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General Science
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धातुकर्म (Metallurgy) और मिश्रधातुओं (Alloys) के रासायनिक संघटन तथा गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कॉपर पाइराइट्स ($CuFeS_2$) के प्रगलनी (Smelting) के दौरान प्राप्त 'मैट' (Matte) मुख्य रूप से क्यूप्रस सल्फाइड ($Cu_2S$) और फेरस सल्फाइड ($FeS$) का मिश्रण होता है, जिसे प्रवर्धनी भट्टी (Bessemer converter) में सिलिका के साथ गर्म करके फेरस सल्फाइड को फेरस सिलिकेट के रूप में धातुमल (Slag) के रूप में पृथक कर लिया जाता है।
  2. 2. 'जर्मन सिल्वर' (German Silver) एक प्रसिद्ध मिश्रधातु है जिसमें नाममात्र के लिए भी सिल्वर (Ag) का अंश नहीं पाया जाता है, बल्कि इसका मुख्य संघटन तांबा (Cu), जस्ता (Zn) और निकल (Ni) होता है।
  3. 3. जिंक ब्लेंड ($ZnS$) अयस्क के सांद्रण के लिए 'फेन प्लवन प्रक्रम' (Froth Flotation Process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें चीड़ का तेल (Pine oil) संग्राहक (Collector) के रूप में और सोडियम साइनाइड ($NaCN$) अवसादक (Depressant) के रूप में कार्य करता है जो ZnS को फेन में आने से रोकता है जबकि FeS को तैरने देता है।
  4. 4. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हెరॉल्ट प्रक्रम में शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) में घोला जाता है, जो एलुमिना के गलनांक को कम करने के साथ-साथ उसकी विद्युत चालकता को भी सुगम बनाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: कॉपर पाइराइट्स के प्रगलन से प्राप्त 'मैट' $Cu_2S$ और $FeS$ का मिश्रण होता है, जिसे बेसेमर कन्वर्टर में फेरस सिलिकेट धातुमल के रूप में शुद्ध किया जाता है। कथन 2 सही है: जर्मन सिल्वर में तांबा (50%), जस्ता (35%) और निकल (15%) होते हैं, इसमें चांदी बिल्कुल नहीं होती। कथन 3 गलत है क्योंकि सोडियम साइनाइड ($NaCN$) अवसादक के रूप में $ZnS$ को नहीं बल्कि $FeS$ (आयरन सल्फाइड) को फेन में जाने से रोकता है और $ZnS$ को फेन के साथ ऊपर आने देता है। कथन 4 सही है: हॉल-हెరॉल्ट प्रक्रम में क्रायोलाइट एलुमिना का गलनांक घटाकर विद्युत चालकता बढ़ाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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