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History of India
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सत्रहवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में भारत में यूरोपीय कंपनियों के व्यापारिक विस्तार और पुर्तगाली-ब्रिटिश संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1612 में 'स्वाली की लड़ाई' (Battle of Swally) में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के कैप्टन थॉमस बेस्ट ने पुर्तगाली नौसेना को पराजित किया था, जिससे मुगल दरबार में अंग्रेजों की साख बढ़ी और जहांगीर ने उन्हें सूरत में स्थायी कारखाना स्थापित करने की शाही अनुमति प्रदान की।
  2. 2. पुर्तगालियों द्वारा भारतीय समुद्रों में व्यापारिक जहाजों पर कर वसूलने के लिए लागू की जाने वाली 'कार्टाज' (Cartaz) व्यवस्था का विरोध करते हुए ब्रिटिश कंपनी ने एशियाई व्यापारियों को बिना कर के स्वतंत्र आवाजाही का पूर्ण अधिकार देने की घोषणा की थी।
  3. 3. वर्ष 1615 में ब्रिटिश सम्राट जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में सर थॉमस रो जहांगीर के दरबार में उपस्थित हुए, जिनका मुख्य उद्देश्य संपूर्ण भारत में बिना किसी शुल्क के व्यापार करने और अपने कारखाने खोलने का व्यापक अधिकार प्राप्त करना था, जिसमें उन्हें आंशिक सफलता मिली।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि 1612 की स्वाली की लड़ाई में अंग्रेजों की जीत ने पुर्तगाली नौसैनिक एकाधिकार को चुनौती दी और जहांगीर को प्रभावित किया। कथन 2 गलत है क्योंकि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने पुर्तगालियों की 'कार्टाज' व्यवस्था की तर्ज पर स्वयं भी अपनी व्यापारिक शर्तों और एकाधिकार को थोपना शुरू किया था, न कि एशियाई व्यापारियों को पूर्ण स्वतंत्रता दी थी। कथन 3 सही है क्योंकि सर थॉमस रो 1615 में जहांगीर के दरबार में आया था और उसने अंग्रेजों के लिए व्यापारिक रियायतें प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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