेट और लेड हाइड्रॉक्साइड का एक मिश्रण होता है, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से पेंट पिगमेंट के रूप में किया जाता है, किंतु हाइड्रोजन सल्फाइड गैस के संपर्क में आने पर यह काला पड़ जाता है।
4. जब तांबे (Copper) के निष्कर्षण के दौरान 'मैट' (Matte) को बेसीमर परिवर्तक (Bessemer converter) में गर्म किया जाता है, तो प्राप्त होने वाला फफोलेदार तांबा (Blister Copper) लगभग 99% शुद्ध होता है और इसमें सल्फर डाइऑक्साइड गैस के बुलबुले फंस जाने के कारण फफोले जैसी संरचना बन जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सीस्मोग्राफ?
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धातुओं के निष्कर्षण (Metallurgical Processes), संक्षारण (Corrosion) और उनके रासायनिक यौगिकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कॉपर पाइराइट्स ($CuFeS_2$) के प्रगालन (Smelting) के दौरान बनने वाला 'मैट' (Matte) मुख्य रूप से क्यूप्रस सल्फाइड ($Cu_2S$) और फेरस सल्फाइड ($FeS$) का मिश्रण होता है, जिसमें से आयरन की अशुद्धियों को हटाने के लिए सिलिका ($SiO_2$) को गलनक (Flux) के रूप में मिलाया जाता है।
2. 'थर्माइट वेल्डिंग' (Thermite Welding) में फेरिक ऑक्साइड ($Fe_2O_3$) का अपचयन एल्युमिनियम चूर्ण द्वारा किया जाता है, जो एक अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया है और इसमें पिघला हुआ लोहा रेल की पटरियों की दरारों को भरने के काम आता है।
3. लोहे पर जंग लगने की रासायनिक परिघटना एक विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें एनोड पर लोहे का ऑक्सीकरण होकर $Fe^{2+}$ आयन बनते हैं, जबकि कैथोड पर ऑक्सीजन का अपचयन होता है और इसके निवारण के लिए 'गेल्वेनीकरण' प्रक्रिया के तहत लोहे के ऊपर जस्ते (Zinc) की परत चढ़ाई जाती है।
4. सान्द्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) एल्युमिनियम धातु के साथ अभिक्रिया करके उसकी सतह पर एल्युमिनियम ऑक्साइड की एक निष्क्रिय (Passive) परत का निर्माण करता है, जिसके कारण एल्युमिनियम के बर्तन में नाइट्रिक अम्ल का भंडारण नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न आनुवंशिक और संक्रामक रोगों, उनके रोगजनकों तथा प्रभावित अंगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'हंटिंग्टन रोग' (Huntington's disease) एक ऑटोसोमल प्रभावी (Autosomal dominant) आनुवंशिक विकार है, जो गुणसूत्र 4 पर स्थित HTT जीन में 'CAG' ट्रिन्यूक्लियोटाइड रिपीट के असामान्य विस्तार के कारण होता है।
2. 'प्रियन' (Prions) संक्रामक प्रोटीन कण होते हैं जो किसी भी न्यूक्लिक एसिड (DNA या RNA) से रहित होते हैं, और ये केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके 'क्रूटत्ज़फील्ड-जैकोब रोग' (CJD) जैसी घातक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियाँ उत्पन्न करते हैं।
3. 'विल्सन रोग' (Wilson's disease) एक ऑटोसोमल अप्रभावी विकार है जिसमें शरीर में तांबे (Copper) का अत्यधिक संचय मुख्य रूप से यकृत और मस्तिष्क में होने लगता है, और इसका संबंध ATP7B जीन के उत्परिवर्तन से है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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