BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
8 views

1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका तथा उससे जुड़े घटनाक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब ने संभाला, जिन्होंने स्वयं को पेशवा घोषित किया और अजीमुल्ला खां को अपना मुख्य सलाहकार तथा राजनीतिक रणनीतिकार नियुक्त किया था।
  2. 2. तात्या टोपे ने कानपुर की सैन्य कमान संभालते हुए ब्रिटिश सेनापति जनरल सर ह्यूरोज की संयुक्त सेनाओं को शुरुआती मुठभेड़ों में करारी शिकस्त दी, जिसके बाद अंग्रेजों ने कानपुर पर कभी अधिकार नहीं किया।
  3. 3. सती चौरा घाट की दुखद घटना के पश्चात ब्रिटिश सेनापति कैंपबेल के नेतृत्व में कानपुर पर पुनः अधिकार कर लिया गया, जिसके बाद नाना साहब नेपाल की तराई की ओर निकल गए और उनका अंतिम जीवन रहस्यमय बना रहा।
  4. 4. अजीमुल्ला खां ने विद्रोह से पूर्व लंदन जाकर पेशवा की पेंशन बहाली के लिए पैरवी की थी और बाद में तात्या टोपे के साथ मिलकर मध्य भारत और कालपी के क्षेत्रों में अंग्रेजों के विरुद्ध सैन्य अभियानों का समन्वय किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

1857 के विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब ने नेतृत्व किया और अजीमुल्ला खां उनके सलाहकार थे। तात्या टोपे ने सैन्य संचालन किया था, किंतु जनरल सर ह्यूरोज मुख्य रूप से झांसी और ग्वालियर के क्षेत्र में सक्रिय थे, जबकि कानपुर में कैंपबेल और जनरल हैवलॉक/नील ने दमन किया था। अतः कथन 2 गलत है। विकिपीडिया संदर्भ
Share:

Related Questions

चंपारण सत्याग्रह (1917) और खेड़ा सत्याग्रह (1918) के प्रारंभिक दौर तथा महात्मा गांधी के सत्याग्रह के प्रयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण में किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करने के लिए बाध्य करने वाली 'तीनकठिया' पद्धति के विरोध में महात्मा गांधी के साथ-साथ राजकुमार शुक्ल, ब्रजकिशोर प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिंह जैसे स्थानीय नेताओं ने भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। 2. चंपारण सत्याग्रह के दबाव के कारण ब्रिटिश सरकार को झुकना पड़ा और गठित 'चंपारण जाँच समिति' की संस्तुतियों के आधार पर 'चंपारण कृषि अधिनियम' (Champaran Agrarian Act) पारित किया गया, जिसने तीनकठिया पद्धति को वैध बनाते हुए इसे और अधिक कड़ा कर दिया। 3. वर्ष 1918 के खेड़ा सत्याग्रह के दौरान, जब फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी और राजस्व संहिता के नियमों के तहत किसानों को लगान माफी का अधिकार था, तब गांधीजी ने किसानों को लगान न चुकाने (no-revenue campaign) का स्पष्ट आह्वान किया और अंततः सरकार को झुकना पड़ा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? राजा टोडरमल ने अकबर से पहले किस अफगान शासक के अधीन राजस्व सुधारों पर कार्य किया था? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद (प्रयागराज) में विद्रोही गतिविधियों और उनके दमन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने किया था, जिन्हें 'फैजाबाद का डंका शाह' भी कहा जाता है, तथा अंग्रेजों ने उन्हें पकड़ने के लिए पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, और अंततः एक स्थानीय राजा के विश्वासघात के कारण उनकी हत्या कर दी गई थी। 2. बरेली में रोहिला प्रतिरोध का नेतृत्व करने वाले खान बहादुर खान ने ब्रिटिश शासन के पतन के उपरांत अपनी स्वतंत्र सरकार स्थापित की थी, किंतु बरेली पर अंग्रेजों के पुनः अधिकार के पश्चात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई। 3. इलाहाबाद (प्रयागराज) में विद्रोह का नेतृत्व करने वाले मौलवी लियाकत अली ने ब्रिटिश सेना के दमन का डटकर मुकाबला किया, किंतु पराजय के बाद वे नेपाल की तराई में सुरक्षित निकल गए और ब्रिटिश रिकॉर्ड के अनुसार वहीं उनकी मृत्यु हो गई। 4. इलाहाबाद में जनरल नील द्वारा अत्यंत क्रूरतापूर्ण दमनकारी कार्रवाई की गई, जिसके तहत शहर में अंधाधुंध गिरफ्तारियां की गईं और सार्वजनिक रूप से फांसी तथा अन्य कठोर दंड देकर विद्रोह को पूरी तरह कुचल दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मुगल काल में "चहार चमन" (Chahar Chaman) के लेखक कौन थे जो शाहजहाँ के सचिव थे? विजयनगर साम्राज्य का प्रथम राजवंश कौन सा था?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.