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General Science
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भौतिक राशियों और उनके मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity): पास्कल-सेकंड ($Pa \cdot s$) या किग्रा/मीटर-सेकंड ($kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$)
- 2. पृष्ठ तनाव (Surface Tension): न्यूटन/मीटर ($N/m$) या जूल/मीटर² ($J/m^2$)
- 3. प्लांक नियतांक (Planck's Constant): जूल-सेकंड ($J \cdot s$) या किग्रा·मीटर²·सेकंड$^{-1}$ ($kg \cdot m^2 \cdot s^{-1}$)
- 4.
चुंबकीय फ्लक्स (Magnetic Flux): वेबर ($Wb$) या टेस्ला-मीटर² ($T \cdot m^2$) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी भौतिक राशियों के मात्रक पूरी तरह से सही सुमेलित हैं। श्यानता गुणांक का एसआई मात्रक पास्कल-सेकंड या $kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$ है। पृष्ठ तनाव बल प्रति एकांक लंबाई या कार्य प्रति एकांक क्षेत्रफल होता है, अतः इसका मात्रक $N/m$ या $J/m^2$ है। प्लांक नियतांक ऊर्जा और आवृत्ति का अनुपात होता है, जिससे इसका मात्रक $J \cdot s$ प्राप्त होता है। चुंबकीय फ्लक्स का मात्रक वेबर ($Wb$) है, जो $T \cdot m^2$ के बराबर होता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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मानव शरीर में कार्बोहाइड्रेट चयापचय, ग्लाइकोजेनोलिसिस और विभिन्न पोषक तत्वों की जैव-रासायनिक भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्लाइकोजेनेसिस (Glycogenesis) वह प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत यकृत और कंकाल पेशियों में रक्त शर्करा (ग्लूकोज) के आधिक्य को इंसुलिन हार्मोन के प्रभाव से ग्लाइकोजन के रूप में संचित किया जाता है, जबकि उपवास या ऊर्जा की कमी के समय 'ग्लूकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों जैसे अमीनो एसिड और ग्लिसरोल से ग्लूकोज का संश्लेषण करता है।
2. 'पेंटोज़ फॉस्फेट मार्ग' (Hexose Monophosphate Shunt), ग्लाइकोलिसिस के समांतर चलने वाली एक वैकल्पिक चयापचय प्रक्रिया है जो मुख्य रूप से साइटोप्लाज्म में संपन्न होती है और इसका प्रमुख उद्देश्य NADPH तथा राइबोज़-5-फास्फेट का उत्पादन करना है, जो न्यूक्लिक अम्ल संश्लेषण और वसा अम्लों के अपचयन के लिए अनिवार्य हैं।
3. आंतों द्वारा कार्बोहाइड्रेट का अवशोषण हमेशा केवल सरल विसरण (Simple diffusion) के माध्यम से होता है, क्योंकि ग्लूकोज और गैलक्टोज जैसे मोनोसैक्राइड्स के अणुओं का आकार बहुत छोटा होता है और इन्हें प्लाज्मा झिल्ली को पार करने के लिए किसी भी विशिष्ट सोडियम-निर्भर ट्रांसपोर्टर (SGLT1) की आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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