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General Science
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प्रकाश वैद्युत प्रभाव (Photoelectric effect) और क्वांटम सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आइंस्टीन के प्रकाश वैद्युत समीकरण के अनुसार, उत्सर्जित होने वाले प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर रेखीय रूप से निर्भर करती है, किंतु यह आपतित प्रकाश की तीव्रता (Intensity) से स्वतंत्र होती है।
- 2. 'देहली आवृत्ति' (Threshold frequency) आपतित प्रकाश की वह न्यूनतम आवृत्ति है जिसके नीचे किसी भी धातु की सतह से प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन संभव नहीं होता है, भले ही प्रकाश की तीव्रता कितनी भी अधिक क्यों न हो।
- 3. कॉम्पटन प्रभाव (Compton effect) यह प्रमाणित करता है कि एक्स-किरणें जब इलेक्ट्रॉनों से प्रकीर्णित होती हैं, तो उनकी तरंगदैर्ध्य बढ़ जाती है, जिससे यह सिद्ध होता है कि फोटॉन में केवल ऊर्जा होती है किंतु संवेग (Momentum) नहीं होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा प्रतिपादित विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित फोटॉन की आवृत्ति पर निर्भर करती है न कि उसकी तीव्रता पर (तीव्रता बढ़ाने से केवल उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ती है)। कथन 2 सही है क्योंकि देहली आवृत्ति वह न्यूनतम सीमा है जिसके बिना उत्सर्जन संभव नहीं है। कथन 3 गलत है क्योंकि कॉम्पटन प्रभाव यह सिद्ध करता है कि फोटॉन में ऊर्जा के साथ-साथ संवेग (Momentum) भी होता है, और प्रकीर्णन के बाद फोटॉन की तरंगदैर्ध्य बढ़ जाती है (तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन को कॉम्पटन विस्थापन कहते हैं)।
Related Questions
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी चालक को किसी चुंबकीय क्षेत्र में गति कराया जाता है, तो उसमें उत्पन्न प्रेरित धारा के कारण एक चुंबकीय क्षेत्र बनता है, जो फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम (Fleming's Left Hand Rule) का पालन करता है।
4. स्वप्रेरणा (Self-induction) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह कुंडली से गुजरने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक 'हेनरी' होता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी किस पर आधारित है?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन नियंत्रण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) के अग्र भाग (Adenohypophysis) द्वारा स्रावित 'ग्रोथ हॉर्मोन' (GH) या सोमैटोट्रोफिन सीधे तौर पर हड्डियों और ऊतकों की वृद्धि को नियंत्रित करता है, और इसकी वयस्क अवस्था में अत्यधिक मात्रा से 'एक्रोमेगाली' (Acromegaly) नामक विकार उत्पन्न होता है।
2. अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) द्वारा स्रावित 'एल्डोस्टेरोन' (Aldosterone) एक मिनरलोकॉर्टिकॉइड है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनravsorption (पुनःअवशोषण) को बढ़ाता है तथा पोटेशियम और फॉस्फेट आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित करता है।
3. पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है, और यह आंतों, हड्डियों तथा वृक्कों पर कार्य करके 'हाइपोकैल्सेमिया' की स्थिति को ठीक करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर में जैविक अणुओं, विशेष रूप से विटामिन और कार्बोहाइड्रेट के उपापचय (Metabolism) और उनके रासायनिक स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जल-विलेय विटामिन (Vitamin B complex और C) शरीर में संचित नहीं होते हैं और मूत्र के माध्यम से उत्सर्जित हो जाते हैं, सिवाय विटामिन $B_{12}$ के, जो यकृत (Liver) में लंबी अवधि के लिए संग्रहित हो सकता है।
2. ग्लाइकोजन एक शाखित बहुलक (Branched polymer) है जो ग्लूकोज इकाइयों से बनता है, जिसमें मुख्य श्रृंखला $\alpha-1,4$ ग्लाइकोसाइडिक बंधों द्वारा और शाखाएँ $\alpha-1,6$ ग्लाइकोसाइडिक बंधों द्वारा जुड़ी होती हैं, और यह मुख्य रूप से यकृत तथा कंकाल पेशियों में संचित होता है।
3. विटामिन D (कैल्सीफेरॉल) एक वसा-विलेय विटामिन है जो वास्तव में एक स्टेरॉयड हार्मोन अग्रदूत (Precursor) के रूप में कार्य करता है, और इसका सक्रिय रूप 'कैल्सीट्रियॉल' आंत से कैल्शियम और फॉस्फेट के अवशोषण को नियंत्रित करता है।
4. सेलूलोज़ पादप कोशिका भित्ति का एक प्रमुख घटक है, जो $\beta$-D-ग्लूकोज इकाइयों से बना एक शाखित पॉलिसैकराइड है, जिसे मानव पाचन तंत्र के एंजाइम (जैसे एमाइलेज) आसानी से पचा सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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लेंस का सूत्र?
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