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General Science
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मानव रोगों, उनके रोगजनकों (Pathogens) और उनके संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. कालाजार (Kala-azar): यह 'लीशमैनिया डोनोवानी' (Leishmania donovani) प्रोटोजोआ के कारण होता है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी - Phlebotomus) द्वारा होता है और यह मुख्य रूप से यकृत तथा प्लीहा को प्रभावित करता है।
- 2. स्लीपिंग सिकनेस (African Sleeping Sickness): यह 'ट्रिपैनोसोमा' (Trypanosoma) प्रजाति के कारण होता है, जिसका वाहक 'त्से त्सें मक्खी' (Tsetse fly) है और यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
- 3. ट्राइकोनोमायसिस (Trichinosis): यह एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो संदूषित जल और भोजन के सेवन से फैलता है, और इसमें मुख्य रूप से आंतों की उपकला और श्वसन तंत्र नष्ट हो जाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
युग्म 1 सही है क्योंकि कालाजार (Visceral leishmaniasis) 'लीशमैनिया डोनोवानी' नामक प्रोटोजोआ द्वारा होता है और इसका वाहक मादा सैंडफ्लाई (Phlebotomus) होती है। युग्म 2 सही है क्योंकि अफ्रीकी निद्रा रोग (African sleeping sickness) 'ट्रिपैनोसोमा ब्रूसी' प्रोटोजोआ के कारण होता है और इसका वाहक त्से त्सें मक्खी (Glossina genus) है जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। युग्म 3 गलत है क्योंकि 'ट्राइकोनोमायसिस' (Trichinosis) कोई जीवाणु जनित रोग नहीं है, बल्कि यह एक परजीवी सूत्रकृमि (Nematode worm - Trichinella spiralis) के कारण होता है जो अधपके मांस के सेवन से फैलता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम, रोगजनकों तथा उनके निदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी (Clostridium tetani) के बीजाणुओं द्वारा होता है, और इसके विषैले एक्सोटॉक्सिन (टिटेनोस्पासमिन) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके कंकाल पेशियों में दीर्घकालिक अनैच्छिक संकुचन (Spasms) उत्पन्न करते हैं।
2. 'एड्स' (AIDS) का कारक ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) एक रेट्रोवाइरस है जिसमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में एकल-रज्जुक डीएनए (Single-stranded DNA) पाया जाता है, जो मुख्य रूप से शरीर की $CD4^+$ सहायक टी-कोशिकाओं को संक्रमित करता है।
3. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy) जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, माइकोबैक्टीरियम लेप्री के कारण होता है, जो एक अंतःकोशिकीय जीवाणु है और मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं, त्वचा तथा ऊपरी श्वसन पथ के ऊतकों को प्रभावित करता है।
4. 'कालाजार' (Kala-azar) या विसरल लीशमैनियासिस एक प्रोटोजोआ जनित रोग है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी - Phlebotomus) द्वारा होता है, और यह परजीवी मुख्य रूप से मानव शरीर की यकृत, प्लीहा और अस्थि मज्जा की रेटिकुलोएन्डोथेलियल कोशिकाओं में गुणन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मृगतृष्णा (Mirage) का बनना क्या है?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल सहसंयोजक बंध (Sigma bonds) होते हैं, और इन्हें 'पैराफिन' (Paraffins) भी कहा जाता है क्योंकि इनकी रासायनिक प्रतिक्रियाशीलता सामान्य परिस्थितियों में बहुत कम होती है।
2. 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) पेट्रोल (गैसोलीन) की प्रस्फोटन-रोधी (Anti-knocking) क्षमता का माप है, जिसमें अत्यधिक प्रस्फोटन उत्पन्न करने वाले 'n-हेप्टेन' को शून्य (0) और उच्च प्रस्फोटन-रोधी गुण वाले 'आइसो-ऑक्टेन' को 100 अंक दिए जाते हैं।
3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, और इसे cylinders में गंधहीन रूप में भरा जाता है, जिससे सुरक्षा कारणों से रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें एथिल मर्कैप्टेन मिलाया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) में गोलीय दर्पणों और अपवर्तन के परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तल दर्पण की फोकस दूरी (Focal length) धनात्मक होती है, जबकि अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है, और किसी भी वास्तविक वस्तु के लिए उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव आभासी, सीधा तथा वस्तु के आकार से छोटा होता है।
2. जब प्रकाश किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक हो जाता है, तब अपवर्तन कोण 90 डिग्री से अधिक हो जाता है और किरण वापस उसी माध्यम में लौट आती है जिसे प्रकाश का विकिपीडिया संदर्भ कहते हैं।
3. लेंस निर्माता सूत्र (Lens Maker's Formula) के अनुसार, लेंस की फोकस दूरी लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक और दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं पर निर्भर करती है, तथा यदि किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ से अधिक हो, तो उसकी फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और लेंस की अभिसारी प्रकृति अपसारी में बदल जाती है।
4. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) की आवर्धन क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक (Objective) लेंस और नेत्रिका (Eyepiece) दोनों की फोकस दूरी बहुत अधिक होनी चाहिए ताकि अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर स्पष्ट बन सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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