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General Science
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आनुवंशिकी और आणविक जीवविज्ञान के संदर्भ में, यूकेरियोटिक जीवों में 'जीन अभिव्यक्ति के नियमन' (Regulation of gene expression) और 'RNA हस्तक्षेप' (RNA interference - RNAi) की प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. आरएनए हस्तक्षेप (RNAi) एक उच्च स्तर पर संरक्षित, पोस्ट-ट्रांसक्रिप्शनल जीन साइलेंसिंग (Post-transcriptional gene silencing) तंत्र है, जो विशिष्ट डबल-stranded RNA (dsRNA) अणुओं द्वारा प्रेरित होता है और यह कोशिकाओं को वायरल संक्रमण तथा ट्रांसपोज़न्स से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  2. 2. 'डाइसर' (Dicer) नामक राइबोन्यूक्लिऐज एंजाइम लंबे dsRNA अणुओं को छोटे टुकड़ों में काटता है, जिन्हें स्मॉल इंटरफेयरिंग आरएनए (siRNA) कहा जाता है, जो बाद में 'RISC' (RNA-induced silencing complex) का हिस्सा बनकर लक्षित mRNA को क्षयित (degrade) कर देते हैं।
  3. 3. सूक्ष्म आरएनए (miRNA) और siRNA दोनों की क्रियाविधि पूरी तरह से समान होती है और दोनों ही अपने लक्षित mRNA के साथ 100% क्षार युग्मन (base pairing) करते हैं, जिसके कारण उनके निर्माण में अंतर होने के बावजूद उनका नियंत्रण स्तर और प्रभाव लक्षित कोशिकाओं पर सर्वदा एक जैसा होता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि आरएनए हस्तक्षेप (RNAi) एक जैविक प्रक्रिया है जिसमें आरएनए अणु जीन अभिव्यक्ति या अनुवाद को रोकते हैं, जो पोस्ट-ट्रांसक्रिप्शनल जीन साइलेंसिंग के माध्यम से होता है और यह पौधों तथा जंतुओं में रक्षात्मक तंत्र के रूप में कार्य करता है। कथन 2 सही है क्योंकि 'डाइसर' एंजाइम लंबे डबल-स्ट्रैंडेड आरएनए को siRNA में काटता है, जो RISC कॉम्प्लेक्स के साथ मिलकर विशिष्ट mRNA को नष्ट या अनुवादित होने से रोकता है। कथन 3 गलत है क्योंकि miRNA (सूक्ष्म आरएनए) आमतौर पर अपने लक्षित mRNA के साथ आंशिक क्षार युग्मन (imperfect base pairing) करते हैं और मुख्य रूप से अनुवाद दमन (translational repression) का कार्य करते हैं, जबकि siRNA अधिकांशतः पूर्ण क्षार युग्मन करके mRNA का सीधे विघटन करते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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