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History of India
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मुगल काल में "चहार चमन" (Chahar Chaman) के लेखक कौन थे जो शाहजहाँ के सचिव थे?

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चंद्रभान ब्राह्मण शाहजहाँ के सचिव थे जिन्होंने यह पुस्तक लिखी।
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वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) की राजनीतिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पल्लव शासक महेंद्रवमन् प्रथम ने अपने प्रारंभिक जीवन में जैन धर्म का अनुयायी होने के बाद, तमिल संत अप्पर (थिरुनुवुक्करासर) के प्रभाव से शैव धर्म अपना लिया था, तथा महाबलीपुरम में प्रसिद्ध एकश्म 'रथ मंदिरों' (मंडप और रथ) के निर्माण की शुरुआत उसी के काल में हुई थी। 2. बादामी के चालुक्य वंश के महान शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन की उत्तर भारत की विजय यात्रा को रोककर उसे पराजित किया था, और इस ऐतिहासिक घटना का विस्तृत उल्लेख हमें एहोल शिलालेख में मिलता है, जिसकी रचना रविचर्ति ने की थी। 3. चोल राजवंश की सुदृढ़ स्थानीय स्वशासन प्रणाली, विशेष रूप से 'उत्तरमेरूर शिलालेख' (Uttiramerur Inscriptions), में ग्राम सभाओं (कुडम) के गठन, सदस्यों की योग्यता, अयोग्यता और पर्ची प्रणाली (कुरावोलै पद्धति) के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया का अत्यंत विस्तृत वर्णन मिलता है। 4. वर्धन वंश के शासक हर्षवर्धन के शासनकाल में चीनी यात्री ह्वेनसांग भारत आया था, जिसने कन्नौज की भव्य धर्मसभा और प्रयागराज की महामोक्ष परिषद का अपनी यात्रा वृत्तांत 'सी-यु-की' में सजीव वर्णन किया है, तथा हर्षवर्धन ने स्वयं 'रत्नावली', 'प्रियदर्शिका' और 'नागानंद' जैसे नाटकों की रचना की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और स्वदेशी आंदोलन के दौरान घटित निम्नलिखित ऐतिहासिक घटनाओं और उनके प्रभावों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन के विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में प्रसिद्ध 'बहिष्कार प्रस्ताव' (Boycott Resolution) पारित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश निर्मित वस्तुओं का त्याग करना था। 2. ब्रिटिश पत्रकार एच.डब्ल्यू. नेविनसन (H.W. Nevinson), जो स्वदेशी आंदोलन के दौरान भारत आए थे, ने इस आंदोलन के सांस्कृतिक और आर्थिक प्रभावों का सजीव चित्रण अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'द न्यू स्पिरिट इन इंडिया' में किया है। 3. स्वदेशी आंदोलन की प्रतिक्रियास्वरूप दक्षिण भारत में वी. चिदंबरम पिल्लै ने स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी (Swadeshi Steam Navigation Company) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य ब्रिटिश भारत स्टीम नेविगेशन कंपनी की एकाधिकारवादी नीतियों को चुनौती देना था। 4. कांग्रेस के वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन (अध्यक्षता दादाभाई नौरोजी) में उग्रवादी और नरमपंथी गुटों के बीच गंभीर वैचारिक मतभेद के कारण स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा और स्वशासन (राज) के प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? औरंगजेब के शासनकाल में सबसे अधिक हिंदू मनसबदार थे, उनका प्रतिशत लगभग कितना था? वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता और इसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस विद्रोह का नेतृत्व करने वाले अधिकांश देशी शासकों और सामंतों के पास कोई एकीकृत केंद्रीय दृष्टिकोण या अखिल भारतीय राजनीतिक एजेंडा नहीं था, बल्कि वे मुख्य रूप से अपनी खोई हुई जागीरें और रियासतें वापस पाने के संकीर्ण हितों से प्रेरित थे। 2. नाना साहब, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई और बेगम हजरत महल जैसे प्रमुख नेताओं ने अपनी स्थानीय रियासतों की रक्षा के लिए वीरता से संघर्ष किया, किंतु उनमें परस्पर सामंजस्य और एक सक्षम सर्वोच्च सेनापति का पूर्ण अभाव था जो ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध संपूर्ण भारत के मोर्चों को समन्वित कर सके। 3. विद्रोहियों के पास आधुनिक हथियारों, संचार प्रणालियों, प्रशिक्षित सैन्य नेतृत्व और निरंतर वित्तीय संसाधनों की भारी कमी थी, जबकि दूसरी ओर ब्रिटिश पक्ष के पास लॉर्ड कैनिंग का कुशल प्रशासनिक निर्देशन, आधुनिक टेलीग्राफ व्यवस्था और नौसेना की सर्वोच्चता जैसे निर्णायक सामरिक लाभ मौजूद थे। 4. शिक्षित भारतीय मध्यम वर्ग, बड़े व्यापारियों और अधिकांश रियासतों के राजाओं (जैसे सिंधिया, होलकर और हैदराबाद के निजाम) ने इस विद्रोह का सक्रिय रूप से समर्थन किया, जिससे ब्रिटिश सत्ता को भारत से खदेड़ने में क्रांतिकारियों को अपार जनबल प्राप्त हुआ था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? किस पेशवा ने मुगलों के प्रति "पुराने वृक्ष के तने पर प्रहार" करने की नीति अपनाई थी?
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