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General Science
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बॉयल नियम?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
P1V1=P2V2।
Related Questions
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मानव रोगों, उनके संचरण के माध्यम और उनके उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ट्यूबरकुलोसिस' (Tuberculosis) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है, और इसके उपचार के लिए 'डॉट्ज़' (DOTS) प्रणाली के अंतर्गत आइसोनियाज़िड और रिampिनपिसिन जैसी औषधियाँ दी जाती हैं।
2. 'एड्स' (AIDS) एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है जिसका कारक एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवाइरस है, जो मुख्य रूप से शरीर की सहायक टी-लिम्फोसाइट्स ($CD4^+$ T cells) को नष्ट करके प्रतिरक्षा तंत्र को गंभीर रूप से पंगु बना देता है।
3. 'मलेरिया' प्लाज्मोडियम परजीवी के कारण होता है, जिसका संचरण मादा एनाफिलीज मच्छर द्वारा होता है, और यह परजीवी अपने जीवन चक्र का अलैंगिक चरण मानव यकृत कोशिकाओं में पूरा करता है।
4. 'रेबीज' एक तीव्र विषाणु जनित केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का रोग है जो संक्रमित कुत्तों या चमगादड़ों के काटने से लार के माध्यम से फैलता है, और इस रोग के प्रकट होने पर इसकी मृत्यु दर लगभग शून्य होती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में क्रमिक वृद्धि होती है, जिसके फलस्वरूप परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की वांडरवाल्स त्रिज्या उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में काफी बड़ी होती है।
2. ऑक्सीजन की तुलना में नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान अधिक होता है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के 2p कक्षकों का अर्ध-पूर्ण (Half-filled) होना है जो अतिरिक्त स्थायित्व प्रदान करता है।
3. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन और पहले से उपस्थित 2p कक्षकीय इलेक्ट्रॉनों के बीच अंतःइलेक्ट्रॉनिक प्रतिकर्षण बहुत कम होता है।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण 4d और 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम और हाफ़िज़ियम) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिसका मुख्य कारण 4f कक्षकों का आवरण प्रभाव (Shielding effect) अत्यंत दुर्बल होना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में वृद्धि होती है, जिसके कारण परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की वांडरवाल्स त्रिज्या उनके पूर्ण भरे कक्षकों के कारण उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की तुलना में अधिक होती है।
2. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन और पहले से उपस्थित 2p कक्षकीय इलेक्ट्रॉनों के बीच अंतःइलेक्ट्रॉनिक प्रतिकर्षण (Inter-electronic repulsion) कम हो जाता है।
3. संक्रमण तत्वों (d-ब्लॉक के तत्व) की प्रथम संक्रमण श्रेणी में परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ परमाणु त्रिज्याओं में होने वाला संकुचन बहुत कम होता है, जिसका मुख्य कारण 3d कक्षकों का आवरण प्रभाव (Shielding effect) अत्यंत दुर्बल होना है।
4. किसी परमाणु की विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) एक आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर बढ़ती है और वर्ग में नीचे जाने पर घटती है, तथा पॉलिंग पैमाने पर फ्लोरीन की विद्युत ऋणात्मकता सभी तत्वों में सर्वाधिक होती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी और प्रकाशीय उपकरणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब एक द्वيفोकल (Bifocal) लेंस का उपयोग किया जाता है, तो निकट दृष्टि दोष (Myopia) के निवारण के लिए ऊपरी भाग में अवतल लेंस होता है और दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia) के लिए निचले भाग में उत्तल लेंस होता है।
2. सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple microscope) द्वारा बनने वाला अंतिम प्रतिबिंब सामान्यतः आभासी, सीधा और आवर्धित होता है, जब वस्तु को लेंस के प्रकाशित केंद्र और मुख्य फोकस के बीच रखा जाता है।
3. खगोलीय दूरदर्शी (Astronomical telescope) की आवर्धन क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक लेंस (Objective lens) की फोकस दूरी बड़ी और नेत्रिका (Eyepiece) की फोकस दूरी छोटी होनी चाहिए।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) के आधार पर कार्य करने वाले प्रकाशीय तंतु (Optical fibers) में संकेत का संचरण प्रकाश की किरणों के बहु-परावर्तन के सिद्धांत पर आधारित होता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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एलकेन्स, एल्कीन्स और एल्काइन्स जैसे एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन के रासायनिक गुणों और प्रतिक्रिया तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) अत्यधिक निष्क्रिय होते हैं क्योंकि इनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध मजबूत $\sigma$ (सिग्मा) बंध होते हैं, और ये मुख्य रूप से मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free-radical substitution) अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं, जैसे कि सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में हैलोजनीकरण।
2. एल्कीन्स (Alkenes) में कार्बन-कार्बन द्विबंध होता है जिसमें एक मजबूत सिग्मा बंध और एक कमजोर $\pi$ (पाई) बंध शामिल होता है, जिसके कारण ये आसानी से इलेक्ट्रॉनेस्नेही योगात्मक (Electrophilic addition) अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं।
3. एल्काइन्स (Alkynes) के त्रिक बंध में एक सिग्मा और दो पाई बंध होते हैं, और इनके सीमांत (Terminal) हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय प्रकृति के होते हैं, जिन्हें सोडियम धातु या अमोनियामय सिल्वर नाइट्रेट विलयन द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है।
4. मार्कोनीकॉव नियम (Markovnikov's rule) के अनुसार, असममित एल्कीन में किसी अभिकर्मक (जैसे HBr) के योग के दौरान, ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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