त्वरित लिंक्स
General Science
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सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion) करने वाले किसी कण की कुल यांत्रिक ऊर्जा (Total Mechanical Energy) और उसके विस्थापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सरल आवर्त गति कर रहे कण की कुल यांत्रिक ऊर्जा उसके आयाम (Amplitude) के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होती है, और यह ऊर्जा समय के साथ स्थिर रहती है, बशर्ते प्रणाली पर कोई मंदक बल (Damping force) कार्य न कर रहा हो।
- 2. गति के दौरान जब कण अपनी माध्य स्थिति (Mean position) से गुजरता है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा अधिकतम होती है और गतिज ऊर्जा शून्य होती है।
- 3. जब कण अपने किसी एक चरम बिंदु (Extreme position) पर पहुँचता है, तो उसका त्वरण अपने अधिकतम मान पर होता है, जबकि उसका वेग शून्य हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion) में कण की कुल यांत्रिक ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है और यह आयाम के वर्ग ($A^2$) के अनुक्रमानुपाती होती है। जब कण अपनी माध्य स्थिति (Mean position) से गुजरता है, तो उसका वेग अधिकतम और गतिज ऊर्जा अधिकतम होती है, जबकि स्थितिज ऊर्जा शून्य होती है। इसके विपरीत, चरम बिंदुओं (Extreme positions) पर वेग शून्य होने के कारण गतिज ऊर्जा शून्य और स्थितिज ऊर्जा अधिकतम होती है। चरम बिंदुओं पर विस्थापन अधिकतम होने के कारण त्वरण भी अधिकतम होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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तरंग गति और ध्वनि तरंगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि तरंगों का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया होती है, क्योंकि संपीडन और विरलन की प्रक्रिया इतनी तीव्र होती है कि ऊष्मा का आदान-प्रदान (Heat exchange) संभव नहीं हो पाता है।
2. लाप्लास द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार, न्यूटन के सूत्र में आयतन प्रत्यास्थता गुणांक के स्थान पर समतापीय प्रत्यास्थता गुणांक का उपयोग किया गया, जिससे सामान्य ताप पर हवा में ध्वनि की गति का प्रायोगिक मान (लगभग 332 m/s) सटीक रूप से प्राप्त हुआ।
3. जब कोई ध्वनि स्रोत किसी स्थिर श्रोता की ओर गति करता है, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति का मान वास्तविक आवृत्ति से अधिक प्रतीत होता है, और यह परिघटना 'डॉप्लर प्रभाव' (Doppler Effect) कहलाती है।
4. अपश्रव्य तरंगों (Infrasonic waves) की आवृत्ति 20 Hz से कम होती है, जिन्हें मानव कान द्वारा नहीं सुना जा सकता, जबकि पराश्रव्य तरंगों (Ultrasonic waves) का उपयोग सोनार (SONAR) प्रणाली में समुद्र की गहराई मापने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव के लिए आइंस्टीन को क्या मिला?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'थर्माइट प्रक्रम' (Thermite Process) में एल्युमिनियम पाउडर का उपयोग अपचायक (Reducing agent) के रूप में किया जाता है, जो भारी संक्रमण धातुओं (जैसे फेरिक ऑक्साइड) को अपचयित करके पिघली हुई अवस्था में धातु निष्कर्षण में सहायता करता है, क्योंकि एल्युमिनियम की ऑक्सीजन के प्रति बंधुता अत्यधिक उच्च होती है।
2. जब सफेद फॉस्फोरस ($P_4$) को कास्टिक सोडा ($NaOH$) के सांद्र जलीय विलयन के साथ अक्रिय वातावरण में गर्म किया जाता है, तो यह असमानुपातन (Disproportionation) अभिक्रिया के माध्यम से फॉस्फीन गैस ($PH_3$) और सोडियम हाइपोफॉस्फाइट का निर्माण करता है।
3. उत्कृष्ट गैसों में केवल क्ज़ेनॉन (Xenon) ही कुछ निश्चित परिस्थितियों में फ्लोरीन और ऑक्सीजन के साथ स्थायी सहसंयोजक यौगिक जैसे $XeF_2$, $XeF_4$ और $XeO_3$ बनाता है, क्योंकि इसकी आयनन एन्थैल्पी का मान भारी आकार के कारण अपेक्षाकृत कम और ध्रुवण क्षमता उच्च होती है।
4. संक्षारण (Corrosion) के दौरान लोहे पर जंग लगने की विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया में, एनोड क्षेत्र पर लोहे का ऑक्सीकरण होकर $Fe^{2+}$ आयन बनते हैं, जबकि कैथोड क्षेत्र पर ऑक्सीजन का अपचयन होता है, और वायुमंडल में उपस्थित नमी तथा कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति इस पूरी प्रक्रिया को धीमा कर देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न आनुवंशिक, संक्रामक तथा अपक्षयी (Degenerative) रोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'हंटिंगटन रोग' (Huntington's disease) एक ऑटोसोमल प्रभावी (Autosomal dominant) न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार है, जो क्रोमोसोम 4 पर स्थित 'HTT' जीन में CAG ट्रिपलेट रिपीट के अत्यधिक विस्तार (Trinucleotide repeat expansion) के कारण होता है।
2. 'प्रियन रोग' (Prion diseases), जैसे क्रूउत्ज़feldt-जैकोब रोग (CJD), संक्रामक विकृत प्रोटीन कणों के कारण होने वाले घातक मस्तिष्क विकार हैं, जिनमें आनुवंशिक सामग्री (DNA या RNA) पूर्णतः अनुपस्थित होती है और ये ऊष्मा तथा सामान्य स्टरलाइज़ेशन विधियों के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी होते हैं।
3. 'फिनाइलकेटोन्यूरिया' (Phenylketonuria) एक एक्स-लिंक्ड अप्रभावी (X-linked recessive) आनुवंशिक विकार है, जो 'फिनाइलएलैनिन हाइड्रॉक्सिलेज़' एंजाइम की कमी के कारण होता है, जिससे फिनाइलएलैनिन का संचय मस्तिष्क में गंभीर मानसिक मंदता (Intellectual disability) का कारण बनता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर में 'मायलीन शीथ' (Myelin Sheath) के निर्माण और उसके कार्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) में मायलीन शीथ का निर्माण 'ऑलिगोडेंड्रोजसाइट्स' (Oligodendrocytes) नामक कोशिकाओं द्वारा होता है, जबकि परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) में यह कार्य 'श्वान कोशिकाओं' (Schwann cells) द्वारा किया जाता है।
2. यह तंत्रिका तंतुओं (Nerve fibers) के चारों ओर एक विद्युतरोधी (Insulating) आवरण के रूप में कार्य करती है, जिससे तंत्रिका आवेगों (Nerve impulses) की चालन गति कम हो जाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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