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General Science
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लेंस का सूत्र?

Detailed Explanation

1/f = 1/v - 1/u।
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) सामान्यतः घटती है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में वृद्धि होती है, जिससे बाह्यतम इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर अधिक तीव्रता से आकर्षित होते हैं। 2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान हैलोजन समूहों में सबसे अधिक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में सबसे अधिक होता है। 3. आयनन एन्थैल्पी (Ionisation Enthalpy) का मान किसी भी आवर्त में न्यूनतम क्षार धातुओं (Alkali Metals) के लिए और अधिकतम उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) के लिए होता है। 4. तत्वों के धात्विक गुण (Metallic Character) वर्ग में नीचे की ओर जाने पर बढ़ते हैं क्योंकि आयनन ऊर्जा के मान कम होने से इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों—पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र—की सूक्ष्म क्रियात्मक एवं नियमन प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आमाशय की मुख्य या पैप्टिक कोशिकाएँ (Chief or Peptic cells) 'प्रोएन्जाइम पेप्सिनोजेन' का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीन को प्रोटीएज और पेप्टोन में जल-अपघटित करता है। 2. फेफड़ों में गैसीय विनिमय के दौरान, जब रक्त सक्रिय ऊतकों से गुजरता है जहाँ उच्च $CO_2$ सांद्रता, उच्च तापमान और कम $pH$ होता है, तो हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन के प्रति बंधुता घट जाती है, जिससे ऑक्सीजन का विमोचन आसान हो जाता है, जिसे 'बोर प्रभाव' (Bohr effect) कहा जाता है। 3. मानव हृदय के संवहन तंत्र में 'सिनोएट्रियल नोड' (SA Node) प्राकृतिक पेसमेकर के रूप में कार्य करता है, जबकि 'एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड' (AV Node) आवेगों में थोड़ा विलंब उत्पन्न करता है ताकि आलिंदों का संकुचन निलयों के संकुचन से पूर्णतः पहले हो सके। 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में तंत्रिका तंतुओं पर माइलिन आच्छद (Myelin sheath) का निर्माण 'शवान कोशिकाओं' (Schwann cells) द्वारा किया जाता है, जो तंत्रिका आवेगों के संचरण की गति को धीमा कर देती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? जीवाणुभोजी (Bacteriophages) के आनुवंशिक संगठन और हर्षे-चेस (Hershey-Chase) प्रयोग के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हर्षे-चेस प्रयोग ने यह निर्णायक प्रमाण दिया कि आनुवंशिक पदार्थ डीएनए है, जिसके लिए उन्होंने रेडियोधर्मी समस्थानिकों सल्फर-35 ($^{35}S$) का उपयोग प्रोटीन कोट को चिह्नित करने के लिए और फॉस्फोरस-32 ($^{32}P$) का उपयोग डीएनए को चिह्नित करने के लिए किया था। 2. जब एक टी-समूह ($T_2$) जीवाणुभोजी किसी बैक्टीरिया को संक्रमित करता है, तो उसका संपूर्ण न्यूक्लियोप्रोटीन कैप्सिड (Protein coat) बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति को भेदकर अंदर प्रवेश कर जाता है, जबकि डीएनए बाहर ही छूट जाता है। 3. अधिकांश जीवाणुभोजी में आनुवंशिक पदार्थ के रूप में द्वि-रज्जुक डीएनए (Double-stranded DNA) पाया जाता है, किंतु कुछ ऐसे भी भोजी होते हैं जिनमें एकल-रज्जुक डीएनए या आरएनए भी आनुवंशिक पदार्थ के रूप में उपस्थित हो सकता है। 4. जीवाणुभोजी द्वारा अनुवांशिक सूचनाओं के एक जीवाणु से दूसरे जीवाणु में स्थानांतरण की प्रक्रिया को पारक्रमण (Transduction) कहा जाता है, जिसकी खोज जेंडर और लेडरबर्ग द्वारा साल्मोनेला टाइफिमुरियम में की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में विभिन्न कोशिकांगों और कोशिका विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूत्रकणिका (Mitochondria) और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग हैं जिनमें स्वयं का द्विमार्गी वृत्ताकार डीएनए और 70S प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं, लेकिन इनमें प्रोटीन संश्लेषण की क्षमता पूर्णतः अनुपस्थित होती है। 2. गॉल्जी उपकरण का 'cis' (निर्माण) चेहरा अंतर्द्रव्यी जालिका की तरफ और 'trans' (परिपक्व) चेहरा प्लाज्मा झिल्ली की तरफ स्थित होता है, जो ग्लाइकोसिलेशन और ग्लाइकोलिपिड के संश्लेषण का प्रमुख स्थल है। 3. सूत्री विभाजन (Mitosis) की पश्चावस्था (Anaphase) के दौरान गुणसूत्रों के सेंट्रोमियर विभाजित होते हैं और姊妹 क्रोमैटिड्स (Sister chromatids) अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं। 4. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैकीटीन (Pachytene) अवस्था में समजात गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक पदार्थों का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' कहा जाता है और यह प्रक्रिया 'रिकॉम्बिनेज' एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal Waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse Waves) की भौतिक प्रकृति तथा माध्यम में उनके संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुदैर्ध्य तरंगों में माध्यम के कणों के कंपन की दिशा तरंग संचरण की दिशा के समानांतर होती है, जिससे माध्यम में संपीडन (Compressions) और विरलन (Rarefactions) उत्पन्न होते हैं, और ये तरंगें ठोस, द्रव तथा गैस तीनों माध्यमों में संचरित हो सकती हैं। 2. अनुप्रस्थ तरंगों में माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं, जिससे श्रृंग (Crests) और गर्त (Troughs) का निर्माण होता है, और ये तरंगें केवल ठोसों में तथा द्रवों के भीतर संचरित हो सकती हैं किंतु गैसों में इनका संचरण संभव नहीं है क्योंकि गैसें अपरूपण प्रतिबल (Shear Stress) को सहन नहीं कर पाती हैं। 3. किसी गैस में ध्वनि तरंगों की चाल (Velocity of Sound) लाप्लास के संशोधन के अनुसार माध्यम के प्रत्यास्थता गुणांक और उसके घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, तथा तापमान में वृद्धि होने पर ध्वनि की चाल बढ़ जाती है। 4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता के बीच आपेक्षिक गति होती है, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति में परिवर्तन होता है, और यह प्रभाव केवल प्रकाश तरंगों पर लागू होता है, ध्वनि तरंगों पर नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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