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General Science
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ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के नियमों और तापमान मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की अवधारणा को परिभाषित करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
  2. 2. कार्नोट इंजन (Carnot engine) की दक्षता केवल स्रोत (Source) और सिंक (Sink) के तापमान पर निर्भर करती है, और यह इस बात पर निर्भर नहीं करती कि कार्यकारी पदार्थ (Working substance) के रूप में किस गैस या द्रव का उपयोग किया जा रहा है।
  3. 3. जल का त्रिक बिंदु (Triple Point) वह विशिष्ट ताप और दाब है जिस पर शुद्ध जल, उसकी वापिसा (Vapour), द्रव जल और बर्फ (Solid ice) तीनों साम्य अवस्था में सह-अस्तित्व रखते हैं, और इसे केल्विन पैमाने के निर्धारण के लिए आधार माना जाता है।
  4. 4. स्थिर आयतन गैस तापमापी (Constant-volume gas thermometer) में गैस के दाब और तापमान के रैखिक संबंध का उपयोग किया जाता है, और यह तापमापी पारे के तापमापी की तुलना में अत्यधिक उच्च तापमान (जैसे 1000°C से अधिक) को मापने के लिए कम संवेदनशील और अशटीक होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम तापीय साम्य और तापमान की माप का आधार प्रदान करता है। कार्नोट इंजन की सैद्धांतिक दक्षता $\eta = 1 - \frac{T_2}{T_1}$ होती है, जो केवल स्रोत और सिंक के ताप पर निर्भर करती है। जल का त्रिक बिंदु (Triple Point of Water) 273.16 K और 611.65 Pa दाब पर होता है जहाँ तीनों अवस्थाएँ सह-अस्तित्व में रहती हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि स्थिर आयतन गैस तापमापी अत्यधिक संवेदनशील और पारे के तापमापी की तुलना में अधिक विस्तृत परास (Range) और उच्च तापमान मापने के लिए अधिक यथार्थ (Accurate) माने जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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