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General Science
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मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र, श्वसन और तंत्रिका तंत्र के समन्वित कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. केरोटिड सायनस (Carotid sinus) और महाधमनी चाप (Aortic arch) में स्थित रससंवेदी (Chemoreceptors) मुख्य रूप से रक्त में $CO_2$ और $H^+$ आयनों की सांद्रता में वृद्धि तथा $O_2$ की अत्यधिक कमी का संवेदन करके मेडुला ऑब्लॉंगेटा स्थित श्वसन केंद्र को उद्दीपित करते हैं।
- 2. जब मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति अचानक कम हो जाती है या रक्तचाप गिर जाता है, तो वासोमोटर केंद्र (Vasomotor center) द्वारा सहानुभूति तंत्रिका तंत्र (Sympathetic nervous system) की सक्रियता बढ़ जाती है, जिससे परिधीय रक्त वाहिकाओं में वासोडिलेशन (Vasodilation) होता है और रक्तचाप सामान्य हो जाता है।
- 3. कोरोनरी धमनी का अचानक अवरुद्ध हो जाना या मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (Myocardial infarction) हृदय की पेशियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित करता है, जिसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) में ST खंड का उठना या गिरना और T-तरंग का व्युत्क्रम देखा जाता है।
- 4. फुफ्फुसीय शितिलन (Pulmonary ventilation) के दौरान, जब डायफ्राम और बाह्य अंतरपर्शुक पेशियाँ (External intercostal muscles) संकुचित होती हैं, तो वक्ष गुहा का आयतन बढ़ जाता है और इंट्रापल्मोनरी दाब वायुमंडलीय दाब से कम हो जाता है, जिससे हवा फेफड़ों के भीतर प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि केरोटिड सायनस और महाधमनी चाप में स्थित रससंवेदी (Chemoreceptors) रक्त में $CO_2$, $H^+$ सांद्रता और $O_2$ के स्तर में परिवर्तन को महसूस कर मेडुला ऑब्लॉंगेटा को संकेत भेजते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि रक्तचाप गिरने पर सहानुभूति तंत्रिका तंत्र की सक्रियता से वासोडिलेशन (Vasodilation) नहीं बल्कि 'वासोकॉन्स्ट्रिक्शन' (Vasoconstriction) होता है, जिससे रक्तचाप बढ़ता है। कथन 3 सही है, मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (हार्ट अटैक) में हृदय पेशियों को पर्याप्त रक्त न मिलने से ECG में विशिष्ट परिवर्तन (जैसे ST खंड में बदलाव) आते हैं। कथन 4 सही है, डायफ्राम और बाह्य अंतरपर्शुक पेशियों के संकुचन से वक्षीय आयतन बढ़ता है और ऋणात्मक दबाव उत्पन्न होने से वायु फेफड़ों में प्रवेश करती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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परमाणु की संरचना कैसी है?
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मानव रोगों और उनके संचरण तंत्र (Transmission Mechanisms) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ट्राइकोफाइटन (Trichophyton) और माइक्रोज़्स्पोरम (Microsporum) जैसे कवक (Fungi) दाद (Ringworm) रोग के लिए उत्तरदायी हैं, जो मुख्य रूप से मिट्टी या संक्रमित व्यक्तियों के तौलिये, कपड़ों और कंघों के उपयोग से फैलते हैं।
2. फाइलेरियासिस (Elephantiasis) या श्लीपद रोग 'वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी' (Wuchereria bancrofti) नामक गोलकृमि (Nematode) के कारण होता है, और इसका संचरण मादा क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से होता है जो लसीका वाहिनियों (Lymphatic vessels) को प्रभावित करता है।
3. अमीबायसिस (Amoebiasis) या अमीबी अतिसार 'एंटअमीबा हिस्टोलिटिका' (Entamoeba histolytica) द्वारा होता है, जो एक जीवाणु जनित संक्रमण है और यह संदूषित जल तथा भोजन के माध्यम से फैलता है।
4. न्यूमोनिया 'स्ट्रैप्टोकॉकस न्यूमोनिया' और 'हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा' द्वारा होता है, जिसमें संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों (Droplets) के अंतःश्वसन से स्वस्थ व्यक्ति में यह रोग फैल सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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एक आदर्श गैस के लिए एंट्रॉपी में परिवर्तन का सूत्र क्या है यदि तापमान स्थिर है?
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कृत्रिम उपग्रहों की कक्षीय गति और भारहीनता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगा रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical energy) ऋणात्मक होती है, जो इस बात का प्रतीक है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बंधन से बंधा हुआ है, और जब उपग्रह पृथ्वी के निकटतम बिंदु (Perigee) पर होता है, तब उसकी गतिज ऊर्जा अधिकतम तथा स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम होती है।
2. उपग्रह के भीतर स्थित किसी अंतरिक्ष यात्री द्वारा अनुभव की जाने वाली 'भारहीनता' (Weightlessness) का मुख्य कारण यह है कि अंतरिक्ष में पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल पूरी तरह से शून्य हो जाता है, जिससे अंतरिक्ष यात्री पर कोई भी परिणामी बल कार्य नहीं करता है।
3. भू-तुल्यकालिक उपग्रह (Geosynchronous satellite) की घूर्णन अवधि पृथ्वी के अपनी धुरी के चारों ओर घूमने के आवर्त काल के ठीक बराबर होती है, किंतु यह आवश्यक नहीं है कि प्रत्येक भू-तुल्यकालिक उपग्रह विषुवत वृत्त (Equator) के ठीक ऊपर स्थित हो और उसकी कक्षा पूर्णतः वृत्ताकार हो।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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ऊष्मागतिकी के प्रथम और द्वितीय नियमों तथा विभिन्न तापमापी पैमानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का व्यापक रूप है, जिसके अनुसार किसी निकाय को दी जाने वाली ऊष्मा उसकी आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि और निकाय द्वारा किए गए कार्य के योग के बराबर होती है, और यह आंतरिक ऊर्जा को एक अवस्था फलन (State Function) के रूप में परिभाषित करता है।
2. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई विनिमय नहीं होता ($dQ = 0$), जिसके कारण यदि किसी गैस का अचानक संपीडन (Compression) किया जाए, तो उसकी आंतरिक ऊर्जा घट जाती है और ताप कम हो जाता है।
3. केल्विन ताप पैमाने (Kelvin Temperature Scale) पर जल का त्रिक बिंदु (Triple Point of Water) वह विशिष्ट तापमान है जिस पर बर्फ, द्रव जल और जलवाष्प सह-अस्तित्व में होते हैं, और इसका सटीक मान 273.16 K निर्धारित किया गया है।
4. प्लैटिनम प्रतिरोध तापमापी (Platinum Resistance Thermometer) विद्युत प्रतिरोध के तापमान के साथ रैखिक परिवर्तन के सिद्धांत पर कार्य करती है और इसका उपयोग बहुत कम तापमान से लेकर उच्च तापमान (लगभग 1200°C तक) के सटीक मापन के लिए किया जाता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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