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General Science
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
- 2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है।
- 3. जब किसी चालक को किसी चुंबकीय क्षेत्र में गति कराया जाता है, तो उसमें उत्पन्न प्रेरित धारा के कारण एक चुंबकीय क्षेत्र बनता है, जो फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम (Fleming's Left Hand Rule) का पालन करता है।
- 4. स्वप्रेरणा (Self-induction) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह कुंडली से गुजरने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक 'हेनरी' होता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि फैराडे के नियम के अनुसार प्रेरित विद्युत वाहक बल फ्लक्स परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है। कथन 2 सही है क्योंकि लेंज का नियम ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत का पालन करता है और प्रेरित धारा हमेशा अपने उत्पन्न होने के कारणों का विरोध करती है। कथन 3 गलत है क्योंकि चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान चालक पर लगने वाले बल या प्रेरित धाराओं से संबंधित दिशा निर्धारण में फ्लेमिंग के 'दाएं हाथ' के नियम (Fleming's Right Hand Rule) का उपयोग किया जाता है, न कि बाएं हाथ के नियम का (जो धारावाही चालक पर बल के लिए होता है)। कथन 4 सही है क्योंकि स्वप्रेरकत्व (Self-inductance) धारा परिवर्तन का विरोध करता है और इसका मात्रक हेनरी है। विकिपीडिया संदर्भ
Related Questions
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प्रकाशिकी (Optics) और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
2. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) और उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) के बीच का संबंध $R = 2f$ केवल वायु या निर्वात में ही मान्य होता है, और यदि दर्पण को पानी में डुबो दिया जाए तो उसके परावर्तन के नियमों के कारण उसकी वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी दोनों बदल जाती हैं।
3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए प्रकाश किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना अनिवार्य है, और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक होना चाहिए।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण के तरीकों और रोगकारकों (Pathogens) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) क्लोस्ट्रीडियम टिटानी (Clostridium tetani) जीवाणु के कारण होता है, जिसके बीजाणु (Spores) मुख्य रूप से मिट्टी या जंग लगी वस्तुओं में पाए जाते हैं, और यह रोग तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके पेशियों में तीव्र ऐंठन (Spasms) उत्पन्न करता है।
2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित जनन-अंग संक्रमण है, जो मुख्य रूप से संक्रमित चमगादड़ों, कुत्तों या अन्य स्तनधारियों के काटने से लार के माध्यम से तंत्रिका तंत्र में फैलता है और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से क्षति पहुँचाता है।
3. 'कालाजार' (Kala-azar) या विसरल लीशमैनियासिस एक प्रोटोजोआ जनित रोग है, जो 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी) के काटने से फैलता है और इसके परजीवी मुख्य रूप से यकृत, प्लीहा (Spleen) तथा अस्थि मज्जा (Bone marrow) की रेटिकुलोएन्डोथेलियल कोशिकाओं को संक्रमित करते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा अष्टक-अपूर्ण यौगिक (जैसे $BF_3$) उत्कृष्ट लुईस अम्ल के रूप में कार्य करते हैं।
2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार, एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म (Conjugate acid-base pair) में केवल एक प्रोटॉन ($H^+$) का अंतर होता है, और किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार अत्यधिक दुर्बल होता है।
3. जब किसी दुर्बल अम्ल के लवण को उसके प्रबल क्षार के साथ जल में घोला जाता है, तो जल-अपघटन (Hydrolysis) के फलस्वरूप प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति अम्लीय होती है और विलयन का pH मान 7 से कम होता है।
4. जल के स्व-आयनन (Self-ionization) के कारण, शुद्ध जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) तापमान पर निर्भर करता है, और तापमान बढ़ाने पर $K_w$ का मान बढ़ने से शुद्ध जल का pH मान 7 से कम हो जाता है, यद्यपि वह रासायनिक रूप से उदासीन ही रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी अक्ष (Hypothalamic-Pituitary Axis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पिट्यूटरी (Adenohypophysis) को ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) का स्रावण करने के लिए प्रेरित करता है, जो प्युर्टरी पोर्टल तंत्र के माध्यम से अग्र पिट्यूटरी तक पहुँचते हैं।
2. पश्च पिट्यूटरी (Neurohypophysis) स्वयं किसी भी हॉर्मोन का संश्लेषण नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस के अधिवृक्क न्यूरोसेक्रेटरी कोशिकाओं द्वारा उत्पादित ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हॉर्मोन का भंडारण और विमोचन करती है।
3. अधिवृक्क वल्कल (Adrenal Cortex) का 'जोना ग्लोमेरुलोसा' (Zona glomerulosa) क्षेत्र मिनरलोकोर्टिकोइड्स (मुख्य रूप से एल्डोस्टेरोन) का स्रावण करता है, जो वृक्क नलिकाओं द्वारा सोडियम आयनों और जल के पुनravशोषित होने को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम और हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है।
4. पैराथायराइड ग्रंथियों द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपोकैल्सेमिक हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करता है, क्योंकि यह अस्थियों से कैल्शियम के पुनravशोषण को रोकता है और वृक्क द्वारा कैल्शियम के उत्सर्जन को बढ़ाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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