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General Science
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मानव शरीर में वृहद पोषक तत्वों के चयापचय और विटामिनों की जैव रासायनिक क्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'ग््लुकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) वह चयापचय मार्ग है जिसके द्वारा गैर-कार्बोहाइड्रेट पूर्ववर्ती जैसे लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो अम्ल से ग्लूकोज का संश्लेषण मुख्य रूप से यकृत और वृक्क में होता है, जो उपवास या भुखमरी की स्थिति में रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
  2. 2. वसा में घुलनशील विटामिनों में, 'विटामिन D' (कैल्सीफेरॉल) का सक्रिय रूप '1,25-डाइहाइड्रॉक्सीकोलेकैल्सीफेरॉल' वास्तव में एक स्टेरॉयड हॉर्मोन की तरह कार्य करता है, जो आंतों से कैल्शम और फॉस्फेट के अवशोषण को विनियमित करता है, और इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' तथा वयस्कों में 'ऑस्टियोमैलेशिया' नामक रोग हो जाता है।
  3. 3. जल-विलेय विटामिनों में, 'विटामिन B1' (थियामिन) का सक्रिय रूप 'थियामिन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) कार्बोहाइड्रेट चयापचय के दौरान पाइरुवेट के एसिटाइल-कोए में ऑक्सीडेटिव डीकार्बोक्सिलेशन के लिए एक आवश्यक सह-एंजाइम है, और इसकी भारी कमी से 'बेरी-बेरी' नामक विकार उत्पन्न होता है।
  4. 4. 'विटामिन B12' (सायनोकोबलामिन) का अवशोषण छोटी आंत के शुरुआती हिस्से (ग्रहणी या डियोडेनम) में स्वतंत्र रूप से होता है, जिसके लिए पेट के 'आंतरिक कारक' (Intrinsic factor) की कोई आवश्यकता नहीं होती है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। ग्लुकोनियोजेनेसिस गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों से ग्लूकोज बनाने की प्रक्रिया है जो उपवास के दौरान रक्त शर्करा को नियंत्रित रखती है। सक्रिय विटामिन डी वास्तव में एक हॉर्मोन की भाँति कार्य करता है और आंतों में कैल्शियम-फॉस्फेट के अवशोषण को बढ़ाता है। विटामिन B1 (थियामिन) का सक्रिय रूप TPP पाइरुवेट डिहाइड्रोजनेज कॉम्प्लेक्स के लिए एक महत्वपूर्ण सह-एंजाइम है। हालांकि, कथन 4 गलत है क्योंकि विटामिन B12 के अवशोषण के लिए गैस्ट्रिक म्यूकोसा द्वारा स्रावित 'आंतरिक कारक' (Intrinsic factor) का होना अनिवार्य होता है, जिसके बिना इसका अवशोषण संभव नहीं है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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