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General Science
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प्रकाशिकी (Optics) में गोलीय दर्पणों और अपवर्तन के परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तल दर्पण की फोकस दूरी (Focal length) धनात्मक होती है, जबकि अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है, और किसी भी वास्तविक वस्तु के लिए उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव आभासी, सीधा तथा वस्तु के आकार से छोटा होता है।
- 2. जब प्रकाश किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक हो जाता है, तब अपवर्तन कोण 90 डिग्री से अधिक हो जाता है और किरण वापस उसी माध्यम में लौट आती है जिसे प्रकाश का विकिपीडिया संदर्भ कहते हैं।
- 3. लेंस निर्माता सूत्र (Lens Maker's Formula) के अनुसार, लेंस की फोकस दूरी लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक और दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं पर निर्भर करती है, तथा यदि किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ से अधिक हो, तो उसकी फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और लेंस की अभिसारी प्रकृति अपसारी में बदल जाती है।
- 4. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) की आवर्धन क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक (Objective) लेंस और नेत्रिका (Eyepiece) दोनों की फोकस दूरी बहुत अधिक होनी चाहिए ताकि अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर स्पष्ट बन सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि चिन्ह परिपाटी के अनुसार उत्तल दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक और अवतल दर्पण की ऋणात्मक होती है, तथा उत्तल दर्पण हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है। कथन 2 सही है क्योंकि यह पूर्ण आंतरिक परावर्तन की स्थिति को सही ढंग से परिभाषित करता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी आप विकिपीडिया संदर्भ पर देख सकते हैं। कथन 3 सही है; जब लेंस को उससे अधिक अपवर्तनांक वाले माध्यम में डुबोया जाता है, तो लेंस की प्रकृति (अभिसारी से अपसारी) उलटी हो जाती है। कथन 4 गलत है क्योंकि सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक और नेत्रिका दोनों की फोकस दूरी कम (अल्प) होनी चाहिए, न कि अधिक।
Related Questions
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मानव शरीर में 'हृदय चक्र' (Cardiac Cycle) के दौरान 'वेंट्रिकुलर सिस्टोल' (Ventricular Systole) की प्रारंभिक अवस्था में 'आसोवोल्यूमेट्रिक संकुचन' (Isovolumetric Contraction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस छोटी सी अवधि में निलय (Ventricles) का दबाव तेजी से बढ़ता है, जिससे एट्रियोवेंट्रिकुलर (AV) वाल्व और अर्धचंद्राकार (Semilunar) वाल्व दोनों एक साथ बंद हो जाते हैं।
2. इस प्रावस्था के दौरान निलय के भीतर रक्त का आयतन स्थिर रहता है क्योंकि सभी वाल्व बंद होते हैं और किसी भी कक्ष से रक्त का प्रवेश या निकास नहीं होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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RNA में थाइमिन की जगह?
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अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse waves) की भौतिक प्रकृति तथा माध्यम में उनके संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुदैर्ध्य तरंगों में माध्यम के कणों का कंपन तरंग संचरण की दिशा के समानांतर होता है, जिसके कारण माध्यम में संपीड़न (Compressions) और विरलन (Rarefactions) क्षेत्रों का निर्माण होता है, और यह तरंगें ठोस, द्रव तथा गैस तीनों माध्यमों में संचरित हो सकती हैं।
2. अनुप्रस्थ तरंगों में माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं, जिससे श्रृंग (Crests) और गर्त (Troughs) बनते हैं, और यह तरंगें केवल ठोस तथा द्रवों की सतह पर ही उत्पन्न की जा सकती हैं क्योंकि गैसों में इनके संचरण के लिए आवश्यक अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear elasticity) का अभाव होता है।
3. किसी गैस में ध्वनि तरंगों की चाल लाप्लास के संशोधन के अनुसार केवल गैस के दाब और घनत्व पर निर्भर करती है, जिसके अंतर्गत न्यूटन के इस isothermal (समतापीय) परिकल्पना को संशोधित किया गया कि ध्वनि का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है।
4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler effect) के अनुसार, यदि ध्वनि स्रोत और श्रोता के बीच की दूरी कम हो रही है, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आभासी आवृत्ति वास्तविक आवृत्ति से कम प्रतीत होती है, चाहे गति स्रोत की हो या श्रोता की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन नियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पीनियल ग्रंथि (Pineal Gland) मस्तिष्क के पृष्ठीय भाग में स्थित होती है और यह 'मेलटोनिन' नामक हॉर्मोन का स्राव करती है, जो शरीर की दैनिक लय (Circadian rhythm) जैसे कि नींद-जागने के चक्र और शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
2. थाइमस ग्रंथि (Thymus Gland) हृदय और महाधमनी के पास वक्ष में स्थित एक मुख्य लिंफाइड अंग है, जो 'थाइमोसिन' (Thymosins) हॉर्मोन का स्राव करता है, जो सेल-मीडिएटेड इम्युनिटी के लिए उत्तरदायी T-लम्फोसाइट्स के विभेदन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3. अधिवृक्क मज्जा (Adrenal Medulla) दो कैटेकोलामाइन्स हॉर्मोन—एड्रेनालाईन (एपिनेफ्राइन) और नॉरएड्रेनालाईन (नॉरएपिनेफ्राइन) का स्राव करती है, जिन्हें 'आपातकालीन हॉर्मोन' या 'लड़ो या भागो' (Fight or Flight) हॉर्मोन कहा जाता है, और ये रक्तचाप, हृदय धड़कन तथा ग्लाइकोजन अपघटन को बढ़ाते हैं।
4. वृषण (Testes) की 'लेडिज कोशिकाएँ' (Interstitial cells) एंड्रोजन (मुख्य रूप से टेस्टोस्टेरोन) हॉर्मोन का संश्लेषण और स्राव करती हैं, जबकि वृक्क (Kidney) द्वारा स्रावित 'एरिथ्रोपोइटिन' हॉर्मोन लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण (Erythropoiesis) को संदमित (inhibit) करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यदि पृथ्वी की घूर्णन गति बढ़ जाए तो भूमध्य रेखा पर g का मान क्या होगा?
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