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General Science
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विलयन और उत्प्रेरण (Solutions and Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राउल्ट के नियम (Raoult's law) के अनुसार, किसी वाष्पशील विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब का अपेक्षित अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह नियम केवल आदर्श विलयनों (Ideal solutions) द्वारा सभी सांद्रता पर सटिक रूप से पाला जाता है।
- 2. समांग उत्प्रेरण (Homogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक एक ही भौतिक अवस्था (सामान्यतः द्रव या गैस) में होते हैं, जबकि विषमांग उत्प्रेरण में अभिकारक और उत्प्रेरक भिन्न भौतिक अवस्थाओं में होते हैं जहाँ ठोस उत्प्रेरकों की सतह पर अभिकारकों का अधिशोषी सक्रियण (Adsorptive activation) अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) को कम करता है।
- 3. कोलॉइडी विलयनों (Colloidal solutions) में 'टिंडल प्रभाव' (Tyndall effect) तब प्रदर्शित होता है जब प्रक्षिप्त प्रावस्था (Dispersed phase) के कणों का व्यास आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य की तुलना में बहुत अधिक होता है, जिससे प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होने लगता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि राउल्ट का नियम केवल आदर्श विलयनों पर सभी सांद्रता पर लागू होता है, जबकि वास्तविक (Non-ideal) विलयन इस नियम से धनात्मक या ऋणात्मक विचलन दर्शाते हैं। कथन 2 पूरी तरह सत्य है; समांग उत्प्रेरण में उत्प्रेरक और अभिकारक समान प्रावस्था में होते हैं और विषमांग उत्प्रेरण में ठोस उत्प्रेरक की सतह पर अधिशोषण के माध्यम से सक्रियण ऊर्जा घटती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि 'टिंडल प्रभाव' तभी प्रदर्शित होता है जब प्रक्षिप्त कणों का व्यास आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य के लगभग समान या उससे थोड़ा ही कम होता है, न कि बहुत अधिक। विकिपीडिया संदर्भ
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मानव पोषण में विटामिन और उनके सह-एंजाइमी रूपों तथा रासायनिक नाम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन B$_1$ (थायमिन) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'थायमिन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) है, जो कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान पाइरुविक एसिड के ऑक्सीडेटिव डिकार्बोक्सिलेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. विटामिन B$_3$ (नियासिन) 'निकोटिनामाइड एडेनिन डाइब्यूक्लियोटाइड' (NAD$^+$) और NADP$^+$ का एक आवश्यक घटक है, जिसकी कमी से 'पेलग्रा' (Pellagra) रोग होता है, जिसे '3D रोग' (डर्मेटाइटिस, डायरिया और डिमेंशिया) के रूप में जाना जाता है।
3. विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) एक जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में कोलेजन प्रोटीन के हाइड्रॉक्सिलेशन के लिए आवश्यक होता है, और इसकी गंभीर कमी से 'स्कर्वी' रोग होता है, जिसमें मसूड़ों से रक्तस्राव और घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
4. विटामिन B$_{12}$ (सायानोकोबालामिन) यकृत में संचित होने वाला एकमात्र जल-विलेय विटामिन है, जिसमें कोबाल्ट धातु आयन पाया जाता है और इसकी कमी से 'परनीसियस एनीमिया' (Pernicious anemia) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तरलों के सामान्य गुणों (जैसे पृष्ठ तनाव और श्यानता) तथा आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की बूंद का गोलीय आकार न्यूनतम पृष्ठ ऊर्जा बनाए रखने की प्रवृत्ति के कारण होता है, और यदि किसी द्रव में अशुद्धि मिलाई जाए तो उसका पृष्ठ तनाव सदैव बढ़ जाता है।
2. तापमान में वृद्धि होने पर द्रवों की श्यानता घटती है, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, जिसका केंद्र हटाए गए तरल का द्रव्यमान केंद्र होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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हीरे का चमकना किस घटना का उदाहरण है?
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सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) का मान हमेशा क्या होता है?
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हेक्सेन का सूत्र?
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