त्वरित लिंक्स
General Science
10 views
परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत यह स्पष्ट करता है कि किसी कण की स्थिति और उसके संवेग का एक साथ यथार्थ निर्धारण करना असंभव है, और इनका अनिश्चितता गुणनफल $\Delta x \cdot \Delta p \ge \frac{h}{4\pi}$ होता है।
- 2. किसी बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणु में कक्षक (Orbital) की ऊर्जा का निर्धारण करने के लिए केवल मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) ही उत्तरदायी होती है, और दिगंशी क्वांटम संख्या ($l$) का कक्षीय ऊर्जा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
- 3. पाउली का अपवर्जन सिद्धांत (Pauli's exclusion principle) यह निर्धारित करता है कि एक परमाणु में किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान सर्वसम नहीं हो सकता है, अर्थात् एक कक्षक में विपरीत चक्रण (Opposite spins) वाले अधिकतम दो ही इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं।
- 4. हुंड का अधिकतम बहुकता नियम (Hund's rule of maximum multiplicity) के अनुसार, समान ऊर्जा वाले कक्षकों (डिफ़्यूज़्ड या समभ्रंश कक्षकों) में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक नहीं होता जब तक कि प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन समान चक्रण के साथ न भर जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धांत के अनुसार किसी सूक्ष्म कण की स्थिति और संवेग का एक साथ सटीक मापन असंभव है। कथन 2 गलत है क्योंकि बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं में कक्षकों की ऊर्जा का निर्धारण 'आउफबाउ नियम' के अनुसार मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) और दिगंशी क्वांटम संख्या ($l$) दोनों के योग ($n+l$ नियम) पर निर्भर करता है, केवल $n$ पर नहीं (हाइड्रोजन जैसे एकल-इलेक्ट्रॉन तंत्र में ऊर्जा केवल $n$ पर निर्भर करती है)। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, कथन 3 और 4 (पाउली का अपवर्जन सिद्धांत तथा हुंड का नियम) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास भरने के मूलभूत सिद्धांत हैं जो पूर्णतः सत्य हैं। अतः विकल्प (a) सही है।
Related Questions
→
परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत यह बताता है कि किसी कण की स्थिति और उसके संवेग (या वेग) का एक साथ सटीक निर्धारण करना असंभव है, और इन दोनों अनिश्चितताओं का गुणनफल प्लांक स्थिरांक ($h$) के आधे या उसके आधे से अधिक ($h/4\pi$) के बराबर होता है।
2. आउफबाऊ नियम (Aufbau Principle) के अनुसार, परमाणु में कक्षकों को भरने का क्रम उनकी ऊर्जा के बढ़ते क्रम में होता है, जिसका निर्धारण $(n + l)$ नियम द्वारा किया जाता है, जहाँ समान $(n + l)$ मान होने पर उच्च मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) वाले कक्षक को पहले भरा जाता है।
3. पाउली का अपवर्जन सिद्धांत (Pauli's Exclusion Principle) यह स्पष्ट करता है कि किसी परमाणु में किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान सर्वसम (समान) नहीं हो सकता है, और एक कक्षक में विपरीत चक्रण (Spins) वाले अधिकतम दो ही इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं।
4. हुंड का अधिकतम बहुलकता नियम (Hund's Rule of Maximum Multiplicity) यह निर्देश देता है कि किसी उपकोश (Subshell) के कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक नहीं होता जब तक कि प्रत्येक उपलब्ध कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन समानांतर चक्रण के साथ प्रवेश न कर ले।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
प्रकाश का रंग किस पर निर्भर है?
→
तरंगदैर्ध्य (Wavelength) की सबसे बड़ी इकाई?
→
यदि कोई वस्तु प्रकाश के वेग के बराबर चले तो उसका द्रव्यमान क्या होगा?
→
वायुदाब का मापक?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.