त्वरित लिंक्स
General Science
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पराश्रव्य तरंगें (Ultrasonic Waves) किस सीमा की होती हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
20,000 Hz से उच्च आवृत्ति।
Related Questions
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विशिष्ट ऊष्मा क्षमता (Specific Heat Capacity) और ऊष्मागतिकी के विभिन्न तापमान पैमानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जल की विशिष्ट ऊष्मा क्षमता अत्यधिक उच्च होने के कारण यह एक उत्कृष्ट शीतलक (Coolant) के रूप में कार्य करता है, जिसका अर्थ है कि यह न्यूनतम तापमान परिवर्तन के साथ बड़ी मात्रा में ऊष्मा को अवशोषित या विमुक्त कर सकता है।
2. केल्विन पैमाने पर व्यक्त किया जाने वाला तापमान निरपेक्ष तापमान (Absolute temperature) कहलाता है, और इस पैमाने पर 'त्रिक बिंदु' (Triple point) वह स्थिति है जहाँ जल की तीनों अवस्थाएँ (ठोस, द्रव और गैस) तापीय साम्यावस्था में सह-अस्तित्व में रहती हैं।
3. रुद्धोष्म प्रक्रिया (Adiabatic process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान हो सकता है, बशर्ते कि निकाय की कुल आंतरिक ऊर्जा नियत बनी रहे।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कोशिका के किस भाग को 'प्रोटीन फैक्ट्री' कहा जाता है?
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विद्युत आवेश?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मिट्टी में उगते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर करते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पूरी तरह अनुपस्थित होते हैं।
2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की दर C3 पौधों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इनमें 'हैच-स्लैग मार्ग' पाया जाता है और इनका प्राथमिक कार्बन डाइऑक्साइड ग्राही 'फॉस्फेनाइलपाइरुवेट' (PEP) होता है, जो रुबिस्को एंजाइम की फोटोरेस्पिरेशन (प्रकाश श्वसन) प्रवृत्ति को कम कर देता है।
3. 'साइटोकिनीन' (Cytokinin) एक प्राकृतिक पादप हॉर्मोन है जो मुख्य रूप से कोशिका विभाजन को प्रेरित करता है, शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) को बढ़ावा देता है और पत्तियों में जीर्णता (Senescence) को त्वरित करने का कार्य करता है।
4. 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) को 'तनाव हॉर्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है, जो प्रतिकूल जल तनाव की स्थिति में रंध्रों (Stomata) को बंद करने और बीजों के प्रसुप्तिकरण (Dormancy) को प्रेरित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के वैचारिक और मात्रात्मक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis Acids) वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म (Electron pair) को ग्रहण कर सकती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा केंद्रीय परमाणु के संयोजी कोष में अष्टक अपूर्ण रखने वाले यौगिक (जैसे $BF_3$) लुईस अम्ल की श्रेणी में आते हैं।
2. जब एक दुर्बल अम्ल ($CH_3COOH$) को उसके प्रबल क्षार ($NaOH$) के साथ उदासीनीकरण कराया जाता है, तो बनने वाले लवण का जल-अपघटन (Hydrolysis) होने के कारण तुल्यांकी बिंदु पर विलयन का pH मान 7 से कम (अम्लीय) होता है।
3. ब्रॉन्स्टेड-लाउरी अवधारणा के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) अत्यंत दुर्बल होता है, जबकि जल की उभयधर्मी (Amphoteric) प्रकृति के कारण यह एक ही समय में ब्रॉन्स्टेड अम्ल और ब्रॉन्स्टेड क्षार दोनों के रूप में कार्य कर सकता है।
4. बफर विलयन (Buffer solution) वे विलयन होते हैं जो अपने अंदर थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाने पर अपने pH मान में परिवर्तन का विरोध करते हैं, और अम्लीय बफर विलयन का एक उत्कृष्ट उदाहरण दुर्बल अम्ल और उसके प्रबल क्षार से बने लवण का जलीय मिश्रण है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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