BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
6 views

ऋग्वैदिक काल में प्रयुक्त 'निष्क' (Nishka) शब्द का प्रारंभिक अर्थ क्या था और उत्तर वैदिक काल तथा महाजनपद काल तक आते-आते इसके अर्थ में क्या परिवर्तन आया?

Detailed Explanation

ऋग्वैदिक काल में 'निष्क' गले में पहना जाने वाला एक मूल्यवान स्वर्ण आभूषण (Necklace/Ornament) था। हालांकि, उत्तर वैदिक काल और विशेषकर महाजनपद काल तक आते-आते इसका स्वरूप बदल गया और यह विनिमय के माध्यम के रूप में एक प्रतिष्ठित स्वर्ण मुद्रा (Gold Coin) के रूप में प्रयुक्त होने लगा। इस प्रकार के ऐतिहासिक विकास को समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

वर्ष 1857 के विद्रोह के विभिन्न कारणों (राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत सिद्धांत' (डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झांसी का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया गया था, जिसने देशी रियासतों के शासकों और कुलीन वर्ग के मन में गहरी असुरक्षा और असंतोष की भावना पैदा कर दी थी। 2. ब्रिटिश प्रशासन द्वारा वर्ष 1850 में पारित 'धार्मिक अयोग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया कि ईसाई धर्म अपनाने वाले व्यक्ति को अपने ancestral (पैतृक) संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा, जिसे रूढ़िवादी भारतीयों ने ईसाई धर्म में धर्मांतरण को प्रोत्साहित करने का षड्यंत्र माना। 3. आर्थिक मोर्चे पर, ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियों (जैसे रैयतवाड़ी और महालवाड़ी व्यवस्था) और भारत में मशीन-निर्मित सस्ते सूती कपड़ों के बड़े पैमाने पर आयात ने पारंपरिक कुटीर उद्योगों और हस्तशिल्प को पूरी तरह तबाह कर दिया, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों वर्ग गंभीर आर्थिक संकट में आ गए। 4. सेना के भीतर नस्लीय भेदभाव, भारतीय सैनिकों को मिलने वाला कम वेतन, विदेशी सेवा भत्ता (General Service Enlistment Act) समाप्त किए जाने तथा धार्मिक चिह्नों को धारण करने पर प्रतिबंध जैसी नीतियों ने सैनिकों के मन में गहरे रोष को जन्म दिया, जो विद्रोह का तात्कालिक कारण बना। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, केंद्रीय तंत्र और अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौर्य प्रशासन में 'तीर्थ' नामक सर्वोच्च अधिकारियों की संख्या अठारह थी, जिनमें 'सनिधाता' राजकीय कोष का मुख्य अधिकारी और 'समहर्ता' साम्राज्य भर के कर संग्रह तथा आय-व्यय के वार्षिक लेखा-जोखा का प्रमुख अधिकारी होता था। 2. अशोक के धम्म महामात्रों (Dhamma Mahamats) की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य साम्राज्य के विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के बीच सद्भाव स्थापित करना और आम जनता के नैतिक कल्याण की देखरेख करना था, जिनका उल्लेख सम्राट अशोक के विभिन्न शिलालेखों में मिलता है। 3. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार मौर्य राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि और व्यापार पर कड़ा नियंत्रण था, तथा राज्य द्वारा संचालित कृषि फार्मों की देखरेख करने वाले सर्वोच्च अधिकारी को 'सीताध्यक्ष' कहा जाता था। 4. मौर्यकालीन प्रांतीय प्रशासन के अंतर्गत साम्राज्य चार प्रमुख प्रांतों में विभाजित था, जिनकी राजधानियाँ उत्तरापथ (तक्षशिला), दक्षिणापथ (सुवर्णगिरि), अवंती राष्ट्र (उज्जैन) और प्राच्य (पाटलिपुत्र) थीं, और इन प्रांतों का प्रशासन केवल राजकुमारों (कुमार या आर्यपुत्र) द्वारा ही चलाया जाता था, जिसमें स्थानीय मंत्रिपरिषद का कोई हस्तक्षेप नहीं होता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सल्तनत काल में वजीर के विभाग को क्या कहा जाता था? गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था, व्यापार-वाणिज्य तथा मुद्राओं (सिक्कों) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गुप्त राजाओं ने अपने पूर्ववर्ती कुषाणों की तुलना में अत्यधिक मात्रा में शुद्ध सोने के सिक्के जारी किए, जिन्हें अभिलेखों में 'दीनार' कहा गया है, तथा इन स्वर्ण मुद्राओं पर राजाओं के कलात्मक अंकन और उनकी उपलब्धियों का सजीव चित्रण मिलता है। 2. गुप्त काल के उत्तरार्ध में विदेशी व्यापार में भारी गिरावट आई, विशेषकर रोमन साम्राज्य के साथ पतन के बाद, जिसके कारण आंतरिक व्यापार और शहरी केंद्रों (जैसे पाटलिपुत्र और वैशाली) का ह्रास होने लगा, और इस आर्थिक संकट की पुष्टि गुप्त काल में स्वर्ण सिक्कों में सोने की शुद्धता की कमी और चांदी/तांबे के सिक्कों की अल्प मात्रा से होती है। 3. गुप्तकालीन व्यापारिक निगमों या श्रेणियों (Guilds) के अपने स्वयं के प्रशासनिक नियम, कानून और न्यायपालिका होती थी, जिन्हें 'श्रेणीधर्म' कहा जाता था, और ये श्रेणियां न केवल व्यापार का संचालन करती थीं बल्कि बैंकों के रूप में धन जमा करने और ऋण देने का कार्य भी करती थीं। 4. गुप्त प्रशासन में बंदरगाहों का विशेष महत्व था, और पश्चिमी तट पर स्थित 'भारूच' (भ्रुकच्छ) तथा पूर्वी तट पर स्थित 'ताम्रलिप्ति' (Tamralipti) प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह थे, जिनके माध्यम से दक्षिण-पूर्व एशिया (सुवर्णद्वीप) और रोम के साथ समुद्री व्यापार संचालित होता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? 1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के विभिन्न अधिकारियों द्वारा विद्रोह के दमन और क्षेत्रों के मिलान के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. जनरल जॉन निकलसन - दिल्ली 2. सर कॉलिन कैंपबेल - लखनऊ 3. मेजर जनरल सर ह्यूरोज - झाँसी और ग्वालियर 4. कर्नल जेम्स आउट्राम - कानपुर और लखनऊ उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.